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ठंड में ग्रामीणों के हलक सूखे, 15-20 दिनों में एक बार मिल रहा पानी 16-30-46
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अल्मोड़ा। ठंड के मौसम में भी हवालबाग ब्लॉक के गधोली गांव में पेयजल संकट गहरा गया है। कई दिनों से पानी नहीं आ रहा है जिससे ग्रामीण दो से तीन किमी दूर स्थित नौलों, धारों से पानी ढो रहे हैं। नौलों, धारों में भी सुबह से ही लोगों की भारी भीड़ जुट रही है। बच्चों का पूरा दिन पानी जुटाने में ही बर्बाद हो रहा है।
हवालबाग विकासखंड के अंतर्गत ग्राम पंचायत गधोली को कोसी-कसारदेवी पेयजल योजना से जलापूर्ति होती है। प्रधान अर्जुन सिंह मुस्युनी ने बताया कि पेयजल वितरण व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। स्थिति यह है कि दस-दस दिन में एक बार पानी आ रहा है। गर्मियों में तो पानी का संकट रहता ही है इस बार ठंड के मौसम में भी पानी नहीं आ रहा है।
नौले और धारे दो से तीन किमी दूर हैं। नौलों, धारों में भी सुबह से ही लोगों की भीड़ लग जाती है। जिससे यहां भी लोगों को जरूरत की मुताबिक पानी नहीं मिलता। ठंड में मौसम में लोग तड़के ही नौले और धारों से पानी लाने के लिए निकल पड़ते हैं। बच्चों का पूरा दिन पानी जुटाने में ही बर्बाद हो रहा है।
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उन्होंने बताया कि शादी का सीजन नजदीक आ रहा हैै। शादियों में पानी की किल्लत रहती है। उन्होंने जल संस्थान के अधिशासी अभियंता को ज्ञापन देकर पेयजल आपूर्ति जल्द बहाल करने की मांग की। उन्होंने बताया कि पूर्व में भी समस्या को लेकर जल संस्थान के अधिकारियों को ज्ञापन दिए थे लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
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हवालबाग विकासखंड के अंतर्गत ग्राम पंचायत गधोली को कोसी-कसारदेवी पेयजल योजना से जलापूर्ति होती है। प्रधान अर्जुन सिंह मुस्युनी ने बताया कि पेयजल वितरण व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। स्थिति यह है कि दस-दस दिन में एक बार पानी आ रहा है। गर्मियों में तो पानी का संकट रहता ही है इस बार ठंड के मौसम में भी पानी नहीं आ रहा है।
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नौले और धारे दो से तीन किमी दूर हैं। नौलों, धारों में भी सुबह से ही लोगों की भीड़ लग जाती है। जिससे यहां भी लोगों को जरूरत की मुताबिक पानी नहीं मिलता। ठंड में मौसम में लोग तड़के ही नौले और धारों से पानी लाने के लिए निकल पड़ते हैं। बच्चों का पूरा दिन पानी जुटाने में ही बर्बाद हो रहा है।
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उन्होंने बताया कि शादी का सीजन नजदीक आ रहा हैै। शादियों में पानी की किल्लत रहती है। उन्होंने जल संस्थान के अधिशासी अभियंता को ज्ञापन देकर पेयजल आपूर्ति जल्द बहाल करने की मांग की। उन्होंने बताया कि पूर्व में भी समस्या को लेकर जल संस्थान के अधिकारियों को ज्ञापन दिए थे लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।