{"_id":"5fdceef18ebc3e3fbe0ec40d","slug":"fraud-in-almora-almora-news-hld4078725198","type":"story","status":"publish","title_hn":"रामनगर बोर्ड के अनुसार महिला शिक्षा मित्र है इंटर अनुत्तीर्ण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रामनगर बोर्ड के अनुसार महिला शिक्षा मित्र है इंटर अनुत्तीर्ण
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अल्मोड़ा। उच्च न्यायालय के निर्देश पर शिक्षा विभाग राजकीय प्राथमिक और जूनियर हाईस्कूलों में कार्यरत शिक्षकों और शिक्षामित्रों के प्रमाणपत्रों की जांच करवा रहा है। जांच में जिले में फिलहाल एक महिला शिक्षामित्र का इंटर का अंकपत्र फर्जी पाया गया है। उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद रामनगर से भेजी गई जांच रिपोर्ट के अनुसार, यह शिक्षामित्र इंटरमीडिएट अनुत्तीर्ण है। वह 2011 से राजकीय प्राथमिक आदर्श स्कूल मनारी (ताड़ीखेत) में कार्यरत है।
शिक्षा विभाग ने जिले के अन्य शिक्षकों के साथ ही इस महिला शिक्षामित्र के प्रमाणपत्र भी जांच के लिए रामनगर बोर्ड कार्यालय भेजे थे। उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद के संयुक्त सचिव की ओर से डीईओ (प्रारंभिक) को भेजी गई रिपोर्ट में बताया गया कि इस शिक्षामित्र ने 2001 में इंटरमीडिएट की परीक्षा दी थी, जिसमें वह फेल हो गई थी। उसका इंटर का अंकपत्र पूरी तरह अवैध है।
डीईओ प्रारंभिक शिक्षा हरीश सिंह रौतेला ने बताया कि शिक्षामित्र की ओर से नौकरी पाने के लिए लगाए गए इंटरमीडिएट के अंकपत्र में 229 अंक दर्शाए गए हैं, जबकि बोर्ड के अनुसार, शिक्षामित्र ने 209 अंक ही पाए हैं और वह अनुत्तीर्ण है। उन्होंने बताया कि शिक्षामित्र को नोटिस जारी कर प्रमाणपत्रों सहित जांच के लिए शनिवार 19 दिसंबर को सर्व शिक्षा अभियान के कार्यालय में उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं। प्रमाणपत्रों की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
शिक्षा विभाग ने जिले के अन्य शिक्षकों के साथ ही इस महिला शिक्षामित्र के प्रमाणपत्र भी जांच के लिए रामनगर बोर्ड कार्यालय भेजे थे। उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद के संयुक्त सचिव की ओर से डीईओ (प्रारंभिक) को भेजी गई रिपोर्ट में बताया गया कि इस शिक्षामित्र ने 2001 में इंटरमीडिएट की परीक्षा दी थी, जिसमें वह फेल हो गई थी। उसका इंटर का अंकपत्र पूरी तरह अवैध है।
विज्ञापन
डीईओ प्रारंभिक शिक्षा हरीश सिंह रौतेला ने बताया कि शिक्षामित्र की ओर से नौकरी पाने के लिए लगाए गए इंटरमीडिएट के अंकपत्र में 229 अंक दर्शाए गए हैं, जबकि बोर्ड के अनुसार, शिक्षामित्र ने 209 अंक ही पाए हैं और वह अनुत्तीर्ण है। उन्होंने बताया कि शिक्षामित्र को नोटिस जारी कर प्रमाणपत्रों सहित जांच के लिए शनिवार 19 दिसंबर को सर्व शिक्षा अभियान के कार्यालय में उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं। प्रमाणपत्रों की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन