{"_id":"581cc2384f1c1bad31438402","slug":"found-loopholes-in-the-proposal-to-create-the-mini-zoo","type":"story","status":"publish","title_hn":"मिनी जू बनाने के प्रस्ताव में मिलीं कमियां ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मिनी जू बनाने के प्रस्ताव में मिलीं कमियां
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा।
Updated Fri, 04 Nov 2016 10:45 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अल्मोड़ा के एनटीडी में स्थित मृग विहार को मिनी जू में बदलने की योजना फिलहाल सेंट्रल जू अथॉरिटी (सीजेडए) में अटक गई है। वन विभाग द्वारा पूर्व में अथॉरिटी को भेजे गए मिनी जू के प्रस्ताव में कुछ कमियां पाई गई हैं। इससे जू अथॉरिटी ने प्रस्ताव दोबारा बनाकर भेजने को कहा है। इस कारण मिनी जू बनाने की योजना पर फिलहाल काम शुरूनहीं हो पा रहा है।
विज्ञापन
सेंट्रल जू अथॉरिटी ने मृग विहार को मिनी जू बनाने की योजना को मंजूरी दी थी। वन विभाग ने जून 2015 में 38 हेक्टेयर क्षेत्रफल में फैले मृग विहार को मिनी जू में बदलने के लिए 5.40 करोड़ रुपए की लागत की योजना तैयार करके सेंट्रल जू अथॉरिटी को भेजी, लेकिन अथॉरिटी ने इस योजना में कई कमियां पाई हैं। कार्ययोजना को मानकों के मुताबिक तैयार करने के साथ ही जू में रखे जाने वाले जानवरों के बारे में विवरण मांगा है, साथ ही मिनी जू के संचालन के लिए बजट आदि की व्यवस्था के बारे में भी जानकारी चाही है।
विज्ञापन