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वन कर्मी को क्षतिपूर्ति के तौर पर सवा लाख मिलेंगे
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा।
Updated Thu, 10 Nov 2016 10:48 PM IST
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न्यायालय कर्मचारी प्रतिकर आयुक्त (मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट) मनमोहन सिंह की अदालत ने वन विभाग के कोसी रामनगर जिला नैनीताल रेंज में दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी रहे रमेश चंद्र उप्रेती को क्षतिपूर्ति के तौर पर 1.25 लाख रुपए और पांच हजार वाद व्यय का भुगतान करने के आदेश डीएफओ रामनगर को दिए हैं। 1993 में जानवरों को भगाने के लिए बारूदी मसाला तैयार करते वक्त वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे जिससे उनकी दोनों आंखें चली गई थीं।
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जानकारी के मुताबिक रमेश चंद्र उप्रेती रामनगर वन विभाग के कोसी रेंज जिला नैनीताल के बेलगढ़ी नर्सरी में दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी के रूप में 1992 से 21 मार्च 1993 तक कार्यरत थे। 21 मार्च 1993 को ड्यूटी कर रहे रमेश चंद्र ने अधिकारियों के आदेश पर नर्सरी से जंगली जानवरों को भगाने के लिए बारूदी मसाला तैयार कर रखा था। इसी दौरान विस्फोट होने से रमेश चंद्र गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना से रमेश चंद्र की दोनों आंखें चली गईं। घटना के बाद वन विभाग के अधिकारियों ने घायल रमेश की रामनगर में प्राथमिक चिकित्सा कराई। तीसरे दिन 23 मार्च को जिला अस्पताल नैनीताल ले जाया गया जहां रमेश चंद्र दो माह तक भर्ती रहे। इलाज में काफी खर्चा होने के बाद भी उनकी आंखें ठीक नहीं हुईं। जिससे परिवार वालों पर दुखों का पहाड़ टूट गया और रमेश चंद्र को मजबूरी में अपने गांव खेती में रहने को मजबूर होना पड़ा।
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प्रार्थी ने प्रार्थनापत्र में विपक्षीगण से 15 लाख रुपए मुआवजा, इलाज पर खर्च हुए दो लाख और अन्य खर्चे के लिए 50 हजार रुपए और सभी देय धनराशियों पर देय तिथि से बाजार भाव से 12 प्रतिशत ब्याज दिलाए जाने की याचना की थी। न्यायालय ने पत्रावली और मौखिक साक्ष्य के परिसीलन के बाद प्रार्थी को एक लाख 25 हजार रुपए और वाद व्यय के रूप में पांच हजार रुपए का भुगतान एक माह के भीतर करने के आदेश डीएफओ रामनगर को दिए हैं। प्रार्थी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता पीसी तिवारी और मनोज पंत ने पैरवी की।
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