{"_id":"69ee4acc79d952813a089655","slug":"forest-fires-in-almora-send-air-quality-index-to-112-almora-news-c-232-1-shld1002-142662-2026-04-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Almora News: जंगलों में आग से अल्मोड़ा में वायु गुणवत्ता सूचकांक 112 पहुंचा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Almora News: जंगलों में आग से अल्मोड़ा में वायु गुणवत्ता सूचकांक 112 पहुंचा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अल्मोड़ा। जंगलों में धधकती आग अब सिर्फ हरियाली को नहीं बल्कि लोगों की सेहत और वायु गुणवत्ता को भी गहरे संकट में डाल रही है। जंगलों की आग से अल्मोड़ा में वायु गुणवत्ता सूचकांक 112 पहुंच गया है जो अस्वास्थ्यकर है। इससे दमा के मरीजों की सांसें उखड़ रही हैं तो वहीं फेफड़ों के मरीजों का भी दम फूल रहा है।
जिलेभर में जंगलों में आग की घटनाएं सामने आ रही हैं। जंगलों की आग से उठने वाला धुआं वायु प्रदूषण को लगातार बढ़ा रहा है। इसका सीधा असर मानव स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। जंगलों में आग लगने की घटनाओं में वृद्धि के कारण वायु गुणवत्ता बेहद खराब हो गई है। अल्मोड़ा में सामान्य दिनों में 50-60 रहने वाला वायु गुणवत्ता सूचकांक 112 तक पहुंच गया है जो अस्वास्थ्यकर है। इससे अस्थमा के मरीज, बच्चे, बुजुर्ग को सांस लेने में परेशानी या गले में खराश महसूस हो सकती है। हवा खराब होने का असर दिखाई दे रहा है। खराब वायु गुणवत्ता के कारण अस्पतालों में सांस लेने में तकलीफ, खांसी, अस्थमा, ब्रोंकाइटिस और हृदय संबंधी समस्याओं के मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। जिला अस्पताल में पहले जहां रोजाना चार पांच मरीज अस्थमा के आते थे वहीं अब 12 से 15 मरीज रोजाना पहुंच रहे हैं। खांसी के पहले 10 से 15 मरीज आते थे वहीं अब 20 से 25 मरीज पहुंच रहे हैं। बच्चे और बुजुर्ग भी इस बीमारी की चपेट में आ रहे हैं।
-- -- -- -- -- -- -- --
वायु गुणवत्ता सूचकांक 50 तक सामान्य माना जाता है। इससे अधिक बढ़ने पर सेहत के लिए हानिकारक होता है। अल्मोड़ा जैसे पर्वतीय क्षेत्र में वायु गुणवत्ता सूचकांक 112 पहुंचना चिंताजनक है। -प्रो. अनिल कुमार यादव, विभागाध्यक्ष वानिकी एवं पर्यावरण विज्ञान एसएसजे परिसर
विज्ञापन
-- -- -- -- -- -- -
फोटो- 26एएलएम09पी- जिला अस्पताल अल्मोड़ा में उमड़ी मरीजों की भीड़। संवाद
विज्ञापन
जिलेभर में जंगलों में आग की घटनाएं सामने आ रही हैं। जंगलों की आग से उठने वाला धुआं वायु प्रदूषण को लगातार बढ़ा रहा है। इसका सीधा असर मानव स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। जंगलों में आग लगने की घटनाओं में वृद्धि के कारण वायु गुणवत्ता बेहद खराब हो गई है। अल्मोड़ा में सामान्य दिनों में 50-60 रहने वाला वायु गुणवत्ता सूचकांक 112 तक पहुंच गया है जो अस्वास्थ्यकर है। इससे अस्थमा के मरीज, बच्चे, बुजुर्ग को सांस लेने में परेशानी या गले में खराश महसूस हो सकती है। हवा खराब होने का असर दिखाई दे रहा है। खराब वायु गुणवत्ता के कारण अस्पतालों में सांस लेने में तकलीफ, खांसी, अस्थमा, ब्रोंकाइटिस और हृदय संबंधी समस्याओं के मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। जिला अस्पताल में पहले जहां रोजाना चार पांच मरीज अस्थमा के आते थे वहीं अब 12 से 15 मरीज रोजाना पहुंच रहे हैं। खांसी के पहले 10 से 15 मरीज आते थे वहीं अब 20 से 25 मरीज पहुंच रहे हैं। बच्चे और बुजुर्ग भी इस बीमारी की चपेट में आ रहे हैं।
विज्ञापन
वायु गुणवत्ता सूचकांक 50 तक सामान्य माना जाता है। इससे अधिक बढ़ने पर सेहत के लिए हानिकारक होता है। अल्मोड़ा जैसे पर्वतीय क्षेत्र में वायु गुणवत्ता सूचकांक 112 पहुंचना चिंताजनक है। -प्रो. अनिल कुमार यादव, विभागाध्यक्ष वानिकी एवं पर्यावरण विज्ञान एसएसजे परिसर
विज्ञापन
फोटो- 26एएलएम09पी- जिला अस्पताल अल्मोड़ा में उमड़ी मरीजों की भीड़। संवाद