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वन पंचायतों को सौंपी जाए वनाग्नि सुरक्षा की कमान
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, रानीखेत (अल्मोड़ा)।
Updated Tue, 26 Jul 2016 12:20 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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रानीखेत (अल्मोड़ा)। इंडियन काउंसिल ऑफ फॉरेस्ट्री रिसर्च एंड एजूकेशन की ओर से अमेठी विवि नोएडा में आयोजित राष्ट्रीय वनाग्नि सुरक्षा गोष्ठी में वनाग्नि सुरक्षा की कमान वन पंचायतों को सौंपने की मांग प्रमुखता से उठी। मुख्य अतिथि यूनियन मिनिस्टर ऑफ एग्रीकल्चर डॉ. सोमपाल शास्त्री ने भी फायर सीजन से पहले वनाग्नि सुरक्षा प्रशिक्षण दिलाने की वकालत की।
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प्रदेश की तरफ से गोष्ठी में पीसीसीएफ एआर सिन्हा, राज्य वानिकी पुरस्कार से सम्मानित भूपाल सिंह भंडारी आदि ने भाग लिया। गोष्ठी से भाग लेकर लौटे राज्य वानिकी पुरस्कार प्राप्त वन पंचायत विकास समिति के प्रदेश प्रवक्ता भूपाल भंडारी ने बताया कि गोष्ठी में मेघालय, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, मंगलौर, जबलपुर, रांची, दिल्ली, मिजोरम, पंजाब, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया।
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वनाग्नि सुरक्षा के लिए वन पंचायतों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया गया और सुरक्षा की कमान पंचायतों को सौंपने की मांग की गई। फायर प्रशिक्षण नवंबर, दिसंबर तक देने, इसके लिए बजट फरवरी तक जारी करने को कहा गया। भंडारी ने बताया कि गोष्ठी में अमेठी विवि के निदेशक डॉ. इंद्राणी चंद्रशेखरन, डॉ. अश्विनी कुमार आदि थे। प्रतिनिधियों को सम्मानित भी किया गया।
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