{"_id":"613ba9ed8ebc3ec7777a45b7","slug":"food-procesing-in-almora-almora-news-hld43751328","type":"story","status":"publish","title_hn":"खुमानी प्रसंस्करण से बढ़ेगी जिले में काश्तकारों की आय","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खुमानी प्रसंस्करण से बढ़ेगी जिले में काश्तकारों की आय
विज्ञापन
खुबानी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अल्मोड़ा। प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना (पीएमएफएमई) के तहत अल्मोड़ा में एक जिला एक उत्पाद योजना में खुमानी फल को शामिल किया गया है। योजना के तहत खुमानी प्रसंस्करण इकाई स्थापित करने के लिए अब तक जिले में नौ लोग उद्यान विभाग में आवेदन कर चुके हैं।
आजादी का अमृत महोत्सव में आत्मनिर्भर भारत बनाने के लिए पीएमएफएमई योजना में जिले में खुमानी फल को शामिल किया गया है। जिले में खुमानी का उत्पादन बड़े पैमाने पर होता है लेकिन किसानों को बाजार न मिलने से कई काश्तकारों के घरों पर ही यह फल बर्बाद हो जाता है।
सरकार की पहल पर उद्यान विभाग खुमानी से जैम, जैली, चटनी बनाने के साथ ही खुमानी के बीज से तेल निकालने का प्रशिक्षण इच्छुक किसानों को दे चुका है। इस प्रशिक्षण शिविर में 46 किसान भाग ले चुके हैं। इनमें से नौ लोगों ने प्रसंस्करण इकाई स्थापित करने के लिए आवेदन भी किया है।
विज्ञापन
किसानों को विभागों की ओर से ऑनलाइन प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। पीएमएफएमई योजना में खुमानी प्रसंस्करण इकाई स्थापित करने के लिए अधिकतम दस लाख रुपये तक का ऋण किसान को उपलब्ध कराया जाएगा, जिसमें साढ़े तीन लाख रुपये का अनुदान भी लाभार्थी को मिलेगा। प्रसंस्करण इकाई स्थापित करने के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। जिले में अब तक नौ लोगों ने इसके लिए आवेदन किया है।
- टीएन पांडे, मुख्य उद्यान अधिकारी।
विज्ञापन
आजादी का अमृत महोत्सव में आत्मनिर्भर भारत बनाने के लिए पीएमएफएमई योजना में जिले में खुमानी फल को शामिल किया गया है। जिले में खुमानी का उत्पादन बड़े पैमाने पर होता है लेकिन किसानों को बाजार न मिलने से कई काश्तकारों के घरों पर ही यह फल बर्बाद हो जाता है।
विज्ञापन
सरकार की पहल पर उद्यान विभाग खुमानी से जैम, जैली, चटनी बनाने के साथ ही खुमानी के बीज से तेल निकालने का प्रशिक्षण इच्छुक किसानों को दे चुका है। इस प्रशिक्षण शिविर में 46 किसान भाग ले चुके हैं। इनमें से नौ लोगों ने प्रसंस्करण इकाई स्थापित करने के लिए आवेदन भी किया है।
विज्ञापन
किसानों को विभागों की ओर से ऑनलाइन प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। पीएमएफएमई योजना में खुमानी प्रसंस्करण इकाई स्थापित करने के लिए अधिकतम दस लाख रुपये तक का ऋण किसान को उपलब्ध कराया जाएगा, जिसमें साढ़े तीन लाख रुपये का अनुदान भी लाभार्थी को मिलेगा। प्रसंस्करण इकाई स्थापित करने के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। जिले में अब तक नौ लोगों ने इसके लिए आवेदन किया है।
- टीएन पांडे, मुख्य उद्यान अधिकारी।