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अब बजोल गांव में भड़की आग
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा।
Updated Sun, 05 Mar 2017 10:47 PM IST
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गांव में रखे लकड़ी के ढेरों में लगी आग।
- फोटो : अमर उजाला
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क्षेत्र में आग की घटनाएं रुकने का नाम नहीं ले रही हैं, सिमोली के बाद रविवार की अपराह्न यहां सुदूरवर्ती बजोल गांव में आग लगने से ग्रामीणों का भारी नुकसान हो गया। घटना में 11 गौशालाएं जलकर राख हो गईं। दो बकरियां आग से झुलस गईं, जबकि ग्रामीणों के 125 से अधिक घास के लूटे और लकड़ियों के ढेर राख हो गए। सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। दमकल कर्मियों, वन कर्मियों की मदद से ग्रामीण देर शाम तक आग बुझाने में जुटे रहे।
बताया गया है कि बजोल गांव के नीचे जंगल में आग सुलग रही थी, दोपहर डेढ़ बजे अचानक आग गांव की तरफ बढ़ने लगी, जिससे ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। लोग अपने-अपने सामान की सुरक्षा में जुट गए, हवा के साथ आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। आग की चपेट में ग्रामीणों के घास के लूटे और लकड़ी के ढेर आ गए, प्रशासन से मिली सूचना के अनुसार तकरीबन 125 से अधिक घास के लूटे और लकड़ियों के ढेर राख हुए हैं, जबकि केवल सिंह, विशन सिंह, बचे सिंह, ईश्वर सिंह, देवुली देवी, मोहन सिंह, नर सिंह, प्रताप सिंह, बहादुर सिंह, सरस्वती देवी आदि के गौशाले जल गए। हालांकि ग्रामीणों ने आग देखते ही जानवरों को बाहर खदेड़ दिया था, अलबत्ता दीवान सिंह की दो बकरियां झुलस गईं।
आनन-फानन में सूचना तहसील में दी गई, एसडीएम रजा अब्बास दल बल के साथ मौके पर पहुंचे। इधर ग्रामीण वन कर्मियों, दमकल कर्मियों की मदद से देर शाम तक आग बुझाने में जुटे रहे। हालांकि आग पर काबू पा लिया गया है, लेकिन घास के लूटे अभी भी सुलग रहे हैं, वन कर्मी मौके पर तैनात हैं। बजोल बमस्युं के पूर्व प्रधान मुकेश पांडे ने बताया कि आग के कारण ग्रामीणों का भारी नुकसान हुआ है। उन्होंने प्रशासन से प्रभावित ग्रामीणों को मुआवजा देने की मांग की है।
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बताया गया है कि बजोल गांव के नीचे जंगल में आग सुलग रही थी, दोपहर डेढ़ बजे अचानक आग गांव की तरफ बढ़ने लगी, जिससे ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। लोग अपने-अपने सामान की सुरक्षा में जुट गए, हवा के साथ आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। आग की चपेट में ग्रामीणों के घास के लूटे और लकड़ी के ढेर आ गए, प्रशासन से मिली सूचना के अनुसार तकरीबन 125 से अधिक घास के लूटे और लकड़ियों के ढेर राख हुए हैं, जबकि केवल सिंह, विशन सिंह, बचे सिंह, ईश्वर सिंह, देवुली देवी, मोहन सिंह, नर सिंह, प्रताप सिंह, बहादुर सिंह, सरस्वती देवी आदि के गौशाले जल गए। हालांकि ग्रामीणों ने आग देखते ही जानवरों को बाहर खदेड़ दिया था, अलबत्ता दीवान सिंह की दो बकरियां झुलस गईं।
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आनन-फानन में सूचना तहसील में दी गई, एसडीएम रजा अब्बास दल बल के साथ मौके पर पहुंचे। इधर ग्रामीण वन कर्मियों, दमकल कर्मियों की मदद से देर शाम तक आग बुझाने में जुटे रहे। हालांकि आग पर काबू पा लिया गया है, लेकिन घास के लूटे अभी भी सुलग रहे हैं, वन कर्मी मौके पर तैनात हैं। बजोल बमस्युं के पूर्व प्रधान मुकेश पांडे ने बताया कि आग के कारण ग्रामीणों का भारी नुकसान हुआ है। उन्होंने प्रशासन से प्रभावित ग्रामीणों को मुआवजा देने की मांग की है।
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