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अल्मोड़ा और बागेश्वर के जंगलों में आग
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अल्मोड़ा के जंगलों में लगी आग ।
- फोटो : ALMORA
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अल्मोड़ा। गर्मी के मौसम में जंगलों में लगने वाली आग रोजाना किसी न किसी जंगल को जला रही है। रविवार को भी जिले के अलग- अलग वन क्षेत्रों में आठ स्थान पर वनाग्नि की घटनाएं हुई। जिसमें 15.15 हेक्टेयर वन क्षेत्र आग की चपेट में आ गया। रानीखेत के चौबटिया रेंज में पांच और सोमेश्वर रेंज के पैखाम में करीब चार घंटे तक जंगल धधकते रहे।
रविवार को रानीखेत के चौबटिया रेंज वन क्षेत्र में, मोहान के जंगल, द्वाराहाट वन क्षेत्र, पथरकोट, अल्मोड़ा के बलडोनी, जौरासी, जागेश्वर रेंज के वन क्षेत्र और सोमेश्वर रेंज के वन क्षेत्र में वनाग्नि की घटनाएं हुई। रानीखेत में 03 हेक्टेयर, मोहान में 0.50 हेक्टेयर, द्वाराहाट में 1.2 हेक्टेयर, पत्थरकोट में 1.5 हेक्टेयर, अल्मोड़ा में 01 हेक्टेयर, जौरासी वन क्षेत्र में 02 हेक्टेयर और जागेश्वर वन क्षेत्र में 2.25 हेक्टेयर वन क्षेत्र आग की चपेट में आया। सभी स्थानों पर वन विभाग के कर्मचारियों ने स्थानीय लोगों की मदद से आग बुझाने का काम किया। चौबटिया रेंज के वन क्षेत्र में 12 बजे लगी आग से देर शाम तक भी जंगल जलते रहे। वहीं जागेश्वर के पनुवानौला कक्ष संख्या तीन में करीब दो बजे से आग लगनी शुरू हुई और सोमेश्वर के पैखाम में करीब डेढ़ बजे से शुरू हुई वनाग्नि देर शाम तक लगी रही। वनाग्नि से जहां काफी मात्रा में वन संपदा का नुकसान हुआ वहीं आग के धुएं से स्थानीय लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। जंगल से सटे आबादी क्षेत्रों में आग की राख लोगों के घरों और प्रतिष्ठानों तक भी पहुंची। वनाग्नि से क्षेत्र के तापमान में भी कुछ हद तक बढ़ोतरी हुई।
कपकोट में चिरपतकोट के जंगल में लगी आग
बागेश्वर। जिले में वनाग्नि थमने का नाम नहीं ले रही है। रविवार को कपकोट के चिरपतकोट के जंगल में आग लगने से वन संपदा को भारी नुकसान हुआ। जिले में अब तक वनाग्नि की 65 घटनाएं हो चुकी हैं और 91 हेक्टेयर जंगल जल गया है। वन विभाग आग बुझाने के साथ जंगल जलाने वालों के खिलाफ भी लगातार कार्रवाई कर रहा है।
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पिछले दिनों हुई बारिश के बाद वनाग्नि से थोड़ी राहत मिली थी, लेकिन धूप खिलने के बाद फिर से जंगल धधकने लगे हैं। जिला मुख्यालय, गरुड़, धरमघर के बाद अब कपकोट तक आग पहुंच चुकी है। आग की चपेट में आने से कपकोट के चिरपतकोट के जंगल को काफी नुकसान हुआ है। क्षेत्रवासियों का कहना कि आग लगने से चिरपतकोट में कीमती इमारती लकड़ियों के अलावा औषधि युक्त पौधे भी जलकर नष्ट हो गए हैं। वहीं जिले में लगातार बढ़ रही वनाग्नि की घटनाओं से ग्रामीण पशुपालकों की परेशानी बढ़ गई है। आग से चारा पत्ती के नष्ट होने से पशुपालकों को चारा जुटाने के लिए परेशानी हो रही है। हिंसक जीव भी आबादी की ओर धमकने लगे हैं। लोगों ने वन विभाग से आग की घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है। इधर, डीएफओ हिमांशु बागरी ने कहा कि कपकोट में आग लगने की सूचना मिलते ही वन विभाग के कर्मचारी आग बुझाने रवाना कर दिए गए हैं। विभाग आग लगाने वालों के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है और लोगों को वनाग्नि सुरक्षा के लिए जागरूक भी किया जा रहा है।
घिंघारूतोला में आग से जला पेड़ एनएच पर गिरा
बागेश्वर। घिंघारूतोला के समीप के जंगल में आग से जलकर चीड़ का पेड़ मोटर मार्ग पर जा गिरा। शनिवार की देर शाम पेड़ गिरने से सड़क पर वाहनों की आवाजाही बाधित हो गई। सूचना के बाद मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने आग बुझाने के साथ पेड़ को काटा और सड़क खुलवाई।
रेंजर श्याम सिंह करायत ने बताया कि घिंघारूतोला के समीप करौली के जंगल में आग लगी थी। आग से जलकर एक पुराना पेड़ मुख्य मोटर मार्ग एनएच पर जा गिरा। मौके पर गए वन दरोगा हयात सिंह बिष्ट और उनकी टीम ने पेड़ा को काटकर मार्ग खुलवाया और देर रात तक जंगल की आग भी काबू की। उन्होंने कहा कि आग से पेड़ गिरने की सूचना के बावजूद आपदा प्रबंधन और एनएच की ओर से कोई पेड़ हटाने नहीं आया। जिसके कारण कर्मचारियों को आग बुझाने के साथ पेड़ भी काटकर हटाना पड़ा। जिसके कारण आग बुझाने में भी अधिक समय लगा। संवाद
अणां और फल्याटी के जंगलों में आग से धुंध
गरुड़ (बागेश्वर)। अणां और फल्याटी के जंगलों में रविवार को फिर आग धधक गई। आग से उठ रही धुंध पूरे इलाके में देखी जा सकती है। जंगलों में गिरे चीड़ के पेड़ों पर लगी आग बुझाने के बाद भी नहीं बुझ रही है। जंगलों में आग लगने की सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम अणां पहुंची। वन कर्मियों ने फायर वाचरों की मदद से कुछ हर तक आग बुझा दी है। वन रेंजर बैजनाथ सुरेंद्र सिंह नेगी ने ग्रामीणों से वनों को आग से बचाने के लिए सहयोग देने को कहा है। संवाद
पनौरा के जंगल में लगी आग
कपकोट। पनौरा के जंगल में रविवार की शाम आग लग गई। ग्रामीणों ने 112 नंबर पर सूचना दी। इसके बाद फायर सर्विस कपकोट के लीडिंग फायरमैन हरी सिंह के नेतृत्व में फायर मैन हरक सिंह व बलवंत सिंह के साथ घटनास्थल पर पहुँच कर जंगल की आग पर काबू किया। संवाद
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रविवार को रानीखेत के चौबटिया रेंज वन क्षेत्र में, मोहान के जंगल, द्वाराहाट वन क्षेत्र, पथरकोट, अल्मोड़ा के बलडोनी, जौरासी, जागेश्वर रेंज के वन क्षेत्र और सोमेश्वर रेंज के वन क्षेत्र में वनाग्नि की घटनाएं हुई। रानीखेत में 03 हेक्टेयर, मोहान में 0.50 हेक्टेयर, द्वाराहाट में 1.2 हेक्टेयर, पत्थरकोट में 1.5 हेक्टेयर, अल्मोड़ा में 01 हेक्टेयर, जौरासी वन क्षेत्र में 02 हेक्टेयर और जागेश्वर वन क्षेत्र में 2.25 हेक्टेयर वन क्षेत्र आग की चपेट में आया। सभी स्थानों पर वन विभाग के कर्मचारियों ने स्थानीय लोगों की मदद से आग बुझाने का काम किया। चौबटिया रेंज के वन क्षेत्र में 12 बजे लगी आग से देर शाम तक भी जंगल जलते रहे। वहीं जागेश्वर के पनुवानौला कक्ष संख्या तीन में करीब दो बजे से आग लगनी शुरू हुई और सोमेश्वर के पैखाम में करीब डेढ़ बजे से शुरू हुई वनाग्नि देर शाम तक लगी रही। वनाग्नि से जहां काफी मात्रा में वन संपदा का नुकसान हुआ वहीं आग के धुएं से स्थानीय लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। जंगल से सटे आबादी क्षेत्रों में आग की राख लोगों के घरों और प्रतिष्ठानों तक भी पहुंची। वनाग्नि से क्षेत्र के तापमान में भी कुछ हद तक बढ़ोतरी हुई।
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कपकोट में चिरपतकोट के जंगल में लगी आग
बागेश्वर। जिले में वनाग्नि थमने का नाम नहीं ले रही है। रविवार को कपकोट के चिरपतकोट के जंगल में आग लगने से वन संपदा को भारी नुकसान हुआ। जिले में अब तक वनाग्नि की 65 घटनाएं हो चुकी हैं और 91 हेक्टेयर जंगल जल गया है। वन विभाग आग बुझाने के साथ जंगल जलाने वालों के खिलाफ भी लगातार कार्रवाई कर रहा है।
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पिछले दिनों हुई बारिश के बाद वनाग्नि से थोड़ी राहत मिली थी, लेकिन धूप खिलने के बाद फिर से जंगल धधकने लगे हैं। जिला मुख्यालय, गरुड़, धरमघर के बाद अब कपकोट तक आग पहुंच चुकी है। आग की चपेट में आने से कपकोट के चिरपतकोट के जंगल को काफी नुकसान हुआ है। क्षेत्रवासियों का कहना कि आग लगने से चिरपतकोट में कीमती इमारती लकड़ियों के अलावा औषधि युक्त पौधे भी जलकर नष्ट हो गए हैं। वहीं जिले में लगातार बढ़ रही वनाग्नि की घटनाओं से ग्रामीण पशुपालकों की परेशानी बढ़ गई है। आग से चारा पत्ती के नष्ट होने से पशुपालकों को चारा जुटाने के लिए परेशानी हो रही है। हिंसक जीव भी आबादी की ओर धमकने लगे हैं। लोगों ने वन विभाग से आग की घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है। इधर, डीएफओ हिमांशु बागरी ने कहा कि कपकोट में आग लगने की सूचना मिलते ही वन विभाग के कर्मचारी आग बुझाने रवाना कर दिए गए हैं। विभाग आग लगाने वालों के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है और लोगों को वनाग्नि सुरक्षा के लिए जागरूक भी किया जा रहा है।
घिंघारूतोला में आग से जला पेड़ एनएच पर गिरा
बागेश्वर। घिंघारूतोला के समीप के जंगल में आग से जलकर चीड़ का पेड़ मोटर मार्ग पर जा गिरा। शनिवार की देर शाम पेड़ गिरने से सड़क पर वाहनों की आवाजाही बाधित हो गई। सूचना के बाद मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने आग बुझाने के साथ पेड़ को काटा और सड़क खुलवाई।
रेंजर श्याम सिंह करायत ने बताया कि घिंघारूतोला के समीप करौली के जंगल में आग लगी थी। आग से जलकर एक पुराना पेड़ मुख्य मोटर मार्ग एनएच पर जा गिरा। मौके पर गए वन दरोगा हयात सिंह बिष्ट और उनकी टीम ने पेड़ा को काटकर मार्ग खुलवाया और देर रात तक जंगल की आग भी काबू की। उन्होंने कहा कि आग से पेड़ गिरने की सूचना के बावजूद आपदा प्रबंधन और एनएच की ओर से कोई पेड़ हटाने नहीं आया। जिसके कारण कर्मचारियों को आग बुझाने के साथ पेड़ भी काटकर हटाना पड़ा। जिसके कारण आग बुझाने में भी अधिक समय लगा। संवाद
अणां और फल्याटी के जंगलों में आग से धुंध
गरुड़ (बागेश्वर)। अणां और फल्याटी के जंगलों में रविवार को फिर आग धधक गई। आग से उठ रही धुंध पूरे इलाके में देखी जा सकती है। जंगलों में गिरे चीड़ के पेड़ों पर लगी आग बुझाने के बाद भी नहीं बुझ रही है। जंगलों में आग लगने की सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम अणां पहुंची। वन कर्मियों ने फायर वाचरों की मदद से कुछ हर तक आग बुझा दी है। वन रेंजर बैजनाथ सुरेंद्र सिंह नेगी ने ग्रामीणों से वनों को आग से बचाने के लिए सहयोग देने को कहा है। संवाद
पनौरा के जंगल में लगी आग
कपकोट। पनौरा के जंगल में रविवार की शाम आग लग गई। ग्रामीणों ने 112 नंबर पर सूचना दी। इसके बाद फायर सर्विस कपकोट के लीडिंग फायरमैन हरी सिंह के नेतृत्व में फायर मैन हरक सिंह व बलवंत सिंह के साथ घटनास्थल पर पहुँच कर जंगल की आग पर काबू किया। संवाद

बैजनाथ रेंज के अणां के जंगल में सड़े पेड़ों पर लगी आग- फोटो : GARUD

कपकोट में चिरपतकोट के जंगल में लगी आग से उठता धुंआ। संवाद न्यूज एजेंसी- फोटो : BAGESHWAR