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प्रसिद्ध लोक गायक, हुड़का वादक डोलिया का निधन
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा।
Updated Wed, 15 Mar 2017 10:45 PM IST
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लोक गायक स्व. डोलिया।
- फोटो : अमर उजाला
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कुमाऊं के प्रसिद्ध लोक गायक और हुड़का वादक मोहन सिंह डोलिया का 72 साल की आयु में लखनऊ में निधन हो गया है। डोलिया पिछले कुछ समय से अस्थमा और ब्रेन ट्यूमर से पीड़ित थे। वह परिवार समेत लखनऊ में रहते थे। वह आकाशवाणी में बी-हाई ग्रेड कलाकार थे।
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धौलादेवी ब्लॉक के ग्वाड़ गांव में थोकदार जमन सिंह डोलिया के घर में पांच अगस्त 1942 को जन्मे मोहन सिंह डोलिया उच्च प्राथमिक स्तर की शिक्षा प्राप्त कर रोजगार की खोज में लखनऊ चले गए। सरकारी छापेखाने में नौकरी की और 1987 में स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेकर आकाशवाणी अल्मोड़ा में स्टाफ आर्टिस्ट की नौकरी प्रारंभ की। आकाशवाणी लखनऊ, नजीवाबाद में हुड़का वादन और कुमाऊंनी लोकगीत में बी-हाई ग्रेड कलाकार थे। केरल, दिल्ली, हिमाचल तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश सहित अन्य राज्यों में लोक गायकी का लोहा मनवाया। उन्होंने बाला गोरिया, भाना गंगनाथ, हरुहीत आदि लोकगाथाओं में भी स्वर दिया।
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झोड़ा, चांचरी, छपेली, न्योली, बैर, भगनोल आदि लोक गाथाओं में उन्हें महारथ हासिल थी। दूरदर्शन से प्रसारित कुमाउंनी गीत नाटिका राजुला मालुशाही और रामी बौराणी में गीत गाए। कुमाऊंनी लघुनाटिका पुंतुरि में अभिनय किया। उन्होंने लखनऊ में सांस्कृतिक संस्था शिखर स्वर की नींव रखी। प्रवासी उत्तराखंडियों की प्रमुख संस्था पर्वतीय महापरिषद के सांस्कृतिक संयोजक थे। गत दिवस लखनऊ में पंतनगर कालोनी खुर्रम नगर लखनऊ स्थित घर में उनका निधन हो गया। उनके भतीजे अल्मोड़ा निवासी शिक्षक डा. कैलाश सिंह डोलिया ने बताया कि मोहन सिंह डोलिया हर साल गरमी के सीजन में पैतृक गांव ग्वाड़ आते थे।
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