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Hindi News ›   Uttarakhand ›   Bageshwar News ›   Establishment of Herbal Research and Development Sub-Center

जड़ी-बूटी शोध एवं विकास उप केंद्र की स्थापना प्रक्रिया शुरू

Mon, 12 Jun 2017 10:16 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, बागेश्वर।
अमर उजाला ब्यूरो, बागेश्वर। Updated Mon, 12 Jun 2017 10:16 PM IST
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जिले में वर्ष 2000 से लंबित चल रहे जड़ीबूटी शोध एवं विकास उप केंद्र की स्थापना प्रक्रिया शुरू हो गई है। उप केंद्र की स्थापना कपकोट ब्लॉक के कर्मी में होगी। शासन ने राजकीय उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण की कर्मी में स्थित दो हेेक्टेयर भूमि के हस्तांतरण की कार्रवाई को हरी झंडी दे दी है। इस उप केंद्र की स्थापना से जहां क्षेत्र में पाई जाने वाली बेशकीमती और विलुप्त हो रही जड़ी-बूटियों को संरक्षण मिलेगा वहीं कृषिकरण और विपणन से रोजगार के लिए हो रहे पलायन पर काफी हद तक अंकुश भी लग सकेगा। क्षेत्र के लोगों ने प्रदेश शासन से इस बहुउद्देशीय उपकेंद्र की स्थापना शीघ्र करने की मांग की है।       

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उत्तराखंड जड़ी-बूटी सलाहकार समिति के पूर्व उपाध्यक्ष दीवान धपोला के अनुसार कपकोट ब्लॉक के कर्मी में जड़ी-बूटी शोध एंव विकास संस्थान के उप केेंद्र की स्थापना वर्ष 2014 में मुख्यमंत्री की घोषणा में शामिल था। शासन ने गत सात जून को उपकेंद्र की स्थापना के लिए जड़ीबूटी शोध एंव विकास संस्थान गोपेश्वर को राजकीय उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण की कर्मी के स्वामित्व की भूमि से दो हेक्टेयर भूमि के हस्तांतरण करने का निर्णय लेकर अपनी स्वीकृति दे दी है। उन्होंने बताया कि यह प्रकरण वर्ष 1992 में स्थापित जड़ी-बूटी शोध एवं विकास संस्थान गोपेश्वर चमोली की स्थापना और राज्य गठन वर्ष 2000 से लंबित पड़ा था।
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कहा कि उप केंद्र की स्थापना होने से कुमाऊं मंडल के सभी जिलों के किसानों को जड़ी बूटी के सभी शोधों, कृषि करण विकास, संग्रहण और विपणन की सुविधाएं मिल सकेंगी। लोग परंपरागत खेती से हटकर जड़ी-बूटी के काम को हाथ में लेंगे तो इससे उनकी आय में कई गुना वृद्धि होगी और उन्हें रोजगार के लिए पलायन करने को मजबूर नहीं होना पड़ेेगा। उप केंद्र में भेषजी शिक्षा की डिग्री और डिप्लोमा से संबंधित शिक्षा के केंद्र के रूप में विकसित भी किया जा सकता है। उन्होंने राष्ट्रीय औषधीय पापद बोर्ड भारत सरकार और राज्य सरकार से उप केंद्र की स्थापना के लिए शीघ्र बजट मंजूर करने की मांग की है। क्षेत्र के लोगों ने प्रदेश सरकार से उप केंद्र की स्थापना के लिए जल्द ही प्रभावी कदम उठाने की मांग की है। इधर जिला उद्यान अधिकारी तेजपाल सिंह ने बताया कि भूमि हस्तांतरण संबंधी पत्र अभी यहां नहीं पहुंचा है।

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