फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Almora News ›   Elderly women are stunned to see the new generation

बुजुर्ग महिलाओं का अभिनय देख दंग रह जाती है नई पीढ़ी

Tue, 04 Apr 2017 12:25 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो चौखुटिया
अमर उजाला ब्यूरो चौखुटिया Updated Tue, 04 Apr 2017 12:25 AM IST
विज्ञापन
Elderly women are stunned to see the new generation
पांडव लीला में भाग लेने पहुंची सबसे बुजुर्ग पात्र शांति और सावित्री आमा। - फोटो : अमर उजाला
उम्र ढलान पर लेकिन, अभिनय के प्रति युवाओं से भी ज्यादा जोश, अनुराग, समर्पण और उत्साह इतना कि देखने वाला देखते रह जाए। यहां बात हो रही है सत्तर साल की शांति काला और सावित्री देवी की। गढ़वाल मंडल के रुद्रप्रयाग से चैत्राष्टमी मेले में पांडव लीला में अभिनय को पहुंची दोनों बुजुर्गों की कला क्षमता को देख नई पीढ़ी भी ठगी रह जाती है। 
विज्ञापन


चैत्राष्टमी मेले में पांडव लीला के तीस सदस्यीय महिला टीम के पात्रों के साथ भीष्म पितामह बनी सबसे बुजुर्ग महिला शांति काला (70) बताती हैं कि वे लंबे समय से यह भूमिका निभा रही हैं। बताती हैं कि अभिनय में उम्र कभी आड़े नही आई। उनका एक बेटा और बेटी के साथ ही चार पोते-पोतियां हैं। 
विज्ञापन

धृतराष्ट्र की भूमिका निभा रहीं रुद्रप्रयाग की सावित्री तडबांण (69) बताती हैं कि उन्हें बचपन से ही अभिनय का शौक था, परंतु कभी मंच नहीं मिल पाया। पांडव लीला के बारे में उन्हें बहुत जानकारी है। बताया कि उत्साहित महिलाओं की पहल पर महिलाओं की टीम बनाई गई जिसमें वे भी शामिल हो गईं और अब तक पौड़ी, टिहरी, चमोली, रुद्रप्रयाग और हरिद्वार सहित कई जनपदों में कार्यक्रम कर चुकी हैं। उनके दो बेटे और दो बेटियों के अलावा नौ पोते-पोतियां हैं। गांव के निकटवर्ती क्षेत्रों में होने वाले कार्यक्रमों में आमा का अभिनय देखने पोते भी चले आते हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन



महिलाओं की टीम का नेतृत्व द्रोपदी की भूमिका निभा रहीं लक्ष्मी साह कर रही हैं। उत्तरकाशी निवासी श्रीमती साह शिक्षिका होने के साथ ही पतंजलि हरिद्वार की सह राज्य प्रभारी भी हैं जो महिलाओं का लगातार हौसला बढ़ाती रहती हैं। साह बताती हैं कि पांडव लीला में सभी महिला पात्रों को रखने का मकसद यही है कि उत्तराखंड की महिलाएं किसी से कम नही हैं और महाभारत जैसे पात्रों का चुनौतीपूर्ण अभिनय भी कर सकती हैं। बताती हैं कि टीम की सभी महिलाएं ग्रामीण परिवेश से जुड़ी हैं। 

टीम में रुद्रप्रयाग, चमोली, उत्तरकाशी, पौड़ी, टिहरी और गैरसैंण की महिलाएं शामिल हैं। गायन का जिम्मा आरती गुसाईं और बीरा फर्स्वाण संभाल रही हैं।  
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed