भूकंप को लेकर अल्मोड़ा में हुआ मॉक ड्रिल
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सुबह 9:30 बजे भूकंप के झटकों की सूचना मिलते ही जिला मुख्यालय में हलचल मच गई। अलार्म बजने के साथ ही इंसीडेंट कमांड सिस्टम से जुड़े अधिकारी आपदा प्रबधंन केंद्र में पहुंचे और वायरलैस के माध्यम से सभी थानों और तहसीलों में सर्तकता बरतने के निर्देश दिए गए। 7.02 रियेक्टर के भूकंप से पुलिस लाइन, आकाशवाणी, पालिका समेत नगर के विभिन्न हिस्सों में करीब 138 लोगों के मारे जाने की सूचना मिलने पर एनडीआरएफ, आईटीबीपी, एसएसबी समेत चिकित्सा टीम आपदा प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचने लगी। बाद में पता चला यह सब मॉक ड्रिल का एक हिस्सा भर था जो कि गृह मंत्रालय भारत के इंसीडेंट कमांड सिस्टम पर आधारित था। भूकंप का केंद्र चमोली के हैलन नामक स्थान पर रहा दर्शाया गया।
प्रभारी जिलाधिकारी जेएस नगन्याल ने बताया कि पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत बुधवार को नगर में भूकंप का मॉक ड्रिल अभ्यास किया गया। अभ्यास में यह माना गया कि 7.2 रियेक्टर का भूकंप सुबह 9.30 में आया। जिसमें 138 लोगों की जनहानि, 171 गंभीर घायल, 3894 सामान्य घायल, 227 पशुहानि होने के अलावा 183 भवनों को पूर्ण क्षति पहुंची। वायरलैस की सूचना मिलते ही भूकंप की सूचना मिलते ही एसडीआरएफ, सेना, एनडीआरएफ, आईटीबीपी, एसएसबी, एनसीसी, एनएसएस, होमगार्ड, पीआरडी जवानों के साथ डाक्टरों की टीम ने आपदा प्रभावित लोगों को बचाने और राहत कार्य का अभ्यास किया। उन्होंने बताया कि आपदा के मॉक ड्रिल के दौरान आठ मोटर मार्ग बाधित रहे जबकि 50 पेयजल योजनाएं आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुई। इस दौरान घायल हुए लोगों को बेस अस्पताल और गंभीर घायलों को सुशीला तिवारी अस्पताल हल्द्वानी भेजा गया।
उन्होंने बताया कि आपदा प्रभावित लोगों को एसडीआरएफ मानको के तहत आर्थिक मदद देने का आश्वासन दिया गया। इस अभ्यास कार्यक्रम में आब्र्जवर मेजर विक्रांत ठाकुर ने मॉक ड्रिल में बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में बताया। मॉक ड्रिल में एसडीएम विवेक राय, अवधेश कुमार, गौरव चटवाल, तहसीलदार प्रयाग दत्त सनवाल, आपदा प्रबंधन अधिकारी राकेश जोशी, डीडीओ मो. असलम, समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी और स्वयं सेवी संगठनों के कार्यकर्ता मौजूद रहे।