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भीख मांगते बच्चों को देख पसीज गया इंजीनियर का दिल

Mon, 16 Apr 2018 11:35 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो अल्मोड़ा। 
अमर उजाला ब्यूरो अल्मोड़ा।  Updated Mon, 16 Apr 2018 11:35 PM IST
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Eager to see 15 percent of the crops in the district from the hail
पैदल यात्रा के दौरान तिरंगा लिए अल्मोड़ा पहुंचे आशीष। - फोटो : अमर उजाला

दूसरों की पीड़ा देख सैकड़ों का दिल दुखता तो है, लेकिन उस पीड़ा को अपने अंदर आत्मसात कर कदम उठाने वाले विरले ही होते हैं। दिल्ली के एक युवा इंजीनियर को भी ऐसी ही पीड़ा से गुजरना पड़ा। जब सड़कों पर भीख मांगते बच्चों को देख उनका दिल पसीज गया।

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सोनीपत में एक कंपनी में छह लाख के पैकेज पर कार्यरत इंजीनियर 29 साल के आशीष शर्मा ने उसी दिन से भिक्षावृत्ति उन्मुक्त भारत का बीड़ा उठा लिया। कुछ मित्रों के आर्थिक सहयोग से उन्होंने भिक्षावृत्ति के खिलाफ देशभर में जागरूकता फैलाने की ठानी। 25 किलो वजन के दो बैग और एक हाथ में तिरंगा लिए आशीष ने पिछले साल 22 अगस्त 2017 से जम्मू के ऊधमपुर से पैदल यात्रा शुरू की है। उनका मकसद देशभर में भीख मांगने की प्रवृत्ति को बंद करवाना और ऐसे बच्चे को स्कूल भेजने का है।  
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    सोमवार को अल्मोड़ा पहुंचे आशीष ने अमर उजाला को बताया कि 13 राज्यों में पैदल यात्रा पूरी करते हुए वह अल्मोड़ा पहुंचे हैं और अब तक 4629 किमी की दूरी पूरी कर चुके हैं। एक दिन में वह 30 से 40 किमी पैदल दूरी तय कर लेते हैं। इस दौरान वह जिस क्षेत्र या जिले में पहुंचते हैं वहां के प्रशासन और पुलिस को अपने अभियान की जानकारी देने के साथ स्कूलों में भिक्षावृत्ति के खिलाफ बच्चों को जागरूक करने और शपथ दिलाने में सहयोग की अपील भी करते हैं।
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आशीष के पिता सुरेश शर्मा कृषि विभाग में कार्यरत हैं जबकि छोटा भाई हिमांशु हाइकोर्ट दिल्ली में अधिवक्ता हैं। यात्रा के दौरान उनके ठहरने का स्थान होटल और मंदिर है। उनके अभियान में देशभर में करीब तीन सौ से ज्यादा वालियंटर साथ दे रहे हैं। आशीष का मानना है कि भिक्षावृत्ति से अपराध, शिक्षा का अभाव, ड्रग्स, वैश्यावृत्ति और बाल तस्करी को बढ़ावा मिलता है। आशीष पूरी यात्रा के दौरान जीपीएस घड़ी भी पहने रहते हैं।  


एप भी बना रहे 

आशीष ने बताया कि भिक्षावृत्ति के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए वह अपने दोस्तों के साथ मिलकर एप भी बना रहे हैं। एप का नाम दुआएं रखा है। यह एप 14 जून को डाटा के साथ लांच हो जाएगा। इसी दिन पूरे देश में भिक्षावृत्ति उन्मुक्त दिवस भी मनाने की योजना पर काम चल रहा है। इसके अलावा वह रेलवे स्टेशनों में भीख मांगने पर प्रतिबंध के लिए भी सरकार की मदद ले रहे हैं।  

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