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वजह जो भी हो, कोरेना काल में डायरिया के मामलों में आई भारी कमी
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अल्मोड़ा। कोरोना के बीच इस बार डायरिया और मलेरिया के रोगियों की संख्या में काफी हद तक कमी आई है। पिछले वर्षों की अपेक्षा डायरिया के मामलों में 70 फीसदी तक कमी हुई है। कोरोना काल में स्वच्छता को लेकर लोगों में जागरूकता बढ़ने से संक्रमण काफी कम हुए हैं। इस दौरान अब डेंगू से भी राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
कोरोना काल में सफाई को लेकर लोगों में जागरूकता बढ़ी है, जिससे अन्य संक्रमणों से लोगों को काफी हद तक निजात मिल सकी है। जिला अस्पताल में अन्य वर्षों की अपेक्षा इस साल छह माह के आंकड़े देखे जाएं तो डायरिया के मामले काफी कम आए हैं। पिछले साल की अपेक्षा इस बार डायरिया के 70 फीसदी तक मामले घटे हैं। विशेषज्ञ इसका श्रेय कोरोना काल में स्वच्छता को दे रहे हैं। गर्मियों में डायरिया संक्रमण तेजी से फैलता है। बासी खाना, गंदगी आदि के कारण लोगों को मलेरिया अधिक होता है। इस बार कोरोना काल में पिछले छह माह से लोग स्वच्छता का खास ध्यान रख रहे हैं। कोरोना के डर से बार-बार हाथ धोना, सैनिटाइजर का इस्तेमाल करना, मास्क पहनना और सफाई का खयाल रखा जा रहा है। बाजारों में बिना मास्क के लोग नहीं निकल रहे हैं। अधिकतर लोग बाजार में खाने तक से परहेज कर रहे हैं। सफाई एहतियात के बीच संक्रमण फैलने का खतरा कम है। पिछले तीन सालों में जनवरी से जून तक डायरिया के सबसे कम केस इसी बार आए हुए हैं। पिछले वर्ष की अपेक्षा इस बार 70 फीसदी तक कम संक्रमित मिले। वहीं 2018 की अपेक्षा भी डायरिया के मरीजों की संख्या 50 फीसदी तक घटी है।
जनवरी से जून तक डायरिया के कुल मरीजों की संख्या
वर्ष - 2020 में कुल 31 मरीज।
वर्ष - 2019 में कुल 99 मरीज।
वर्ष - 2018 में कुल 61 मरीज।
बरसात में जलजनित रोग बढ़ने का खतरा रहता है। इस बार जनवरी से जून तक छह माह में डायरिया के मामले कम आए हैं। कोरोना के कारण लोगों में स्वच्छता को लेकर अधिक जागरूकता रही। इससे मरीजों की संख्या कम हो सकी। आगे भी लोग पानी उबाल कर पीएं, जिससे संक्रमण कम हो सके।
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- डॉ. आरसी पंत, पीएमएस जिला अस्पताल, अल्मोड़ा।
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कोरोना काल में सफाई को लेकर लोगों में जागरूकता बढ़ी है, जिससे अन्य संक्रमणों से लोगों को काफी हद तक निजात मिल सकी है। जिला अस्पताल में अन्य वर्षों की अपेक्षा इस साल छह माह के आंकड़े देखे जाएं तो डायरिया के मामले काफी कम आए हैं। पिछले साल की अपेक्षा इस बार डायरिया के 70 फीसदी तक मामले घटे हैं। विशेषज्ञ इसका श्रेय कोरोना काल में स्वच्छता को दे रहे हैं। गर्मियों में डायरिया संक्रमण तेजी से फैलता है। बासी खाना, गंदगी आदि के कारण लोगों को मलेरिया अधिक होता है। इस बार कोरोना काल में पिछले छह माह से लोग स्वच्छता का खास ध्यान रख रहे हैं। कोरोना के डर से बार-बार हाथ धोना, सैनिटाइजर का इस्तेमाल करना, मास्क पहनना और सफाई का खयाल रखा जा रहा है। बाजारों में बिना मास्क के लोग नहीं निकल रहे हैं। अधिकतर लोग बाजार में खाने तक से परहेज कर रहे हैं। सफाई एहतियात के बीच संक्रमण फैलने का खतरा कम है। पिछले तीन सालों में जनवरी से जून तक डायरिया के सबसे कम केस इसी बार आए हुए हैं। पिछले वर्ष की अपेक्षा इस बार 70 फीसदी तक कम संक्रमित मिले। वहीं 2018 की अपेक्षा भी डायरिया के मरीजों की संख्या 50 फीसदी तक घटी है।
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जनवरी से जून तक डायरिया के कुल मरीजों की संख्या
वर्ष - 2020 में कुल 31 मरीज।
वर्ष - 2019 में कुल 99 मरीज।
वर्ष - 2018 में कुल 61 मरीज।
बरसात में जलजनित रोग बढ़ने का खतरा रहता है। इस बार जनवरी से जून तक छह माह में डायरिया के मामले कम आए हैं। कोरोना के कारण लोगों में स्वच्छता को लेकर अधिक जागरूकता रही। इससे मरीजों की संख्या कम हो सकी। आगे भी लोग पानी उबाल कर पीएं, जिससे संक्रमण कम हो सके।
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- डॉ. आरसी पंत, पीएमएस जिला अस्पताल, अल्मोड़ा।