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धौलछीना और पनुवानौला में राम राज्याभिषेक
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा।
Updated Wed, 26 Oct 2016 11:07 PM IST
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धौलछीना की रामलीला के समापन पर मयूर नृत्य प्रस्तुत करते कलाकार।
- फोटो : अमर उजाला
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जिले के ग्रामीण क्षेत्र धौलछीना और पनुवानौला में आयोजित रामलीला राम राज्याभिषेक के साथ संपन्न हो गई है। समापन अवसर पर कमेटी द्वारा पात्रों को पुरस्कार वितरित किए गए।
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इस अवसर पर धौलछीना में संस्कार साहित्यिक कला मंच अल्मोड़ा के कलाकारों की शानदार रंगारंग प्रस्तुति पर दर्शक जमकर झूमे। धौलछीना में रामलीला के अंतिम दिन भरत मिलाप और राम राज्याभिषेक का मंचन हुआ। संस्कार साहित्यिक कला मंच अल्मोडा के कलाकारों ने मां नंदा-सुनंदा की आरती से कार्यक्रम की शुरुआत की। इसके पश्चात इन कुमाउंनी और नेपाली में कई लोक गीत और नृत्य पेश कर समां बांध दिया। प्रसिद्ध लोक गायक पवनदीप राजन की बहन प्रियका राजन और महिपाल सिंह मेहता ने कई गीत गाए। भगवान कृष्ण का मयूर नृत्य आर्कषक का केंद्र रहा। इस अवसर पर खडक सिंह महरा, खीम सिंह, जमन सिंह, राजन सिंह, आनंद सिंह रावत, श्री कृष्ण उप्रेती, चंद्र सिह महरा, मोहन सिंह जीना, भुवन पांडे, उमेद मनराल, नंदन कार्की, ठाकुर सिंह, नारायण सिंह आदि मौजूद थे। संचालन डा. ब्रजेश डसीला ने किया।
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उधर पनुवानौला में रामलीला के दसवें दिन अहिरावण-रावण संवाद, अहिरावण द्वारा राम लक्ष्णम का अपहरण, अहिरावण वध, राम रावण युद्ध, रावण बध, मंदोदरी विलाप, विभीषण का राजतिलक, सीता राम मिलन, राम की अयोध्या वापसी, राम राज्याभिषेक के प्रसंग मंचित किए गए। समापन कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष कुंदन लटवाल ने लोगों से जीवन में भगवान राम के आदर्शों को अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भगवान राम के आदर्शों पर चलकर समाज उन्नति कर सकता है।
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