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Almora News: अल्मोड़ा में सूखे की मार से किसान लाचार

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Mon, 16 Jan 2023 11:35 PM IST
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Draught Like Crisis In Almora
अल्मोड़ा के घाटी वाले इलाकों में इस तरह बिछी है खेतों में पाले की चादर। संवाद - फोटो : ALMORA
अल्मोड़ा। बरसात नहीं होने से फसलों पर सूखे की मार पड़ रही है। खेतों में नमी कम होने के साथ ही पाले से 30 प्रतिशत से अधिक फसल मुरझा गई है। कृषि विभाग भी नुकसान का अंदेशा जता रहा है लेकिन अब तक सर्वे के प्रयास नहीं हो रहे।
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एक लाख से ज्यादा किसानों ने अल्मोड़ा में 28 हेक्टेयर में रबी की फसल बोई है। किसानों को उम्मीद थी कि मौसम उनका साथ देेगा और बेहतर उपज के साथ उन्हें अपनी मेहनत का उचित फल मिलेगा लेकिन उनकी उम्मीदों पर मौसम ने पानी फेरा है।
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कोसी, विमौला, सिमनौला, कुटगोली, घनेली, जोस्याणा, डीनापानी, बल्टा, भुल्यूड़ा, जखेटा सहित जिले के अन्य हिस्सों में बारिश न होने से खेतों में बोई गई जौ, गेहूं, मटर, सरसों, राई, मसूर सहित अन्य फसलों की पौध सूखने लगी है। पहले ही पानी की कमी से जूझ रही फसल पाले से मुरझा गई है। कई हिस्सों में खेतों में पाले की सफेद चादर बिछी है, जिससे अब तक लगभग 30 प्रतिशत फसल को नुकसान पहुंचा है।
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नहीं हुआ नुकसान का आकलन
अल्मोड़ा। कृषि विभाग के अधिकारियों के मुताबिक मौसम का साथ न मिलने से फसल सूखने की कगार पर पहुंच गई है। प्रारंभिक आंकलन में विभाग ने 30 प्रतिशत फसल बर्बाद होने का अनुमान लगाया है।
जनवरी गुजरने का है इंतजार
अल्मोड़ा। कृषि विभाग के अधिकारियों के मुताबिक बीते वर्ष अक्तूबर, नवंबर माह में अच्छी बारिश होने से फिलहाल कई हिस्सों में खेतों में नमी है। जनवरी अंत तक बारिश नहीं हुई तो इसके गंभीर परिणाम सामने आ सकते हैं। ऐसे में विभाग जनवरी के अंत तक बारिश का इंतजार कर रहा है। उसके बाद ही वह नुकसान के आकलन की योजना बना रहा है।
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बोले किसान
मौसम का साथ न मिलने से पूरी मेहनत बेकार हो गई है। खेतों में फसल सूख गई है। सरकार को नुकसान का सर्वे कर राहत देनी होगी।
रतन सिंह, कोसी।
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कृषि विभाग को हमारे नुकसान की भरपाई करनी चाहिए, ताकि हमें कुछ राहत मिल सके।
राजेंद्र सिंह, मालगांव।
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बेहतर उपज की उम्मीद में खासी मेहनत कर फसल बोई। लेकिन हमारी उम्मीदों पर पानी फिर गया है। ऐसे में हमारी रोजी-रोटी पर भी संकट के बादल गहरा गए हैं।
अर्जुन सिंह, सरसों।
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समय पर बारिश होती तो उपज बेहतर होती। लेकिन अब इसकी उम्मीद बेहद कम है। पाले से फसल जलने लगी है, जिससे हमें खासा नुकसान झेलना पड़ेगा। सरकार को हमें राहत देनी होगी।

पंकज बिष्ट, बल्टा।
कोट-
निश्चित तौर पर जल्द बारिश नहीं हुई तो फसलों को खासा नुकसान पहुंचेगा। जनवरी अंत तक इंतजार के अलावा कोई चारा नहीं है। इसके तुरंत बाद नुकसान का आकलन शुरू किया जाएगा।
धनपत कुमार, मुख्य कृषि अधिकारी, अल्मोड़ा।
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