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Hindi News ›   Uttarakhand ›   Almora News ›   Do or do not vote in Ranikhet

रानीखेत में शामिल करो वरना नहीं देेंगे वोट

Tue, 26 Apr 2016 10:41 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा।
अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा। Updated Tue, 26 Apr 2016 10:41 PM IST
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 विधानसभा सोमेश्वर, ब्लॉक द्वाराहाट और तहसील रानीखेत। पर्यटन नगरी से सटा मजखाली क्षेत्र इन तीन इकाईयों में बंटकर विकास की मुख्यधारा से पिछड़ चुका है। मजखाली से ब्लॉक मुख्यालय की दूरी 55 किमी है, जिसके चलते ग्रामीणों के काम आसानी से नहीं हो पाते। सोमेश्वर विधानसभा क्षेत्र होने के कारण विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। परेशान क्षेत्रवासियों ने मजखाली विधानसभा को फिर से रानीखेत विधानसभा में शामिल करने तथा ताड़ीखेत, द्वाराहाट, हवालबाग ब्लॉक के 60 ग्राम सभाओं की 39 हजार आबादी को मिलाकर पृथक मजखाली ब्लॉक बनाने की मांग को लेकर आगामी विधानसभा चुनाव के बहिष्कार की चेतावनी दी है।
 
मालूम हो कि मजखाली क्षेत्र की 30 ग्राम पंचायतें 2002 तक बारामंडल विधानसभा क्षेत्र में थी। 2007 में इन्हें रानीखेत विधानसभा क्षेत्र में शामिल कर लिया गया। 2012 के परिसीमन में भिकियासैंण विधानसभा को खत्म कर रानीखेत में शामिल किया गया तो मजखाली सहित कंडारखुआ क्षेत्र को सोमेश्वर विधानसभा में मिला दिया गया। सामाजिक कार्यकर्ता एनएस अधिकारी का कहना है कि सोमेश्वर की दूरी मजखाली से 50 किमी है जबकि रानीखेत की दूरी सिर्फ 10 किमी है। छोटे से कार्य के लिए ग्रामीणों को सोमेश्वर का उल्टा रुख करना पड़ता है।
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वर्तमान में सोमेश्वर में चौकुनी, दुगौड़ा, मंगचौड़ा, कंडारखुआ क्षेत्र शामिल हैं। जबकि ब्लॉक मुख्यालय द्वाराहाट है सिमोली, सुंदरखाल, भैंसोली, रतगल आदि के ग्रामीणों को ब्लॉक मुख्यालय पहुंचने के लिए समय और धन की बरबादी हो रही है। मल्ली रियूनी निवासी गोपाल सिंह का कहना है कि रानीखेत नगर के नजदीक होने के बाद भी मजखाली क्षेत्र विकास की दौड़ में पिछड़ा है। सुंदरखाल-बटुलिया मार्ग के शेष डेढ़ किमी हिस्से का निर्माण कार्य आज तक नहीं हो पाया है। द्वारसों-काकड़ीघाट मोटर मार्ग का डामरीकरण नहीं हो पा रहा है। मजखाली में आईटीआई भी नहीं खुल पाई है। 
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मजखाली निवासी सत्यप्रकाश ने कहा कि मजखाली कस्बे में शौचालय तक नहीं बन सके हैं। राहगीरों को इससे भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मजखाली-दमतोला-क्वैरला दो किमी मोटर मार्ग भी नहीं बन पाया है। इस संबंध में राज्यपाल को ज्ञापन भेजा गया है और चेतावनी दी गई है कि यदि शीघ्र मांगें पूरी नहीं हुई तो 2017 विधानसभा चुनाव का बहिष्कार किया जाएगा। प्रधान खष्टी देवी, प्रधान भवानी देवी, भीम सिंह ने  कहा कि आगामी 15 अगस्त को काला दिवस के रूप में मनाया जाएगा।

 

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