{"_id":"65a24624876135adb0db0925410bf7e0","slug":"do-not-get-the-right-price-of-produce-cold-store-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोल्ड स्टोर नहीं होने से नहीं मिलता उपज का सही दाम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोल्ड स्टोर नहीं होने से नहीं मिलता उपज का सही दाम
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो/जैंती (अल्मोड़ा)।
Updated Mon, 31 Aug 2015 12:10 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जैंती, भनोली तहसील क्षेत्र में कोल्ड स्टोर नहीं होने के कारण किसान फल, सब्जी आदि का भंडारण नहीं कर पाते हैं। इस कारण किसानों को उत्पादित माल को औने पौने दामों में बेचना पड़ता है।
विज्ञापन
ऐसी स्थिति में किसानों को उत्पादित फसल का लागत मूल्य भी नहीं मिल पाता है और आर्थिक हानि उठानी पड़ रही है। किसानों ने तहसील क्षेत्र के अंतर्गत कोल्ड स्टोर खोलने की मांग की है।
विज्ञापन
क्षेत्र के मोतियापाथर, नाटाडोल, भांगादयोली, मेरगांव, डोल, शहरफाटक, गजार, पूनागढ़, डामर, चौखुटिया, चायखान, लमगड़ा, ठाठ, कल्टानी, जलना, पौधार, गड़ापानी, छड़ौजा, बेडचूला, पजैना, ज्वारनेडी, कुटौली खांकर, सिल्पड़ आदि क्षेत्र में आलू, सेब, नाशपाती, जैंती, कांडे, भट्यूड़ा, बकस्वाड़, सेल्टाचापड़, स्योड़ा, उड्यारी, दाड़िमी, कुंज, बांजधार, बिनौला, भाबू, बिराड़ आदि क्षेत्रों में नींबू, माल्टा, नाशपाती, केला, अनार, दाड़िम, संतरा, आडू, खुबानी, अंगूर आदि का बहुतायत में उत्पादन होता है।
विज्ञापन
क्षेत्र में कोल्ड स्टोर नहीं होने के कारण किसान उत्पादित फल तथा सब्जी आदि का भंडारण नहीं कर पाते हैं। इस कारण किसानों को फल, सब्जी को औने पौने दामों में बेचना पड़ता है। इन स्थितियों में किसानों को फसल का लागत मूल्य भी नहीं मिल पाता है।
सब्जी उत्पादन के लिए कई किसान बैंकों से लोन लेते हैं लेकिन उत्पादित सब्जी, फल का उचित लागत मूल्य न मिलने के कारण किसानों को बैंक का कर्ज चुकाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
किसानों ने इस बार आलू का बीज सात हजार रुपये प्रति क्विंटल खरीदा, लेकिन अब आलू को 1200 रुपये प्रति क्विंटल बेचने को मजबूर हैं।
डामर निवासी भैरव दत्त थुवाल ने बताया कि उन्होंने आढ़ती से सात हजार रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब आलू का बीज खरीदा। छह माह कड़ा परिश्रम करने के बावजूद अब आलू 1200 से 1500 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से बेचना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि यदि क्षेत्र में कोल्ड स्टोर होता तो आलू की उपज का भंडारण किया जाता और उचित मूल्य मिलने पर इसे मंडी में बेचा जाता है।
मोतियापाथर निवासी रमेश मेलकानी का कहना है कि क्षेत्र में शीघ्र कोल्ड स्टोर की स्थापना की जानी चाहिए। कोल्ड स्टोर बन जाने पर किसानों को सब्जी, फल उत्पादन के भंडारण में दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ेगा।
क्षेत्रीय विधायक गोविंद सिंह कुंजवाल कहते हैं कि पूनागढ़ मोतियापाथर में कोल्ड स्टोर निर्माण के लिए छह नाली भूमि चयनित की गई है और कोल्ड स्टोर का प्रस्ताव शासन स्तर पर लंबित है। इस वित्तीय वर्ष में कोल्ड स्टोर के स्वीकृत होने की उम्मीद है।