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बमनपुरी के डॉ. राजकुमार उपाध्याय बने सी डॉट के कार्यकारी निदेशक और अध्यक्ष
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सी-डॉट दिल्ली के कार्यकारी निदेशक राजकुमार उपाध्याय।
- फोटो : RANIKHET
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द्वाराहाट (अल्मोड़ा)। नगर के समीपवर्ती बमनपुरी निवासी डॉ. राजकुमार उपाध्याय भारत सरकार के दूरसंचार प्रौद्योगिकी केंद्र सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ टेलीमैटिक्स (सी-डॉट) के कार्यकारी निदेशक और अध्यक्ष बने हैं। उनके अध्यक्ष बनने पर गांव समेत समूचे क्षेत्र में खुशी की लहर है। डॉ. राजकुमार ने 19 अक्तूबर को परियोजना निदेशक, सी-डॉट के कार्यकारी निदेशक और अध्यक्ष का पदभार संभाल लिया है। वह भारत सरकार के भारतीय दूरसंचार सेवा (आईटीएस) के अधिकारी हैं।
इससे पूर्व वह डीडी और आकाशवाणी के अतिरिक्त महानिदेशक और कर्नाटक, तमिलनाडु, केरल, आंध्रप्रदेश, तेलंगाना, पुडुचेरी और अंडमान निकोबार द्वीप समूह के दक्षिण दूरदर्शन और अखिल भारतीय रेडियो प्रमुख के रूप में काम कर रहे थे। वह दर्शकों के लिए नई सामग्री लाने दूरदर्शन और आकाशवाणी की दशकों पुरानी अभिलेखीय सामग्री को डिजिटल बनाने के लिए जिम्मेदारीपूर्वक कार्य कर रहे थे। उन्होंने वर्तमान और अभिलेखीय सामग्री दोनों को यूट्यूब और प्रसार भारती एप के माध्यम से जनता के लिए उपलब्ध कराया। प्रसार भारती में शामिल होने से पहले उन्होंने दूरसंचार विभाग (डीओटी) में उपमहानिदेशक दूरसंचार सुरक्षा के रूप में काम किया। डॉ. राजकुमार जनवरी 2011 से जनवरी 2014 तक टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (ट्राई) नई दिल्ली के सलाहकार रहे। इस कार्यकाल के दौरान, वह राष्ट्रीय ब्रॉडबैंड योजना और राष्ट्रीय विकास नीति 2012 की तैयारी में शामिल थे। उन्होंने इन्फ्रास्ट्रक्चर, स्पेक्ट्रम प्राइसिंग, ब्रॉडबैंड, नेक्स्ट जनरेशन नेटवर्क्स, इंटरकनेक्शन, स्वदेशी टेलीकॉम उपकरण विनिर्माण, एप्लीकेशन सर्विसेज, कम्युनिकेशन फॉर डिफरेंटली एबल्ड पर्सन, टेलीविजन रेटिंग प्वाइंट्स, क्रॉस मीडिया से जुड़े मुद्दे, एकाधिकार से संबंधित मुद्दों पर विभिन्न परामर्श पत्रों, सिफारिशों, केबल टीवी, विलय, अधिग्रहण और प्रतियोगिता के मुद्दों आदि पर काम किया। वह 2011-12 के दौरान साउथ एशियन रेगुलेटर्स काउंसिल (एसएटीआरसी) के लिए पॉलिसी एंड रेग्युलेशन पर काम करने वाले ग्रुप के चेयरमैन थे। उन्होंने विभिन्न दूरसंचार परियोजनाओं, स्थापना, संचालन के लिए लगभग दो दशकों तक बीएसएनएल में भी काम किया। वह चार साल तक डीआरडीओ में वैज्ञानिक रह चुके हैं। डॉ. राजकुमार भारतीय प्रबंधन संस्थान, बंगलूरू से कॉरर्पोरेट रणनीति और नीति में पीएचडी, व्यवसाय प्रशासन में मास्टर डिग्री प्राप्त कर आईआईटी रुड़की से मास्टर ऑफ टेक्नोलॉजी की डिग्री धारक हैं। वह अमेरिका के सिरैक्यूज विश्वविद्यालय से अंतरराष्ट्रीय सार्वजनिक नीति में प्रमाणपत्र, 1987 में रक्षा मंत्रालय से जेसी बोस पुरस्कार, 2007 में भारत सरकार से राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार, 2007 में ही अंतरराष्ट्रीय डाटा समूह (आईडीज) से सीआईओ 100 पुरस्कार और 2009 में दीपक सी जैन की ओर से आईआईएम बंगलूरू पुरस्कार आदि प्राप्त कर चुके हैं। डॉ. उपाध्याय द्वारा आईटी, दूरसंचार और प्रबंधन पर लिखे कई लेख विभिन्न पत्र और पत्रिकाओं में प्रकाशित हुए हैं।
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इससे पूर्व वह डीडी और आकाशवाणी के अतिरिक्त महानिदेशक और कर्नाटक, तमिलनाडु, केरल, आंध्रप्रदेश, तेलंगाना, पुडुचेरी और अंडमान निकोबार द्वीप समूह के दक्षिण दूरदर्शन और अखिल भारतीय रेडियो प्रमुख के रूप में काम कर रहे थे। वह दर्शकों के लिए नई सामग्री लाने दूरदर्शन और आकाशवाणी की दशकों पुरानी अभिलेखीय सामग्री को डिजिटल बनाने के लिए जिम्मेदारीपूर्वक कार्य कर रहे थे। उन्होंने वर्तमान और अभिलेखीय सामग्री दोनों को यूट्यूब और प्रसार भारती एप के माध्यम से जनता के लिए उपलब्ध कराया। प्रसार भारती में शामिल होने से पहले उन्होंने दूरसंचार विभाग (डीओटी) में उपमहानिदेशक दूरसंचार सुरक्षा के रूप में काम किया। डॉ. राजकुमार जनवरी 2011 से जनवरी 2014 तक टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (ट्राई) नई दिल्ली के सलाहकार रहे। इस कार्यकाल के दौरान, वह राष्ट्रीय ब्रॉडबैंड योजना और राष्ट्रीय विकास नीति 2012 की तैयारी में शामिल थे। उन्होंने इन्फ्रास्ट्रक्चर, स्पेक्ट्रम प्राइसिंग, ब्रॉडबैंड, नेक्स्ट जनरेशन नेटवर्क्स, इंटरकनेक्शन, स्वदेशी टेलीकॉम उपकरण विनिर्माण, एप्लीकेशन सर्विसेज, कम्युनिकेशन फॉर डिफरेंटली एबल्ड पर्सन, टेलीविजन रेटिंग प्वाइंट्स, क्रॉस मीडिया से जुड़े मुद्दे, एकाधिकार से संबंधित मुद्दों पर विभिन्न परामर्श पत्रों, सिफारिशों, केबल टीवी, विलय, अधिग्रहण और प्रतियोगिता के मुद्दों आदि पर काम किया। वह 2011-12 के दौरान साउथ एशियन रेगुलेटर्स काउंसिल (एसएटीआरसी) के लिए पॉलिसी एंड रेग्युलेशन पर काम करने वाले ग्रुप के चेयरमैन थे। उन्होंने विभिन्न दूरसंचार परियोजनाओं, स्थापना, संचालन के लिए लगभग दो दशकों तक बीएसएनएल में भी काम किया। वह चार साल तक डीआरडीओ में वैज्ञानिक रह चुके हैं। डॉ. राजकुमार भारतीय प्रबंधन संस्थान, बंगलूरू से कॉरर्पोरेट रणनीति और नीति में पीएचडी, व्यवसाय प्रशासन में मास्टर डिग्री प्राप्त कर आईआईटी रुड़की से मास्टर ऑफ टेक्नोलॉजी की डिग्री धारक हैं। वह अमेरिका के सिरैक्यूज विश्वविद्यालय से अंतरराष्ट्रीय सार्वजनिक नीति में प्रमाणपत्र, 1987 में रक्षा मंत्रालय से जेसी बोस पुरस्कार, 2007 में भारत सरकार से राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार, 2007 में ही अंतरराष्ट्रीय डाटा समूह (आईडीज) से सीआईओ 100 पुरस्कार और 2009 में दीपक सी जैन की ओर से आईआईएम बंगलूरू पुरस्कार आदि प्राप्त कर चुके हैं। डॉ. उपाध्याय द्वारा आईटी, दूरसंचार और प्रबंधन पर लिखे कई लेख विभिन्न पत्र और पत्रिकाओं में प्रकाशित हुए हैं।
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