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डिगरा के जंगल में शावक बेहोश मिला
अमर उजाला ब्यूरो अल्मोड़ा
Updated Sun, 20 Nov 2016 11:04 PM IST
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बीमार पड़ा शावक
- फोटो : अमर उजाला
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वन पंचायत क्षेत्र डिगरा के जंगल में एक शावक बेहोश मिला। वन कर्मियों ने बेहोश मादा शावक को ट्रेंकुलाइज कर पिंजरे में कैद कर लिया है। फिलहाल उसका उपचार किया जा रहा है। स्वस्थ होने पर उसे जंगल में छोड़ा जाएगा।
बताया जा रहा है वन पंचायत क्षेत्र डिंगरा के जंगल में ग्रामीणों को रविवार की सुबह चार गुलदार दिखाई दिए। जिनमें दो बड़े गुलदार और दो छोटे शावक थे। इनमें से एक मादा शावक बेहोश पड़ी मिली। इसकी सूचना ग्रामीणों ने वन विभाग को दी। वन विभाग की टीम के पहुंचने तक अन्य तीन गुलदार जंगल की तरफ निकल गए थे जबकि बेहोश मादा शावक को वन कर्मियों ने ट्रेंकुलाइज कर बेहोश किया। पिंजरे में कैद कर मादा गुलदार शावक उपचार किया गया।
रेंजर मनोज लोहनी ने बताया कि मादा गुलदार होश में आ गई है। उसे निमोनिया की शिकायत है। तेंदुए को पकड़ने वाली टीम में रेंजर मनोज लोहनी, रेंजर केवलानंद पांडे के अलावा कुंदन बिष्ट, त्रिलोक कैड़ा, नंदन गिरि आदि शामिल थे। रेंजर श्री लोहनी ने बताया कि उसे अल्मोड़ा एनटीडी स्थित रेस्क्यू सेंटर लाया जा रहा है। स्वस्थ होने पर उसे जंगल में छोड़ा जाएगा।
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इधर ग्रामीणों ने वन विभाग को बताया कि अन्य तीन गुलदार भी लड़खड़ाते और झूमते हुए चल रहे थे। आशंका है कि यह गुलदार भी बीमार होंगे। वन कर्मियों ने जंगल में गुलदारों की खोज की, लेकिन उनकी कोई जानकारी नहीं मिली। विभाग सोमवार को जंगल में पुन: तेंदुओं की खोज करेगा।
बताया जा रहा है वन पंचायत क्षेत्र डिंगरा के जंगल में ग्रामीणों को रविवार की सुबह चार गुलदार दिखाई दिए। जिनमें दो बड़े गुलदार और दो छोटे शावक थे। इनमें से एक मादा शावक बेहोश पड़ी मिली। इसकी सूचना ग्रामीणों ने वन विभाग को दी। वन विभाग की टीम के पहुंचने तक अन्य तीन गुलदार जंगल की तरफ निकल गए थे जबकि बेहोश मादा शावक को वन कर्मियों ने ट्रेंकुलाइज कर बेहोश किया। पिंजरे में कैद कर मादा गुलदार शावक उपचार किया गया।
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रेंजर मनोज लोहनी ने बताया कि मादा गुलदार होश में आ गई है। उसे निमोनिया की शिकायत है। तेंदुए को पकड़ने वाली टीम में रेंजर मनोज लोहनी, रेंजर केवलानंद पांडे के अलावा कुंदन बिष्ट, त्रिलोक कैड़ा, नंदन गिरि आदि शामिल थे। रेंजर श्री लोहनी ने बताया कि उसे अल्मोड़ा एनटीडी स्थित रेस्क्यू सेंटर लाया जा रहा है। स्वस्थ होने पर उसे जंगल में छोड़ा जाएगा।
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इधर ग्रामीणों ने वन विभाग को बताया कि अन्य तीन गुलदार भी लड़खड़ाते और झूमते हुए चल रहे थे। आशंका है कि यह गुलदार भी बीमार होंगे। वन कर्मियों ने जंगल में गुलदारों की खोज की, लेकिन उनकी कोई जानकारी नहीं मिली। विभाग सोमवार को जंगल में पुन: तेंदुओं की खोज करेगा।