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97 फीसदी अंक लाने के बावजूद नहीं हुआ जेएनवी में चयन
ब्यूरो /अमर उजाला, रानीखेत (अल्मोड़ा)।
Updated Tue, 24 Nov 2015 10:55 PM IST
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जवाहर नवोदय विद्यालय (जेएनवी) की चयन परीक्षा में सर्वोच्च 97 फीसदी अंक प्राप्त करने के बावजूद दो परीक्षार्थियों का चयन नहीं हुआ है। संबंधित अभिभावकों ने जब सीबीएसई बोर्ड से आरटीआई के तहत सूचनाएं मांगी तो इसका खुलासा हुआ। जवाब में बोर्ड की तरफ से ब्लॉक स्तर पर आरक्षण का हवाला दिया जा रहा है। जबकि परीक्षा नियमावली में इसका कोई भी जिक्र नहीं है।
आक्रोशित अभिभावकों ने सीबीएसई बोर्ड पर भेदभाव का आरोप लगाया है। कहा कि इससे उनके बच्चों का मनोबल बुरी तरह से टूटा है यदि उन्हें न्याय नहीं मिला तो वह न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे।
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ताड़ीखेत निवासी पूरन चंद्र कांडपाल ने बताया कि इस साल उनके पुत्र पारितोष कांडपाल ने जेएनवी की चयन परीक्षा दी थी। परीक्षा भी अच्छी हुई थी, लेकिन उसका चयन नहीं हो पाया। इससे परितोष काफी परेशान था, इस संबंध में उन्होंने जेएनवी, ताड़ीखेत में बात कि तो विद्यालय प्रशासन ने बताया कि परीक्षाफल सीबीएसई बोर्ड द्वारा तैयार किया जाता है। इस पर उन्होंने दिल्ली में बोर्ड से आरटीआई के तहत सूचना मांगी, तो इसका खुलासा हुआ। उनके पुत्र ने परीक्षा में 97 फीसदी अंक प्राप्त किए थे। सीबीएसई बोर्ड का कहना है कि ब्लॉक स्तर पर आरक्षण की वजह से चयन नहीं हो पाया। कांडपाल ने बताया कि सीबीएसई अपनी गलती मानने को तैयार नहीं है।
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आरक्षण की बात कहीं भी इंगित नहीं है। इस संबंध में बोर्ड द्वारा तरह-तरह के तथ्य पेश किए जा रहे हैं जो कि पूरी तरह से अभिभावकों के साथ छलावा है। दूसरे परीक्षार्थी ताड़ीखेत निवासी प्रताप नेगी के पुत्र हिमांक नेगी हैं। उनका चयन भी नहीं किया गया है। अभिभावकों का कहना है कि सीबीएसई चयन परीक्षा से लोगों का विश्वास उठ रहा है। आक्रोशित अभिभावकों ने अब न्यायालय का दरवाजा खटखटाने की चेतावनी दी है।