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पीएचडी, शिक्षा और विधि संकायों में शीघ्र प्रवेश परीक्षाएं करवाने की उठाई मांग
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अल्मोड़ा। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने पीएचडी, विधि और शिक्षा संकायों की प्रवेश परीक्षा नहीं हो पाने से छात्रों की समस्याएं उठाई हैं। परिषद ने परिसर निदेशक के माध्यम से कुलपति को ज्ञापन भेज सितंबर और अक्तूबर में ही प्रवेश परीक्षाएं करवाने की मांग की है।
ज्ञापन में एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने कहा कि पीएचडी, बीएड, एमएड, एलएलबी और एलएलएम की प्रवेश परीक्षाएं हमेशा अप्रैल में होकर जुलाई तक प्रवेश प्रक्रिया संपन्न होती थी। लेकिन इस बार कोरोना के चलते परीक्षाएं नहीं हो पाईं। देश में अब अनलॉक-4 चल रहा है। केंद्र और राज्य सरकार की ओर से शैक्षणिक संस्थानों को खोलने की प्रक्रिया की जा रही है।
राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाएं भी हो रहीं हैं। इसी क्रम में कुमाऊं विश्वविद्यालय भी पीएचडी, बीएड, एलएलबी आदि में प्रवेश परीक्षा करा सकता है। कहा कि अब तक प्रवेश परीक्षा पर स्थिति साफ नहीं हो पाई है। उन्होंने शीघ्र ही इसको लेकर स्थिति साफ करने की बात कही। साथ ही कहा कि योग की तरह ही कई विषयों में पीएचडी के लिए सीटें कम हैं।
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दो साल पूर्व नेट और जेआरएफ उत्तीर्ण कर चुके छात्र इस साल प्रवेश से वंचित रहे तो उन्हें जेआरएफ फेलोशिप का लाभ नहीं मिल पाएगा। सभी बातों को ध्यान में रख उन्होंने सितंबर या अक्तूबर में प्रवेश परीक्षा कराने की मांग की। ज्ञापन सौंपने वालों में छात्रसंघ अध्यक्ष दीपक उप्रेती, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष राजेंद्र चंद्र जोशी आदि रहे।
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ज्ञापन में एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने कहा कि पीएचडी, बीएड, एमएड, एलएलबी और एलएलएम की प्रवेश परीक्षाएं हमेशा अप्रैल में होकर जुलाई तक प्रवेश प्रक्रिया संपन्न होती थी। लेकिन इस बार कोरोना के चलते परीक्षाएं नहीं हो पाईं। देश में अब अनलॉक-4 चल रहा है। केंद्र और राज्य सरकार की ओर से शैक्षणिक संस्थानों को खोलने की प्रक्रिया की जा रही है।
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राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाएं भी हो रहीं हैं। इसी क्रम में कुमाऊं विश्वविद्यालय भी पीएचडी, बीएड, एलएलबी आदि में प्रवेश परीक्षा करा सकता है। कहा कि अब तक प्रवेश परीक्षा पर स्थिति साफ नहीं हो पाई है। उन्होंने शीघ्र ही इसको लेकर स्थिति साफ करने की बात कही। साथ ही कहा कि योग की तरह ही कई विषयों में पीएचडी के लिए सीटें कम हैं।
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दो साल पूर्व नेट और जेआरएफ उत्तीर्ण कर चुके छात्र इस साल प्रवेश से वंचित रहे तो उन्हें जेआरएफ फेलोशिप का लाभ नहीं मिल पाएगा। सभी बातों को ध्यान में रख उन्होंने सितंबर या अक्तूबर में प्रवेश परीक्षा कराने की मांग की। ज्ञापन सौंपने वालों में छात्रसंघ अध्यक्ष दीपक उप्रेती, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष राजेंद्र चंद्र जोशी आदि रहे।