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सांस्कृतिक समारोह और युवा उत्सव
Wed, 01 May 2019 11:54 PM IST
दीपक नेगी
almora
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Published by: दीपक नेगी
Updated Wed, 01 May 2019 11:54 PM IST
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युवा महोत्सव में कार्यक्रम पेश करतीं छात्राएं।
- फोटो : amar ujala
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एसएसजे परिसर अल्मोड़ा के ऑडिटोरियम में आयोजित तीन दिनी सांस्कृतिक समारोह युवा उत्सव के समापन पर विभिन्न संकायों के छात्र-छात्राओं ने लोक संस्कृति को पिरोते हुए नृत्य की शानदार प्रस्तुति देकर मन मोह लिया। नाटक प्रतियोगिता में वाणिज्य संकाय, प्रहसन में विज्ञान संकाय और लोकनृत्य में शिक्षा संकाय को पहला स्थान मिला। झांकी प्रतियोगिता में शिक्षा संकाय प्रथम, वाणिज्य संकाय द्वितीय, कला और विज्ञान संकाय तृतीय स्थान पर रहा।
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वाद-विवाद प्रतियोगिता में दीपक उप्रेती प्रथम, रिंकी पांडे, हिमानी दुर्गापाल, ऐश्वर्या द्वितीय, कविता भट्ट तृतीय रहे। चित्रकला में कौशल कुमार, आकर्षण बोरा, सुमन गौड़, मेहंदी में नमिता भट्ट, नेहा बाराकोटी, मुन्नी और प्रीति, एकल गान में अक्षय कुमार, धीरज कनवाल, निकिता, नाटक में वाणिज्य संकाय, कला संकाय, शिक्षा संकाय क्रमश: प्रथम, द्वितीय, तृतीय रहे। दीपक तिवारी सर्वश्रेष्ठ निर्देशक, शुभांकर कांडपाल सर्वश्रेष्ठ अभिनेता, सौम्या कांडपाल सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री घोषित किए गए।
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कला संकाय के छात्रों ने कुमाऊंनी, गढ़वाली लोक गीत, जागर नृत्य, झोड़ा, चांचरी की प्रस्तुति दी। शिक्षा संकाय के कलाकारों ने दैंणा होया खोली का गणेशा हो.. आदि पेश किया। युगल पांडे ने बांसुरी वादन और हैरी एंड ग्रुप ने गिटार वादन किया। विज्ञान संकाय ने कुमाऊंनी लोरी, हुड़किया बौल ने नृत्य किया। संगीत विभाग की डा. वंदना जोशी ने बेडू पाको बारह मासा नरैण काफल पाको चैता मेरी छैला.. गीत प्रस्तुत किया।
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लोक नृत्य, एकल नृत्य प्रतियोगिता के निर्णायक श्रीश्री महंत त्रिभुवन गिरि महाराज, राजेंद्र तिवारी, मनमोहन चौधरी ने विचार रखे। अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. प्रवीण बिष्ट ने निर्णायकों को सम्मानित किया। कुलानुशासक डा. डीएस बिष्ट ने छात्र-छात्राएं अनुशासन में रहें। अव्वल रहे छात्र-छात्राओं को प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। मंच का संचालन प्रो. भीमा मनराल, प्रो. एके नवीन, डा. संगीता ने संयुक्त रूप से किया।