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सक्षम जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने सुनाया फैसला
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अल्मोड़ा। सक्षम जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने प्रबंधक ओरियंटल इंश्योरेंस कंपनी लि. अल्मोड़ा को शिकायतकर्ता को मृत गाय की बीमित राशि 10 हजार रुपये और गाय की मृत्यु के दिन से वास्तविक भुगतान की तिथि तक छह प्रतिशत की दर से वार्षिक ब्याज देने के आदेश दिए हैं। आयोग ने प्रबंधक को आदेशित किया है कि वह तीन हजार रुपये की राशि मानसिक क्षतिपूर्ति के तौर पर एक माह के भीतर शिकायतकर्ता को अदा करना सुनिश्चित करे।
ग्राम पंचायत फलसीमा निवासी भगवती देवी ने ओरियंटल इंश्योरेंस कंपनी लि. से तीन गायों का बीमा कराया था। इनमें से बीमित एक गाय एक मार्च 2020 को मर गई। इसकी सूचना उसने इसी दिन पशु चिकित्सक और बीमा कंपनी के कर्मचारी को दी। कंपनी ने जांच अधिकारी से रिपोर्ट मंगाई। गाय की फोटो और कान का टैग निकाला गया।
भगवती देवी ने कंपनी से गाय की बीमित राशि का भुगतान करने को लेकर पत्र लिखा, लेकिन भुगतान मिला। इसके बाद उसने आयोग में इंश्योरेंस कंपनी के प्रबंधक और बीमा एजेंट एसके अग्रवाल के खिलाफ शिकायती प्रार्थना पत्र दिया। विपक्षीगणों को नोटिस भेज गए पर विपक्षीगणों की ओर से आयोग के समक्ष कोई उपस्थित नहीं हुआ और न ही उनकी ओर से कोई जवाब दावा दाखिल किया गया।
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आयोग के अध्यक्ष मलिक मजहर सुल्तान और सदस्य चंचल सिंह बिष्ट ने शिकायकर्ता के अधिवक्ता की बहस एकपक्षीय सुनी। पत्रावली और उपलब्ध साक्ष्य, सामग्री का परिशीलन किया। न्यायालय ने माना की एसके अग्रवाल बीमा एजेंट है उसे बीमा राशि देनदारी के लिए उत्तरदायी नहीं माना जा सकता है। शिकायकर्ता को बीमा राशि और मानसिक क्षतिपूर्ति अदा करने का उत्तरदायित्व बीमा कंपनी का है।
आयोग ने बीमा कंपनी को आदेशित किया कि वह गाय की बीमित राशि 10 हजार रुपये, इस राशि पर गाय की मृत्यु की तिथि एक मार्च 2020 से वास्तविक भुगतान की तिथि तक छह प्रतिशत की वार्षिक ब्याज और तीन हजार मानसिक क्षतिपूर्ति एक माह में शिकायतकर्ता को अदा करना सुनिश्चित करे।
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ग्राम पंचायत फलसीमा निवासी भगवती देवी ने ओरियंटल इंश्योरेंस कंपनी लि. से तीन गायों का बीमा कराया था। इनमें से बीमित एक गाय एक मार्च 2020 को मर गई। इसकी सूचना उसने इसी दिन पशु चिकित्सक और बीमा कंपनी के कर्मचारी को दी। कंपनी ने जांच अधिकारी से रिपोर्ट मंगाई। गाय की फोटो और कान का टैग निकाला गया।
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भगवती देवी ने कंपनी से गाय की बीमित राशि का भुगतान करने को लेकर पत्र लिखा, लेकिन भुगतान मिला। इसके बाद उसने आयोग में इंश्योरेंस कंपनी के प्रबंधक और बीमा एजेंट एसके अग्रवाल के खिलाफ शिकायती प्रार्थना पत्र दिया। विपक्षीगणों को नोटिस भेज गए पर विपक्षीगणों की ओर से आयोग के समक्ष कोई उपस्थित नहीं हुआ और न ही उनकी ओर से कोई जवाब दावा दाखिल किया गया।
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आयोग के अध्यक्ष मलिक मजहर सुल्तान और सदस्य चंचल सिंह बिष्ट ने शिकायकर्ता के अधिवक्ता की बहस एकपक्षीय सुनी। पत्रावली और उपलब्ध साक्ष्य, सामग्री का परिशीलन किया। न्यायालय ने माना की एसके अग्रवाल बीमा एजेंट है उसे बीमा राशि देनदारी के लिए उत्तरदायी नहीं माना जा सकता है। शिकायकर्ता को बीमा राशि और मानसिक क्षतिपूर्ति अदा करने का उत्तरदायित्व बीमा कंपनी का है।
आयोग ने बीमा कंपनी को आदेशित किया कि वह गाय की बीमित राशि 10 हजार रुपये, इस राशि पर गाय की मृत्यु की तिथि एक मार्च 2020 से वास्तविक भुगतान की तिथि तक छह प्रतिशत की वार्षिक ब्याज और तीन हजार मानसिक क्षतिपूर्ति एक माह में शिकायतकर्ता को अदा करना सुनिश्चित करे।