कांग्रेस शासनकाल में नहीं बन पाई अल्मोड़ा में टनल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कांग्रेस सरकार द्वारा नगर के लोअर मालरोड से सिकुड़ा बैंड (धारानौला) तक स्वीकृत टनल का निर्माण नहीं हो सका है। अब लोगों को उम्मीद है कि भाजपा सरकार बहुप्रतीक्षित टनल का निर्माण करेगी। विशेषज्ञों के फिजिविलिटी परीक्षण का काम पूरा करने के बाद लोनिवि ने रिपोर्ट गत अक्तूबर को शासन को भेज दी थी। चुनाव के चलते 1228 मीटर लंबी टनल के लिए बजट मंजूर नहीं होने से काम शुरू नहीं हो सका है।
अल्मोड़ा नगर में वाहनों का दबाव बढ़ता जा रहा है। पार्किंग स्थल नहीं होने और यातायात अव्यवस्थित रहने से वाहन चालकों के साथ ही पैदल चलने वालों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है। मालरोड से धारानौला पहुंचने के लिए सड़क से करीब दस से बारह किमी की दूरी तय करनी पड़ती है। लोग काफी समय से शहर में टनल निर्माण की मांग उठाते आ रहे थे। 2015 में मुख्यमंत्री हरीश रावत ने टनल निर्माण की स्वीकृति दी और फिजिविलिटी परीक्षण को लोनिवि को 50 लाख रुपए स्वीकृत किए।
लोनिवि प्रांतीय खंड ने टनल निर्माण की संभावना जांचने के लिए फिजिविलिटी परीक्षण का काम गुड़गांव की कंपनी एमबर्ग इंजीनियरिंग को सौंपा था। कंपनी के विशेषज्ञों ने लोअर मालरोड वर्कशॉप के समीप से सिकुड़ा बैंड (धारानौला) तक टनल निर्माण का सर्वे किया और इसे उपयुक्त पाया। फिजिविलिटी परीक्षण का काम पूरा कर कंपनी ने गत अक्तूबर में लोनिवि को रिपोर्ट सौंप दी थी। इसके बाद विभाग ने फिजिविलिटी रिपोर्ट शासन को भेज दी थी, पर कांग्रेस सरकार टनल का निर्माण कार्य शुरू नहीं कर सकी।
कोट----
विशेषज्ञों की रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है। बजट जारी नहीं होने से टनल का काम प्रारंभ नहीं हो सका है।
विनोद सनवाल, सहायक अभियंता, लोनिवि प्रांतीय खंड अल्मोड़ा।