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देश में अघोषित आपातकाल की स्थितियां: भाकपा माले
अमर उजाला ब्यूराे अल्माेड़ा
Updated Sun, 14 May 2017 11:12 PM IST
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भारत की कम्युनिस्ट पार्टी माले के दो दिवसीय राज्य स्तरीय पार्टी स्कूल के समापन में वक्ताओं ने भारत के कम्युनिस्ट आंदोलन पर चर्चा की और केंद्र सरकार पर जनता पर महंगाई और बेरोजगारी थोपने का आरोप भी लगाया। वक्ताओं ने मोदी सरकार को कारपोरेट सरकार बताते हुए कहा कि देश के अंदर अघोषित आपातकाल की स्थितियां पैदा हो गई हैं और सरकार हर विरोध और असहमति जताने वाली आवाज को कुचलने में आमादा है। वक्ताओं ने शराब के विरोध में उत्तराखंड में चल रहे आंदोलन को समर्थन देते हुए पूर्ण शराबबंदी की मांग की है।
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पार्टी के राज्य सचिव राजेंद्र पर्थोली ने कहा कि मोदी सरकार के तीन साल पूरे होने वाले हैं, लेकिन इन तीन सालों में कारपोरेट लूट के सारे रिकार्ड टूट गए हैं। एक तरफ देश में महंगाई और बेराजगारी की मार पड़ रही है तो दूसरी तरफ आर्थिक असमानता चरम पर पहुंच गई है और देश में सांप्रदायिक माहौल बनाया जा रहा है। जिससे अघोषित आपातकाल जैसी स्थितियां पैदा हो रही हैं। उन्होंने कहा कि विवि का गला घोट कर शिक्षण संस्थानों के खिलाफ मोदी सरकार ने युद्ध छेड़ रखा है, जबकि गो रक्षा के नाम पर गोरक्षा गिरोहों का आतंक बढ़ता जा रहा है।
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उन्होंने कहा कि मोदी राज में असहमति के लिए कोई गुंजाइश नहीं बची है। दलितों और अल्पसंख्यकों पर हमले हो रहे हैं। उत्तराखंड के संदर्भ में चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि नव निर्वाचित रावत सरकार शराब माफियाओं के साथ तन-मन से काम कर रही है। राज्य मार्गों को जिला मार्ग में बदल कर भाजपा सरकार के माफिया हितैषी मंशा को उजागर किया है।
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उन्होंने चारधाम रेलवे लाइन के सर्वे के शिलान्यास को भी हास्यास्पद बताया। इससे पूर्व प्रथम सत्र में पुरुषोत्तम शर्मा ने भारत में कम्युनिस्ट आंदोलन के इतिहास पर चर्चा की। इस दौरान इंद्रेश मैखुरी, आनंद सिंह नेगी, बहादुर सिंह जंगी, अतुल सती आदिनेतागण मौजूद थेे।