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विश्व में आध्यात्मिक और ध्यान केंद्र के रूप में विकसित होगा डोल आश्रम : सीएम
Fri, 05 May 2023 11:18 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Fri, 05 May 2023 11:18 PM IST
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अल्मोड़ा के श्री कल्याणिका हिमालय देवस्थानम न्यास कनरा डोल में पहुंचे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धा
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अल्मोड़ा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि श्री कल्याणिका हिमालय देवस्थानम न्यास कनरा डोल को विश्व के आध्यात्मिक और ध्यान केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। साथ ही यहां के संस्कृत विद्यालय को महाविद्यालय या विश्वविद्यालय का दर्जा देने का हर संभव प्रयास होगा। इस दौरान भव्य कलश यात्रा भी निकाली गई।
मुख्यमंत्री शुक्रवार को डोल आश्रम के वार्षिकोत्सव में समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मानसखंड मंदिर माला मिशन के तहत जागेश्वर धाम, महाकाली मंदिर गंगोलीहाट समेत तमाम धार्मिक स्थलों को धार्मिक पर्यटन सर्किट के रूप में विकसित किया जा रहा है। जागेश्वर सर्किट का ड्राफ्ट लगभग तैयार है, जल्द ही इसे लागू करेंगे। 17 मंदिरों को मंदिर माला मिशन योजना से जोड़ने का प्रस्ताव है।
सीएम ने कहा कि मानसखंड मंदिर माला मिशन का मास्टर प्लान पूर्णरूप से तैयार हो चुका है। इसकी शुरूआत जागेश्वर धाम से होगी। धर्म, आध्यात्म, संस्कृति, शिक्षा के प्रमुख केंद्र में रूप में डोल आश्रम उभर रहा है। इसको मानसखंड माला का प्रमुख पड़ाव के रूप में शामिल करेंगे। उन्होंने कहा कि बाबा कल्याणदास ने एक साधक के रूप में पांच दशकों तक लगातार साधना की। उन्होंने इस आश्रम में श्रीयंत्र स्थापित किया है। आने वाले समय में केवल भारत ही नहीं बल्कि पूरे विश्व के लोग इस आश्रम में शांति, आध्यात्म और संस्कृति को जानने के लिए आएंगे।
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सीएम ने कहा कि प्रदेश में संस्कृति संरक्षण के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। इसके लिए सरकार धर्मांतरण विरोधी कानून लाई है। सरकार ने यह भी निर्णय लिया है कि लैंड जिहाद के तहत हुए अतिक्रमण को भी समाप्त किया जाएगा। समान नागरिक संहिता को लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यहां पर तीन नए-नए पार्किग स्थल विकसित किए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि मानसखंड मंदिर माला मिशन के तहत यह आश्रम भी एक अंग के रूप में विकसित होगा। आने वाले समय में जिस प्रकार चारधाम यात्रा चलती है उसी तरह मानसखंड यात्रा और कैलाश मानसरोवर यात्रा भी चलेगी। उसका एक बहुत बड़ा पड़ाव डोल आश्रम और जागेश्वर धाम भी होगा।
जागेश्वर के विधायक मोहन सिंह मेहरा ने कहा कि महाराज कल्याणदास ने इस क्षेत्र में जो परमार्थ कार्य किए हैं वह अतुलनीय है। उनके मार्गदर्शन में यहां से पलायन को रोका जा सकता है। उन्होंने डोल के निकट हेलीपैड, पार्किंग स्थल के अलावा दन्या और पनुवानौला में पार्किंग बनाने की मांग की। अल्मोड़ा के विधायक मनोज तिवारी ने कहा कि संत, महात्माओं ने उत्तराखंड आकर तपस्या की और आध्यात्म का केंद्र बनाया। पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल ने कहा कि प्रत्येक ब्लाॅक में सुविधाओं से सुसज्जित नया शहर बसाया जाना चाहिए जिससे पलायन पर रोक लग सके। बाबा कल्याणदास ने कहा कि जन्मभूमि के लिए बेहतर कार्य करने होंगे। बुरे व्यसनों को त्यागकर आध्यात्म को अपना होगा तभी हमारा जीवन और समाज सुख समृद्धि प्राप्त कर सकेगा।
नर-नारायण मूर्तियों का किया अनावरण
मुख्यमंत्री ने 1100 कन्याओं का पूजन किया। साथ ही नर-नारायण मूर्तियों का अनावरण किया। सीएम धामी ने श्रीयंत्र की पूजा-अर्चना कर देश और प्रदेश की खुशहाली की कामना की। इससे पूर्व 1100 महिलाओं ने समान वेशभूषा में कलश यात्रा निकाली। इस मौके पर हुए भंडारे में कई लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।
कार्यक्रम में ये रहे मौजूद
भाजपा जिलाध्यक्ष रमेश बहुगुणा, सुभाष पांडे, केवल सती, डीसीबी अध्यक्ष ललित लटवाल, पूर्व अध्यक्ष प्रशांत भैसोड़ा, दिवान भैसोड़ा, दीवान सतवाल, कृष्ण सिंह बिष्ट, तारा चंद्र जोशी, नरेंद्र आगरी, गोपाल चौहान, कुंदन लटवाल, प्रकाश भट्ट, जिलाधिकारी वंदना सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रचिता जुयाल आदि मौजूद रहे। आश्रम के विश्व सरैयानंद ने आश्रम के बारे में जानकारी दी। संचालन स्वामी हरि चैतन्य ने किया।
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मुख्यमंत्री शुक्रवार को डोल आश्रम के वार्षिकोत्सव में समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मानसखंड मंदिर माला मिशन के तहत जागेश्वर धाम, महाकाली मंदिर गंगोलीहाट समेत तमाम धार्मिक स्थलों को धार्मिक पर्यटन सर्किट के रूप में विकसित किया जा रहा है। जागेश्वर सर्किट का ड्राफ्ट लगभग तैयार है, जल्द ही इसे लागू करेंगे। 17 मंदिरों को मंदिर माला मिशन योजना से जोड़ने का प्रस्ताव है।
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सीएम ने कहा कि मानसखंड मंदिर माला मिशन का मास्टर प्लान पूर्णरूप से तैयार हो चुका है। इसकी शुरूआत जागेश्वर धाम से होगी। धर्म, आध्यात्म, संस्कृति, शिक्षा के प्रमुख केंद्र में रूप में डोल आश्रम उभर रहा है। इसको मानसखंड माला का प्रमुख पड़ाव के रूप में शामिल करेंगे। उन्होंने कहा कि बाबा कल्याणदास ने एक साधक के रूप में पांच दशकों तक लगातार साधना की। उन्होंने इस आश्रम में श्रीयंत्र स्थापित किया है। आने वाले समय में केवल भारत ही नहीं बल्कि पूरे विश्व के लोग इस आश्रम में शांति, आध्यात्म और संस्कृति को जानने के लिए आएंगे।
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सीएम ने कहा कि प्रदेश में संस्कृति संरक्षण के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। इसके लिए सरकार धर्मांतरण विरोधी कानून लाई है। सरकार ने यह भी निर्णय लिया है कि लैंड जिहाद के तहत हुए अतिक्रमण को भी समाप्त किया जाएगा। समान नागरिक संहिता को लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यहां पर तीन नए-नए पार्किग स्थल विकसित किए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि मानसखंड मंदिर माला मिशन के तहत यह आश्रम भी एक अंग के रूप में विकसित होगा। आने वाले समय में जिस प्रकार चारधाम यात्रा चलती है उसी तरह मानसखंड यात्रा और कैलाश मानसरोवर यात्रा भी चलेगी। उसका एक बहुत बड़ा पड़ाव डोल आश्रम और जागेश्वर धाम भी होगा।
जागेश्वर के विधायक मोहन सिंह मेहरा ने कहा कि महाराज कल्याणदास ने इस क्षेत्र में जो परमार्थ कार्य किए हैं वह अतुलनीय है। उनके मार्गदर्शन में यहां से पलायन को रोका जा सकता है। उन्होंने डोल के निकट हेलीपैड, पार्किंग स्थल के अलावा दन्या और पनुवानौला में पार्किंग बनाने की मांग की। अल्मोड़ा के विधायक मनोज तिवारी ने कहा कि संत, महात्माओं ने उत्तराखंड आकर तपस्या की और आध्यात्म का केंद्र बनाया। पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल ने कहा कि प्रत्येक ब्लाॅक में सुविधाओं से सुसज्जित नया शहर बसाया जाना चाहिए जिससे पलायन पर रोक लग सके। बाबा कल्याणदास ने कहा कि जन्मभूमि के लिए बेहतर कार्य करने होंगे। बुरे व्यसनों को त्यागकर आध्यात्म को अपना होगा तभी हमारा जीवन और समाज सुख समृद्धि प्राप्त कर सकेगा।
नर-नारायण मूर्तियों का किया अनावरण
मुख्यमंत्री ने 1100 कन्याओं का पूजन किया। साथ ही नर-नारायण मूर्तियों का अनावरण किया। सीएम धामी ने श्रीयंत्र की पूजा-अर्चना कर देश और प्रदेश की खुशहाली की कामना की। इससे पूर्व 1100 महिलाओं ने समान वेशभूषा में कलश यात्रा निकाली। इस मौके पर हुए भंडारे में कई लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।
कार्यक्रम में ये रहे मौजूद
भाजपा जिलाध्यक्ष रमेश बहुगुणा, सुभाष पांडे, केवल सती, डीसीबी अध्यक्ष ललित लटवाल, पूर्व अध्यक्ष प्रशांत भैसोड़ा, दिवान भैसोड़ा, दीवान सतवाल, कृष्ण सिंह बिष्ट, तारा चंद्र जोशी, नरेंद्र आगरी, गोपाल चौहान, कुंदन लटवाल, प्रकाश भट्ट, जिलाधिकारी वंदना सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रचिता जुयाल आदि मौजूद रहे। आश्रम के विश्व सरैयानंद ने आश्रम के बारे में जानकारी दी। संचालन स्वामी हरि चैतन्य ने किया।