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महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं ने सीएमओ का किया घेराव, नारेबाजी की
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अल्मोड़ा सीएमओ कार्यालय में सीएमओ डॉ. आरसी पंत को ज्ञापन देते महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता व पर्य?
- फोटो : ALMORA
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अल्मोड़ा। दो माह का वेतन नहीं मिलने से नाराज महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता और पर्यवेक्षकों ने मुख्य चिकित्साधिकारी का घेराव किया कर प्रदर्शन किया। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ नारेबाजी कर विरोध जताया।
मातृ और शिशु परिवार कल्याण महिला कर्मचारी संघ के बैनर तले पांडेखोला स्थित सीएमओ कार्यालय जा धमकी। उन्होंने सीएमओ डॉ. आरपी पंत का घेराव किया और वेतन नहीं मिलने पर उनके समक्ष नाराजगी जताई। कहा कि स्वास्थ्य कार्यकर्ता और पर्यवेक्षकों को जून, जुलाई के वेतन का भुगतान नहीं किया गया है। कई स्वास्थ्य कार्यकर्ता और पर्यवेक्षक किराये में रहते हैं लेकिन वेतन नहीं मिलने के कारण वह किराये के कमरों का भुगतान नहीं कर पा रहे हैं।
बच्चों की स्कूल फीस बैंक, एलआईसी ऋण की किस्त चुकाने में भी उन्हें भारी दिक्कतें हो रही है। कोरोना काल में महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता और पर्यवेक्षकों ने अपनी जान जोखिम में डालकर ड्यूटी की लेकिन अब शासन और विभाग उनकी कोई सुध नहीं ले रहा है। यदि 10 दिन के भीतर वेतन नहीं दिया गया तो महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता और पर्यवेक्षक अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे।
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वहां संघ की अध्यक्ष लीला अधिकारी, मंत्री कविता आर्या, कोषाध्यक्ष सुशीला बिष्ट, वरिष्ठ उपाध्यक्ष बीना भारती, उपाध्यक्ष रेखा आर्या, रिंकू रावत, संगठन मंत्री तारा दोसाद, संयुक्त मंत्री पार्वती टम्टा, संप्रेक्षक आनंदी दयाल, गायत्री बिष्ट, कमला कनवाल, जानकी पांडे, नीरज चौहान, भवानी देवी, बबीया सयान, रेखा हरकोटिया आदि मौजूद रहीं।
दो माह से बिना वेतन के काम कर रहे हैं। शासन और विभाग द्वारा की जा रही उपेक्षा बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि जल्द वेतन का भुगतान नहीं किया गया तो मजबूरन हम अनिश्चितकालीन हड़ताल करने को बाध्य होंगे। इसकी जिम्मेदारी विभाग और शासन की होगी।
लीला अधिकारी, अध्यक्ष मातृ और शिशु परिवार कल्याण महिला कर्मचारी संघ
कई महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता किराये के कमरों में रहती हैं। दो माह से वेतन नहीं मिलने से कमरे के किराये का भुगतान समेत अन्य दिक्कतों से जूझना पड़ रहा है। वेतन का भुगतान जल्द किया जाना चाहिए अन्यथा उग्र आंदोलन किया जाए।
सुशीला बिष्ट, कोषाध्यक्ष अध्यक्ष मातृ और शिशु परिवार कल्याण महिला कर्मचारी संघ
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मातृ और शिशु परिवार कल्याण महिला कर्मचारी संघ के बैनर तले पांडेखोला स्थित सीएमओ कार्यालय जा धमकी। उन्होंने सीएमओ डॉ. आरपी पंत का घेराव किया और वेतन नहीं मिलने पर उनके समक्ष नाराजगी जताई। कहा कि स्वास्थ्य कार्यकर्ता और पर्यवेक्षकों को जून, जुलाई के वेतन का भुगतान नहीं किया गया है। कई स्वास्थ्य कार्यकर्ता और पर्यवेक्षक किराये में रहते हैं लेकिन वेतन नहीं मिलने के कारण वह किराये के कमरों का भुगतान नहीं कर पा रहे हैं।
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बच्चों की स्कूल फीस बैंक, एलआईसी ऋण की किस्त चुकाने में भी उन्हें भारी दिक्कतें हो रही है। कोरोना काल में महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता और पर्यवेक्षकों ने अपनी जान जोखिम में डालकर ड्यूटी की लेकिन अब शासन और विभाग उनकी कोई सुध नहीं ले रहा है। यदि 10 दिन के भीतर वेतन नहीं दिया गया तो महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता और पर्यवेक्षक अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे।
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वहां संघ की अध्यक्ष लीला अधिकारी, मंत्री कविता आर्या, कोषाध्यक्ष सुशीला बिष्ट, वरिष्ठ उपाध्यक्ष बीना भारती, उपाध्यक्ष रेखा आर्या, रिंकू रावत, संगठन मंत्री तारा दोसाद, संयुक्त मंत्री पार्वती टम्टा, संप्रेक्षक आनंदी दयाल, गायत्री बिष्ट, कमला कनवाल, जानकी पांडे, नीरज चौहान, भवानी देवी, बबीया सयान, रेखा हरकोटिया आदि मौजूद रहीं।
दो माह से बिना वेतन के काम कर रहे हैं। शासन और विभाग द्वारा की जा रही उपेक्षा बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि जल्द वेतन का भुगतान नहीं किया गया तो मजबूरन हम अनिश्चितकालीन हड़ताल करने को बाध्य होंगे। इसकी जिम्मेदारी विभाग और शासन की होगी।
लीला अधिकारी, अध्यक्ष मातृ और शिशु परिवार कल्याण महिला कर्मचारी संघ
कई महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता किराये के कमरों में रहती हैं। दो माह से वेतन नहीं मिलने से कमरे के किराये का भुगतान समेत अन्य दिक्कतों से जूझना पड़ रहा है। वेतन का भुगतान जल्द किया जाना चाहिए अन्यथा उग्र आंदोलन किया जाए।
सुशीला बिष्ट, कोषाध्यक्ष अध्यक्ष मातृ और शिशु परिवार कल्याण महिला कर्मचारी संघ