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चितई मंदिर से तीन बकरे लौटाए
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा
Updated Sat, 28 Mar 2015 11:20 PM IST
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गायत्री परिवार का चितई गोलू मंदिर अल्मोड़ा में पशु बलि के खिलाफ अभियान जारी है। गायत्री परिजनों ने बलि के लिए लाए गए तीन बकरों को लौटा दिया। बकरे लेकर आए लोगों का कहना था कि वे बकरों को बेचकर मिली धनराशि से जरूरतमंदों की सेवा करेंगे। गायत्री परिजनों ने मंदिर में पशुबलि रोकने के लिए सुंदरकांड पाठ और यज्ञ भी किया।
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गायत्री परिजन गोलू देवता मंदिर में पशु बलि के खिलाफ अभियान चलाए हुए हैं। शनिवार को खुर्पाताल (नैनीताल) से मुकेश कुमार बलि के लिए एक बकरा और ज्यूड़ गांव से चंदन राम बलि के लिए दो बकरे लेकर आए थे। गायत्री परिजनों ने दोनों लोगों को बताया कि हाईकोर्ट के आदेशानुसार मंदिर में बलि प्रथा पर रोक है। उन्होंने श्रद्धालुओं से पशुबलि के बजाए सात्विक विधि से मंदिर में पूजा अर्चना करने का आह्वान किया। समझाने के बाद दोनों भक्तजन मान गए और उन्होंने बकरों की बलि नहीं दी और वापस ले गए। दोनों श्रद्धालुओं ने बताया कि इन बकरों को बेचकर मिले रुपए को वे जरूरतमंदों की सेवा में लगाएंगे।
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जनजागरण अभियान में गायत्री परिजन डा. मीनाक्षी पांडे, इंद्रा गनघरिया, मंजू जोशी, रीता पांडे, सरोज मेलकानी, दीपा जोशी, निर्मला अधिकारी, शांति देवी, भूमिका, योगेंद्र कुमार जोशी, प्रदीप जोशी, सुरेश चंद्र जोशी, गोपाल सिंह कनवाल, श्याम राघव, जगदीश डालाकोटी, प्रताप कनवाल, माधो सिंह बोरा, राजू, रणजीत सिंह रजावत, भीम सिंह अधिकारी आदि मौजूद थे।
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