फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Almora News ›   children are the unsafest part of the world- shesh chandra

बच्चे समाज का सबसे असुरक्षित हिस्सा : शेष चंद्र

Wed, 13 Sep 2017 11:11 PM IST
अल्मोड़ा़, अमर उजाला ब्यूरो
अल्मोड़ा़, अमर उजाला ब्यूरो Updated Wed, 13 Sep 2017 11:11 PM IST
विज्ञापन
कन्या इंटर कालेज जलना और जीआईसी अल्मोड़ा में आयोजित विधिक साक्षरता शिविर में विधि विशेषज्ञों ने बच्चों को साक्षरता, बालक, बालिकाओं के अधिकारों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों में शिक्षा का स्तर गुणवत्ता पूर्ण करने पर जोर दिया। विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव डा. शेष चंद्र ने बताया कि बच्चे समाज का सबसे असुरक्षित हिस्सा होते हैं जबकि यह विश्व की जनसंख्या के एक तिहाई हिस्से का प्रतिनिधित्व करते हैं।
विज्ञापन


यदि बच्चों को पर्याप्त अवसर नहीं दिया गया तो वह भविष्य का जिम्मेदार नागरिक बनने से वंचित हो जाएंगे। कन्या इंटर कालेज जलना में आयोजित शिविर में उन्होंने बताया कि नाल्सा योजना के तहत करीब 10 प्रकार की योजनाएं चलाई जा रही हैं। जिनमे तस्करी, वाणिज्यिक यौन शोषण पीड़ितों के लिए विधिक सेवाएं, बच्चों के संरक्षण, गरीबी, नशा पीड़ितों और मानसिक और दिव्यांग व्यक्तियों के लिए विधिक सेवाएं शामिल हैं।
विज्ञापन


उन्होंने बताया कि जिला विधिक प्राधिकरण द्वारा एनजीओ, सामाजिक कार्यकर्ता, समाज के प्रबुद्ध लोगों के सहयोग से विभिन्न विषयों पर सेवाएं देने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में करीब 43 पीएलवी की नियुक्ति की जानी है। उन्होंने बताया कि नाल्सा योजना के तहत बालकों के अधिकारों की रक्षा करना है। इस अवसर पर एसआई हरि राम आर्या, प्रधानाचार्य भावना पांडे ने भी विचार रखे।
विज्ञापन
विज्ञापन


वहांअनीता जोशी, कविता कपकोटी, पीवी जोशी, लता जलाल, प्रवीण बख्श, कविता जोशी, लक्षिता बिष्ट, विनीता आर्या, दीपा आर्या, महेंद्र सिंह, कैलाश चंद्र आदि मौजूद थे। बच्चों को 450 सरल कानूनी ज्ञानमालाएं भी वितरित की गईं। जीआईसी में हुए शिविर में प्राधिकरण सचिव ने साक्षरता दिवस की महत्ता के बारे में बच्चों को जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वैश्विक निगरानी रिपोर्ट के अनुसार पांच में से एक पुरूष और दो तिहाई महिलाएं अनपढ़ हैं।


उन्होंने बताया कि समाज में साक्षरता की दर को बढ़ावा देने के लिए विधिक सेवा प्राधिकरण ने अलग से विधिक सेवा संस्थान बनाया है। जीआईसी के प्रधानाचार्य प्रमोद कुमार टम्टा ने कहा कि भारतीय शिक्षा व्यवस्था में बड़ी बाधा शिक्षकों की कमी है। ज्यूवेनाइल जस्टिस बोर्ड की सदस्य हेमलता भट्ट ने कहा कि स्कूलों में शिक्षा का स्तर गुणवत्ता पूर्ण होना चाहिए। इस मौके पर राम सिंह बिष्ट, डा. ललित बिष्ट, भूपाल बनकोटी, मुख्तार सिंह, डीबी सिंह, देवेंद्र बिष्ट, भावना आर्या, सुनीता रानी, लक्षिता बिष्ट आदि मौजूद रहे। बच्चों को सरल कानूनी ज्ञानमाला भी वितरित की गई।  
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed