{"_id":"6085b6788ebc3e245801d52c","slug":"carfue-in-bageshawar-ranikhet-news-hld422646475","type":"story","status":"publish","title_hn":"बागेश्वर में कर्फ्यू का व्यापक असर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बागेश्वर में कर्फ्यू का व्यापक असर
विज्ञापन
रानीखेत में रविवार को इस तरह से लॉक रही दुकानें। संवाद न्यूज एजेंसी
- फोटो : RANIKHET
बागेश्वर। बागेश्वर में दूसरे रविवार को भी कोविड कर्फ्यू का व्यापक असर रहा। जिला मुख्यालय में सुबह से बाजार बंद रही। जरूरी सामान को छोड़कर बाकी दुकानदारों ने अपने प्रतिष्ठान बंद रखे जिसके कारण बाजार में सुनसानी रही। वहीं नियम तोड़ने वालों के खिलाफ पुलिस की सख्ती भी पूरे दिन चलती रही। जिले के कपकोट, कांडा सहित ग्रामीण क्षेत्रों में भी लोगों ने दुकानें बंद रखीं।
कोरोना महामारी की दूसरी लहर को रोकने के लिए सरकार ने रविवार को बाजार बंद रखने का आदेश जारी किया था। पहले रविवार को गाइडलाइन की सही जानकारी नहीं होने के कारण लोगों में कुछ ऊहापोह की स्थिति थी, हालांकि दूसरे रविवार को लोगों ने सुबह से ही प्रतिष्ठान बंद रखे। बाजार में आवाजाही भी कम दिखी। बाजार में बेवजह घूम रहे लोगों को पुलिस ने घरों को भेजा। वहीं जरूरी काम से आए लोगों की सहायता भी की। इधर, गरुड़, कांडा, कपकोट, भराड़ी, कौसानी आदि स्थानों में भी बंद का व्यापक असर देखा गया। (संवाद)
टैक्सी स्टेंड रहे सूने, बसों को नहीं मिलीं सवारियां
बागेश्वर। कोविड कर्फ्यू के कारण टैक्सियों का संचालन भी कम रहा। गिनी-चुनी संख्या में ही टैक्सियां चलीं जिसके चलते टैक्सी स्टेंडों में सन्नाटा पसरा रहा। केएमओयू और रोडवेज बस स्टेशन में भी यात्रियों की संख्या बेहद कम थी। कम यात्रियों के कारण बस संचालक भी परेशान दिखे।
विज्ञापन
बरातों का रहा जोर, दूल्हे की गाड़ी का चालान
बागेश्वर। कोविड कर्फ्यू के बावजूद नगर में बरातों का जोर रहा। बाजार में बरात के वाहन गुजरते रहे। जिला मुख्यालय क्षेत्र में ही आधा दर्जन से अधिक बरातें हुईं। बरातों के चलते बाजार में कुछ चहल-पहल दिखी, हालांकि पुलिस ने बेवजह घूमने वालों के खिलाफ सख्ती बनाए रखी। बरातों के बीच पुलिस ने सामाजिक दूरी को लेकर कई वाहनों का चालान काटा। वाहनों में गाइडलाइन से अधिक लोगों के बैठे होने पर एक दूल्हे की कार का भी पुलिस ने चालान काटा।
वहीं लोगों को बरातों में लाने और ले जाने में लगे रहे वाहनों पर भी अधिक सवारी बैठाने को लेकर चालानी कार्रवाई की गई। बरातों का जोर होने के कारण दूरदराज के गांवों में जाने वाले गाड़ियां नहीं मिलने से यात्री परेशान दिखे। कई स्थानों पर लोग पैदल ही यात्रा करने को भी मजबूर हुए। उधर बाजार पूरी तरह से बंद होने के कारण कार्यालयों या अन्य निर्माण कार्यों में लगे कर्मचारियों और श्रमिकों को चाय तक नसीब नहीं हो सकी। इससे उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं बरातों में आए बराती भी दुकानें बंद होने से मायूस दिखे।
खेती के काम का भी रहा जोर
बागेश्वर। कोविड कर्फ्यू के बीच खेतीबाड़ी का काम चलता रहा। महिलाएं खेतों में गेहूं की कटाई और मढ़ाई का काम करती दिखी। ग्रामीण क्षेत्रों में भी दुकान बंद होने के कारण अधिकांश व्यापारी खेतीबाड़ी के काम में जुटे रहे। अक्सर बाजारों में घूमने वाले युवाओं और बच्चों ने क्रिकेट व अन्य खेलकूद कर छुट्टी मनाई। अधिकतर स्थानों पर बच्चे मैदानी खेलकूद करते देखे गए।
जिले में कोविड कर्फ्यू पूरी तरह से सफल रहा है। व्यापारियों ने खुद ही प्रतिष्ठान बंद किए थे। बारातों का सीजन होने से बाजार में कुछ लोग थे, लेकिन बेवजह घूमने वालों को पुलिस ने घरों को भेजा। नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई भी की गई है। अमित श्रीवास्तव, एसपी बागेश्वर।
रानीखेत में भी साप्ताहिक कर्फ्यू पर बाजारें रहीं बंद
रानीखेत (अल्मोड़ा)। कोरोना वायरस की चेन तोड़ने के उद्देश्य से रविवार को लॉकडाउन (साप्ताहिक कर्फ्यू) रानीखेत में सफल रहा। पूरी बाजार बंद रही, हालांकि इस दौरान मेडिकल शॉप और वाइन शॉप खुली रही। वाहन भी चलते रहे। लॉकडाउन का असर शहरी क्षेत्र के अलावा कस्बाई क्षेत्रों में भी देखने को मिला। इन इलाकों में कहीं भी दुकानें नहीं खुलीं थीं।
संक्रमण की दूसरी लहर के बीच ग्रामीण क्षेत्रों में आ रहे प्रवासियों को क्वारंटीन करने की मांग भी जोर पकड़ने लगी है। दिल्ली सहित तमाम स्थानों पर लॉकडाउन के चलते अब ग्रामीण क्षेत्रों में फिर से प्रवासी लौटने लगे हैं। ऐसे में ग्रामीणों में भी भय है। गांवों में भी जहां सैनिटाइजेशन करने की मांग उठ रही है। वहीं वापस लौट रहे प्रवासियों को सख्ती से क्वारंटीन करने की मांग भी की जाने लगी है।
मजगांव, जाख, ज्यूड़ा, चमडोली सहित तमाम गांवों के लोगों ने सैनिटाइजेशन करने और प्रवासियों को क्वारंटीन करने की मांग उठाई है। रविवार को लॉकडाउन का पूरी तरह से पालन होता दिखा। हालांकि कुछ लोग इधर- उधर बेवजह भी घूमते देखे गए। द्वाराहाट क्षेत्र में साप्ताहिक कर्फ्यू का उल्लंघन करने वाले कुछ लोगों का पुलिस की ओर से कुछ लोगों के चालान किए जाने की भी सूचना है।
विज्ञापन
कोरोना महामारी की दूसरी लहर को रोकने के लिए सरकार ने रविवार को बाजार बंद रखने का आदेश जारी किया था। पहले रविवार को गाइडलाइन की सही जानकारी नहीं होने के कारण लोगों में कुछ ऊहापोह की स्थिति थी, हालांकि दूसरे रविवार को लोगों ने सुबह से ही प्रतिष्ठान बंद रखे। बाजार में आवाजाही भी कम दिखी। बाजार में बेवजह घूम रहे लोगों को पुलिस ने घरों को भेजा। वहीं जरूरी काम से आए लोगों की सहायता भी की। इधर, गरुड़, कांडा, कपकोट, भराड़ी, कौसानी आदि स्थानों में भी बंद का व्यापक असर देखा गया। (संवाद)
विज्ञापन
टैक्सी स्टेंड रहे सूने, बसों को नहीं मिलीं सवारियां
बागेश्वर। कोविड कर्फ्यू के कारण टैक्सियों का संचालन भी कम रहा। गिनी-चुनी संख्या में ही टैक्सियां चलीं जिसके चलते टैक्सी स्टेंडों में सन्नाटा पसरा रहा। केएमओयू और रोडवेज बस स्टेशन में भी यात्रियों की संख्या बेहद कम थी। कम यात्रियों के कारण बस संचालक भी परेशान दिखे।
विज्ञापन
बरातों का रहा जोर, दूल्हे की गाड़ी का चालान
बागेश्वर। कोविड कर्फ्यू के बावजूद नगर में बरातों का जोर रहा। बाजार में बरात के वाहन गुजरते रहे। जिला मुख्यालय क्षेत्र में ही आधा दर्जन से अधिक बरातें हुईं। बरातों के चलते बाजार में कुछ चहल-पहल दिखी, हालांकि पुलिस ने बेवजह घूमने वालों के खिलाफ सख्ती बनाए रखी। बरातों के बीच पुलिस ने सामाजिक दूरी को लेकर कई वाहनों का चालान काटा। वाहनों में गाइडलाइन से अधिक लोगों के बैठे होने पर एक दूल्हे की कार का भी पुलिस ने चालान काटा।
वहीं लोगों को बरातों में लाने और ले जाने में लगे रहे वाहनों पर भी अधिक सवारी बैठाने को लेकर चालानी कार्रवाई की गई। बरातों का जोर होने के कारण दूरदराज के गांवों में जाने वाले गाड़ियां नहीं मिलने से यात्री परेशान दिखे। कई स्थानों पर लोग पैदल ही यात्रा करने को भी मजबूर हुए। उधर बाजार पूरी तरह से बंद होने के कारण कार्यालयों या अन्य निर्माण कार्यों में लगे कर्मचारियों और श्रमिकों को चाय तक नसीब नहीं हो सकी। इससे उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं बरातों में आए बराती भी दुकानें बंद होने से मायूस दिखे।
खेती के काम का भी रहा जोर
बागेश्वर। कोविड कर्फ्यू के बीच खेतीबाड़ी का काम चलता रहा। महिलाएं खेतों में गेहूं की कटाई और मढ़ाई का काम करती दिखी। ग्रामीण क्षेत्रों में भी दुकान बंद होने के कारण अधिकांश व्यापारी खेतीबाड़ी के काम में जुटे रहे। अक्सर बाजारों में घूमने वाले युवाओं और बच्चों ने क्रिकेट व अन्य खेलकूद कर छुट्टी मनाई। अधिकतर स्थानों पर बच्चे मैदानी खेलकूद करते देखे गए।
जिले में कोविड कर्फ्यू पूरी तरह से सफल रहा है। व्यापारियों ने खुद ही प्रतिष्ठान बंद किए थे। बारातों का सीजन होने से बाजार में कुछ लोग थे, लेकिन बेवजह घूमने वालों को पुलिस ने घरों को भेजा। नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई भी की गई है। अमित श्रीवास्तव, एसपी बागेश्वर।
रानीखेत में भी साप्ताहिक कर्फ्यू पर बाजारें रहीं बंद
रानीखेत (अल्मोड़ा)। कोरोना वायरस की चेन तोड़ने के उद्देश्य से रविवार को लॉकडाउन (साप्ताहिक कर्फ्यू) रानीखेत में सफल रहा। पूरी बाजार बंद रही, हालांकि इस दौरान मेडिकल शॉप और वाइन शॉप खुली रही। वाहन भी चलते रहे। लॉकडाउन का असर शहरी क्षेत्र के अलावा कस्बाई क्षेत्रों में भी देखने को मिला। इन इलाकों में कहीं भी दुकानें नहीं खुलीं थीं।
संक्रमण की दूसरी लहर के बीच ग्रामीण क्षेत्रों में आ रहे प्रवासियों को क्वारंटीन करने की मांग भी जोर पकड़ने लगी है। दिल्ली सहित तमाम स्थानों पर लॉकडाउन के चलते अब ग्रामीण क्षेत्रों में फिर से प्रवासी लौटने लगे हैं। ऐसे में ग्रामीणों में भी भय है। गांवों में भी जहां सैनिटाइजेशन करने की मांग उठ रही है। वहीं वापस लौट रहे प्रवासियों को सख्ती से क्वारंटीन करने की मांग भी की जाने लगी है।
मजगांव, जाख, ज्यूड़ा, चमडोली सहित तमाम गांवों के लोगों ने सैनिटाइजेशन करने और प्रवासियों को क्वारंटीन करने की मांग उठाई है। रविवार को लॉकडाउन का पूरी तरह से पालन होता दिखा। हालांकि कुछ लोग इधर- उधर बेवजह भी घूमते देखे गए। द्वाराहाट क्षेत्र में साप्ताहिक कर्फ्यू का उल्लंघन करने वाले कुछ लोगों का पुलिस की ओर से कुछ लोगों के चालान किए जाने की भी सूचना है।

ागेश्वर में कर्फ्यू के दौरान बाजार में तैनात पुलिस। संवाद न्यूज एजेंसी- फोटो : BAGESHWAR

बागेश्वर के ताकुला टैक्सी स्टेंड में यात्रियों का इंतजार करतीं गाड़ियां। संवाद न्यूज एजेंसी- फोटो : BAGESHWAR

बागेश्वर में कर्फ्यू के दौरान केएमओयू स्टेशन में पसरा सन्नाटा। संवाद न्यूज एजेंसी- फोटो : BAGESHWAR

बागेश्वर में कर्फ्यू के दौरान जहां बाजारों में सन्नाटा रहा, लेकिन महिलाओं की खेती का काम चलता रहा- फोटो : BAGESHWAR

बागेश्वर में कर्फ्यू के दौरान बारात में जाते बैंड बाजा वाले। संवाद न्यूज एजेंसी- फोटो : BAGESHWAR

बागेश्वर में कर्फ्यू के दौरान अधिक सवारी बैठाने पर दूल्हे की कार का चालान काटते पुलिस कर्मी। संव?- फोटो : BAGESHWAR

बागेश्वर में कोविड कर्फ्यू के दौरान बंद दुकानें। संवाद न्यूज एजेंसी- फोटो : BAGESHWAR