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कॉलेज आएं तो कोरोना जांच रिपोर्ट और अभिभावकों का सहमति पत्र साथ लाएं
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एसएसजे परिसर अल्मोड़ा।
- फोटो : ALMORA
अल्मोड़ा। सोबन सिंह जीना परिसर अल्मोड़ा में सोमवार से ऑफलाइन कक्षाएं संचालित होंगी। इसके लिए परिसर प्रशासन ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। रोस्टर तैयार कर छात्रों को भी सूचित कर दिया गया है। कोरोना जांच और अभिभावकों के सहमति पत्र के साथ ही छात्रों को परिसर में प्रवेश दिया जाएगा।
नौ माह से बंद पड़ी एसएसजे परिसर अल्मोड़ा की ऑफलाइन कक्षाएं सोमवार से शुरू होने जा रही हैं। गाइडलाइन के अनुसार पहले चरण में प्रथम सेमेस्टर में सैद्धांतिक, प्रयोगात्मक और अंतिम सेमेस्टर में मात्र प्रयोगात्मक विषयों की कक्षाएं ही ऑफलाइन संचालित होंगी।
मालूम हो कि प्रदेश भर में 15 दिसंबर से विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में ऑफलाइन कक्षाओं के संचालन को लेकर एसओपी जारी हुई थी लेकिन तैयारियां पूरी नहीं होने के कारण परिसर में कक्षाओं का संचालन शुरू नहीं हो पाया। प्रभारी निदेशक प्रो. वीडीएस नेगी ने बताया कि परिसर के चारों ओर बेरिकेडिंग की गई है। एकमात्र प्रवेश द्वार से ही छात्र प्रवेश करेंगे। प्रवेश द्वार में सैनिटाइजेशन, थर्मल स्क्रीनिंग और कोरोना जांच की व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने बताया कि कोरोना जांच रिपोर्ट और अभिभावकों के सहमति पत्र लाने पर ही छात्रों को प्रवेश मिल सकेगा। कक्षाओं में संकायाध्यक्षों की ओर से 20 से 30 छात्र प्रति पाली के अनुसार बुलवाए जा रहे हैं। कक्षाओं में छात्र छह-छह फुट की दूरी पर बैठेंगे। रोस्टर के अनुसार ही कक्षाएं संचालित होंगी।
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सैनिटाइजेशन कर तीन दिन बाद आज खुलेगा परिसर
अल्मोड़ा। एसएसजे परिसर में पिछले दिनों प्राध्यापक के कोरोना पॉजिटिव निकलने के बाद रविवार को परिसर को सैनिटाइज किया गया। तीन दिन से बंद परिसर अब सोमवार से खुलेगा। बीते बृहस्पतिवार को परिसर के एक प्राध्यापक की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। इसके बाद एहतियातन तीन दिन के लिए परिसर बंद किया गया। इधर रविवार को प्रभारी निदेशक प्रो. वीडीएस नेगी के निर्देश पर परिसर में सैनिटाइजेशन करवाया गया। परिसर निदेशक ने बताया कि अब सोमवार से परिसर खुलेगा। परिसर में सामान्य रूप से विभिन्न गतिविधियां संचालित होंगी। हेम पांडे, देवेंद्र धामी के सहयोग से जयवीर नेगी, नंदन जड़ौत, पूरन कनवाल, रमेश चंद्र, सतीश वाल्मीकि, महेश वाल्मीकि, चेतन वाल्मीकि ने परिसर को सैनिटाइज किया। संवाद
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नौ माह से बंद पड़ी एसएसजे परिसर अल्मोड़ा की ऑफलाइन कक्षाएं सोमवार से शुरू होने जा रही हैं। गाइडलाइन के अनुसार पहले चरण में प्रथम सेमेस्टर में सैद्धांतिक, प्रयोगात्मक और अंतिम सेमेस्टर में मात्र प्रयोगात्मक विषयों की कक्षाएं ही ऑफलाइन संचालित होंगी।
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मालूम हो कि प्रदेश भर में 15 दिसंबर से विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में ऑफलाइन कक्षाओं के संचालन को लेकर एसओपी जारी हुई थी लेकिन तैयारियां पूरी नहीं होने के कारण परिसर में कक्षाओं का संचालन शुरू नहीं हो पाया। प्रभारी निदेशक प्रो. वीडीएस नेगी ने बताया कि परिसर के चारों ओर बेरिकेडिंग की गई है। एकमात्र प्रवेश द्वार से ही छात्र प्रवेश करेंगे। प्रवेश द्वार में सैनिटाइजेशन, थर्मल स्क्रीनिंग और कोरोना जांच की व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने बताया कि कोरोना जांच रिपोर्ट और अभिभावकों के सहमति पत्र लाने पर ही छात्रों को प्रवेश मिल सकेगा। कक्षाओं में संकायाध्यक्षों की ओर से 20 से 30 छात्र प्रति पाली के अनुसार बुलवाए जा रहे हैं। कक्षाओं में छात्र छह-छह फुट की दूरी पर बैठेंगे। रोस्टर के अनुसार ही कक्षाएं संचालित होंगी।
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सैनिटाइजेशन कर तीन दिन बाद आज खुलेगा परिसर
अल्मोड़ा। एसएसजे परिसर में पिछले दिनों प्राध्यापक के कोरोना पॉजिटिव निकलने के बाद रविवार को परिसर को सैनिटाइज किया गया। तीन दिन से बंद परिसर अब सोमवार से खुलेगा। बीते बृहस्पतिवार को परिसर के एक प्राध्यापक की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। इसके बाद एहतियातन तीन दिन के लिए परिसर बंद किया गया। इधर रविवार को प्रभारी निदेशक प्रो. वीडीएस नेगी के निर्देश पर परिसर में सैनिटाइजेशन करवाया गया। परिसर निदेशक ने बताया कि अब सोमवार से परिसर खुलेगा। परिसर में सामान्य रूप से विभिन्न गतिविधियां संचालित होंगी। हेम पांडे, देवेंद्र धामी के सहयोग से जयवीर नेगी, नंदन जड़ौत, पूरन कनवाल, रमेश चंद्र, सतीश वाल्मीकि, महेश वाल्मीकि, चेतन वाल्मीकि ने परिसर को सैनिटाइज किया। संवाद