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तीन साल से पुल क्षतिग्रस्त, ढाई सौ की आबादी त्रस्त
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कोसी नदी में क्षतिग्रस्त कांटली गांव को जोड़ने वाली पुलिया। ( विज्ञप्ति)
- फोटो : ALMORA
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कौसानी (अल्मोड़ा)। सोमेश्वर तहसील क्षेत्र के अंतर्गत कांटली गांव को जोड़ने के लिए कोसी नदी में बनी पैदल पुलिया 2018 से क्षतिग्रस्त है। इससे बरसात में करीब ढाई सौ की आबादी को परेशानी हो रही है। कांटली के ग्रामीण करीब एक किमी दूर स्थित दूसरी पुलिया से आवाजाही कर रहे हैं। शासन-प्रशासन और विभाग लंबे समय बाद भी क्षतिग्रस्त पुलिया के स्थान पर नया पुल नहीं बनवा पाया है।
कांटली गांव के लोगों की सुविधा के लिए कोसी नदी में पंद्रह मीटर लंबी पुलिया बनाई गई थी। इस पुलिया के बनने से ग्रामीणों को आवाजाही में सुविधा हो रही थी।
आने जाने और जंगल जाने में सुविधा होती है। करीब तीन साल पहले कोसी नदी के तेज बहाव में दीवार क्षतिग्रस्त होने से पुलिया एक ओर से झुक गई है। हल्की बारिश और नदी का बहाव तेज होने पर पानी पुलिया पर से बहने लगता है। ऐसे में लोगों की इस पुलिया से आवाजाही बाधित हो जाती है। इस स्थिति में ग्रामीणों को करीब एक किमी दूर जाकर दूसरी पुलिया से गांव आवाजाही करनी पड़ती है, जिसमें उनका समय बर्बाद होता है। ग्रामीणों के अनुसार जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों को कई बार समस्या से अवगत कराया गया लेकिन नई पुलिया नहीं बनाई गई।
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बारिश होने पर पुलिया कोसी नदी के पानी में डूब जाती है। तब पुलिया से आवाजाही नहीं हो पाती है। स्कूली बच्चे भी इस पुल से होकर आते जाते हैं औ खतरा बना रहता है, लेकिन कोई इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है। - दीपू कांडपाल, पूर्व बीडीसी सदस्य।
क्षतिग्रस्त पुल के स्थान पर नहीं पुल बनाने की मांग कई बार की जा चुकी है। संबंधित विभाग, जिलाधिकारी, जनप्रतिनिधियों और मुख्यमंत्री तक को कई बार ज्ञापन भेजे जा चुके हैं, पर यह लोग क्षेत्र की उपेक्षा कर रहे हैं। - राजन चंद्र कांडपाल, पूर्व सैनिक।
सत्तारूढ़ दल को आम जनता के हितों से कोई लेना देना नहीं रह गया है। कांटली पुल पिछले काफी समय से क्षतिग्रस्त है। भाजपा की स्थानीय विधायक ही कैबिनेट मंत्री भी हैं, लेकिन उन्हें के हितों से उन्हें कोई सरोकार नहीं रह गया है। - राजेंद्र बाराकोटी, कांग्रेस, विधानसभा क्षेत्र सोमेश्वर ।
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कांटली गांव के लोगों की सुविधा के लिए कोसी नदी में पंद्रह मीटर लंबी पुलिया बनाई गई थी। इस पुलिया के बनने से ग्रामीणों को आवाजाही में सुविधा हो रही थी।
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आने जाने और जंगल जाने में सुविधा होती है। करीब तीन साल पहले कोसी नदी के तेज बहाव में दीवार क्षतिग्रस्त होने से पुलिया एक ओर से झुक गई है। हल्की बारिश और नदी का बहाव तेज होने पर पानी पुलिया पर से बहने लगता है। ऐसे में लोगों की इस पुलिया से आवाजाही बाधित हो जाती है। इस स्थिति में ग्रामीणों को करीब एक किमी दूर जाकर दूसरी पुलिया से गांव आवाजाही करनी पड़ती है, जिसमें उनका समय बर्बाद होता है। ग्रामीणों के अनुसार जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों को कई बार समस्या से अवगत कराया गया लेकिन नई पुलिया नहीं बनाई गई।
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बारिश होने पर पुलिया कोसी नदी के पानी में डूब जाती है। तब पुलिया से आवाजाही नहीं हो पाती है। स्कूली बच्चे भी इस पुल से होकर आते जाते हैं औ खतरा बना रहता है, लेकिन कोई इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है। - दीपू कांडपाल, पूर्व बीडीसी सदस्य।
क्षतिग्रस्त पुल के स्थान पर नहीं पुल बनाने की मांग कई बार की जा चुकी है। संबंधित विभाग, जिलाधिकारी, जनप्रतिनिधियों और मुख्यमंत्री तक को कई बार ज्ञापन भेजे जा चुके हैं, पर यह लोग क्षेत्र की उपेक्षा कर रहे हैं। - राजन चंद्र कांडपाल, पूर्व सैनिक।
सत्तारूढ़ दल को आम जनता के हितों से कोई लेना देना नहीं रह गया है। कांटली पुल पिछले काफी समय से क्षतिग्रस्त है। भाजपा की स्थानीय विधायक ही कैबिनेट मंत्री भी हैं, लेकिन उन्हें के हितों से उन्हें कोई सरोकार नहीं रह गया है। - राजेंद्र बाराकोटी, कांग्रेस, विधानसभा क्षेत्र सोमेश्वर ।