गरुड़ (बागेश्वर)। बैजनाथ कृत्रिम झील में नौकायन का वर्षो पुराना सपना साकार हुआ। पर्यटक और नौकायन के शौकीन 106 रुपये खर्च कर पैडल बोट से इसका लुफ्त ले सकते हैं।
बैजनाथ मंदिर के पास कृत्रिम झील का निर्माण और उसमें नौकायन की मांग कत्यूर विकास संघर्ष समिति के अध्यक्ष पूरन पाठक, सामाजिक कार्यकर्ता जीवन लाल वर्मा ने 1980 के दशक में उठाई थी। अविभाजित उप्र के तत्कालीन सीएम वीर बहादुर सिंह ने 80 के दशक में बैजनाथ आगमन पर झील निर्माण, संग्रहालय निर्माण सहित कई घोषणाएं बैजनाथ में की थी। राज्य बनने के बाद झील निर्माण की फाइल आगे बढ़ी। बैजनाथ में कृत्रिम झील बने चार साल से ज्यादा समय बीत चुका है। बागेश्वर के डीएम विनीत कुमार और विधायक चंदन राम दास के प्रयासों से बैजनाथ में नौकायन अब होने लगा है। 106 रुपये खर्च कर पर्यटक बीस मिनट तक झील में नौकायन कर सकते है। सामाजिक कार्यकर्ता देवेंद्र गोस्वामी, भुवन पाठक, प्रकाश कोहली, बलवंत भंडारी ने पर्यटन विभाग से शुल्क कम करने की मांग उठाई है।