फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Almora News ›   Small yellow woodpecker bird seen in Kosi valley Almora

Almora: दुर्लभ पीला कठफोड़वा दिखने से पक्षी प्रेमी गदगद, कोसी घाटी क्षेत्र में पहली बार दिखा; कैमरे में कैद

Thu, 12 Jun 2025 01:17 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, अल्मोड़ा
अमर उजाला नेटवर्क, अल्मोड़ा Updated Thu, 12 Jun 2025 01:17 PM IST
सार

कोसी घाटी में जब छोटा पीला कठफोड़वा पक्षी दिखा तो पक्षी प्रेमी गदगद हो गए। जैसे ही यह सुंदर पक्षी दिखा तो प्रकृति प्रेमी और पक्षी प्रेमी अमित बिष्ट ने इसे अपने कैमरे में कैद कर लिया। 

विज्ञापन
Small yellow woodpecker bird seen in Kosi valley Almora
Yellow woodpecker - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

अल्मोड़ा जिला मुख्यालय के निकटवर्ती ब्लॉक हवालबाग की कोसी घाटी में जब छोटा पीला कठफोड़वा पक्षी दिखा तो पक्षी प्रेमी गदगद हो गए। जैसे ही यह सुंदर पक्षी दिखा तो प्रकृति प्रेमी और पक्षी प्रेमी अमित बिष्ट ने इसे अपने कैमरे में कैद कर लिया। पक्षी के यहां दिखने से पक्षी प्रेमियों और पर्यावरणविदों में नई उम्मीदें जगा दी है।

विज्ञापन


छोटा पीला कठफोड़वा का वैज्ञानिक नाम पीसीडाई है। आमतौर पर छोटा पीला कठफोड़वा उत्तर-पूर्व भारत, भूटान और दक्षिण-पूर्व एशिया के नम और घने पर्णपाती या सदाबहार वनों में पाया जाता है। कठफोड़वा की यह प्रजाति अत्यंत सतर्क और एकांतप्रिय होती है, जो प्रायः ऊंचे पेड़ों पर रहकर कीटों की खोज में रहती है। यह पक्षी तेज चोंच मारने और हल्की आवाज वाले संवाद के लिए जाना जाता है।
विज्ञापन


पक्षी का सामान्य विवरण
लंबाई: 25-28 सेमी
वजन: 80-100 ग्राम
रंग: पीली पीठ, हरे-भूरे पंख, हल्का लाल चेहरा और चमकीली गर्दन
विशेषता : ऊंचे पेड़ों की छाल पर चोंच मारकर भोजन ढूंढना
आवास : नम, ऊंचे और घने जंगल
आहार: कीट, लार्वा, चीटियां और पेड़ों की छाल के के अंदर छिपे सूक्ष्म जीव

जब मुझे कोसी घाटी में यह आकर्षक पक्षी दिखा तो एकदम पहचान नहीं पाया। कुछ देर गौर से देखने के बाद रंग और चाल से समझ आया कि यह छोटा पीला कठफोड़वा है। जो यहां के लिए दुर्लभ है। इसे कैमरे में कैद करते हुए अद्भुत अनुभव हुआ। - अमित बिष्ट, पक्षी प्रेमी
विज्ञापन
विज्ञापन


पीसीडाई का यहां दिखना बिनसर अभ्यारण की पारिस्थितिकी संपन्नता का प्रमाण है। यह पक्षी आमतौर पर घने वनों में मिलता है। इसकी उपस्थिति हमारी जैव विविधता के लिए सुखद संकेत है।- राजेश भट्ट, पक्षी विशेषज्ञ, कार्बेट नेशनल पार्क, रामनगर।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed