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बागेश्वर जिले में पहाड़ी बद्री गाय पालन को मिलेगा बढ़ावा
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अल्मोड़ा। पायलट प्रोजेक्ट के तहत बागेश्वर जिले में पहाड़ी नस्ल की बद्री गाय पालन को बढ़ावा दिया जाएगा। परंपरागत पहाड़ी बद्री गाय के दूध को ए2 श्रेणी में रखा जाता है, जो कि अन्य क्रॉस ब्रीड गायों के दूध (ए1 श्रेणी) से अधिक पौष्टिक होता है। ए2 श्रेणी के दूध में अधिक प्रोटीन होता है, जो स्वास्थ्य के लिए अधिक लाभदायक होता है। वहां ग्रोथ सेंटर बनाया जाएगा। इसके लिए शासन से दुग्ध संघ को 24.49 लाख रुपये भी मिल गए हैं।
आम तौर पर किसान सिंधी, साहिवाल क्रॉस ब्रीड वाली गाय पालते हैं। यह इन गायों के दूध को ए1 श्रेणी में रखा जाता है। जबकि पहाड़ी परंपरागत देशी बद्री गाय का दूध ए2 श्रेणी का होता है। यह दूध सुपाच्य और अधिक पौष्टिक होता है। इसमें प्रोटीन भी अधिक होता है। ए1 श्रेणी के दूध से अधिक स्वास्थ्यवर्द्धक माना जाता है।
बद्रीगाय पालन योजना उत्तराखंड लाइवस्टॉक डेवलपमेंट बोर्ड (यूएलडीबी) के माध्यम से संचालित की जा रही है। इसके तहत पशुपालन विभाग किसानों को बद्री गाय पालने के लिए प्रोत्साहित करेगा। पशुपालन विभाग ही बुल का सीमन भी दिलाएगा, ताकि किसान परंपरागत देशी बद्री गाय का पालन कर ए2 दूध का उत्पादन करें। किसानों से ए2 श्रेणी का दूध खरीदकर दुग्ध संघ अल्मोड़ा बाजार में बेचेगा।
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दुग्ध संघ के प्रधान प्रबंधक डॉ. एलएम जोशी ने बताया कि बागेश्वर में ग्रोथ सेंटर बनाने के लिए शासन से 24.49 लाख रुपये मिल गए हैं। इसमें से 17.11 लाख रुपये में कांपेक्ट पाश्चुराइज्ड यूनिट और 7.38 लाख रुपये से मिल्क हीटिंग यूनिट बनाई जाएगी।
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आम तौर पर किसान सिंधी, साहिवाल क्रॉस ब्रीड वाली गाय पालते हैं। यह इन गायों के दूध को ए1 श्रेणी में रखा जाता है। जबकि पहाड़ी परंपरागत देशी बद्री गाय का दूध ए2 श्रेणी का होता है। यह दूध सुपाच्य और अधिक पौष्टिक होता है। इसमें प्रोटीन भी अधिक होता है। ए1 श्रेणी के दूध से अधिक स्वास्थ्यवर्द्धक माना जाता है।
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बद्रीगाय पालन योजना उत्तराखंड लाइवस्टॉक डेवलपमेंट बोर्ड (यूएलडीबी) के माध्यम से संचालित की जा रही है। इसके तहत पशुपालन विभाग किसानों को बद्री गाय पालने के लिए प्रोत्साहित करेगा। पशुपालन विभाग ही बुल का सीमन भी दिलाएगा, ताकि किसान परंपरागत देशी बद्री गाय का पालन कर ए2 दूध का उत्पादन करें। किसानों से ए2 श्रेणी का दूध खरीदकर दुग्ध संघ अल्मोड़ा बाजार में बेचेगा।
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दुग्ध संघ के प्रधान प्रबंधक डॉ. एलएम जोशी ने बताया कि बागेश्वर में ग्रोथ सेंटर बनाने के लिए शासन से 24.49 लाख रुपये मिल गए हैं। इसमें से 17.11 लाख रुपये में कांपेक्ट पाश्चुराइज्ड यूनिट और 7.38 लाख रुपये से मिल्क हीटिंग यूनिट बनाई जाएगी।