{"_id":"5e54082e8ebc3ef3da54df7e","slug":"arouse-interest-in-science-subjects-among-children-dr-singh-almora-news-hld374953690","type":"story","status":"publish","title_hn":"बच्चों में विज्ञान विषय के प्रति रुचि जागृत करें: डा. सिंह","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बच्चों में विज्ञान विषय के प्रति रुचि जागृत करें: डा. सिंह
विज्ञापन
डायट अल्मोड़ा में साइंटिफिक एटीट्यूट डेवलपमेंट प्रोग्राम को संबोधित करते प्राचार्य डा. राजेंद?
- फोटो : ALMORA
अल्मोड़ा। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) में कुमाऊं मंडल के जिलों के शिक्षकों के तीन दिवसीय साइंटिफिक एटीट्यूट डेवलपमेंट प्रोग्राम का उद्घाटन प्राचार्य डॉ. राजेंद्र सिंह ने किया। डॉ. सिंह ने शिक्षकों का आह्वान किया कि बच्चों में विज्ञान विषय के प्रति रुचि जागृत करें।
उन्होंने कहा कि शिक्षक बच्चों के दैनिक जीवन में किए जाने वाले कार्यों के माध्यम से विज्ञान का व्यावहारिक ज्ञान कराएं, ताकि बच्चे में विज्ञान के क्षेत्र में आगे बढ़ सकें।
कार्यक्रम समन्यक डॉ. बीसी पांडेय ने बताया कि एससीईआरटी उत्तराखंड की ओर से कुमाऊं में यह कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि विज्ञान महोत्सव, विज्ञान मेला, विज्ञान ड्रामा, विज्ञान प्रदर्शनी, इंस्पायर अवार्ड, राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस आदि के माध्यम से बच्चों की प्रतिभा दिखाने को उचित मंच मिलता है।
विज्ञापन
इन कार्यक्रमों के माध्यम से बच्चे अपनी प्रतिभा को स्कूल स्तर से राष्ट्रीय स्तर ले जाते हैं। संदर्भदाता जेपी तिवारी ने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों में मार्गदर्शक शिक्षक की भूमिका अहम होती है।
कार्यशाला में कुमाऊं के छह जिलों से 80 शिक्षक भाग ले रहे हैं। कार्यक्रम में डॉ. हेम जोशी, डीएस जीना, कैलाश चंद्र पांडे, सवित जनौटी, नीरज जोशी, सुरेश नैनवाल, राकेश मिश्रा, डीएस बिष्ट, एएस भंडारी, डॉ. हरीश जोेशी, डॉ. पीसी पंत आदि उपस्थित थे।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि शिक्षक बच्चों के दैनिक जीवन में किए जाने वाले कार्यों के माध्यम से विज्ञान का व्यावहारिक ज्ञान कराएं, ताकि बच्चे में विज्ञान के क्षेत्र में आगे बढ़ सकें।
विज्ञापन
कार्यक्रम समन्यक डॉ. बीसी पांडेय ने बताया कि एससीईआरटी उत्तराखंड की ओर से कुमाऊं में यह कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि विज्ञान महोत्सव, विज्ञान मेला, विज्ञान ड्रामा, विज्ञान प्रदर्शनी, इंस्पायर अवार्ड, राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस आदि के माध्यम से बच्चों की प्रतिभा दिखाने को उचित मंच मिलता है।
विज्ञापन
इन कार्यक्रमों के माध्यम से बच्चे अपनी प्रतिभा को स्कूल स्तर से राष्ट्रीय स्तर ले जाते हैं। संदर्भदाता जेपी तिवारी ने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों में मार्गदर्शक शिक्षक की भूमिका अहम होती है।
कार्यशाला में कुमाऊं के छह जिलों से 80 शिक्षक भाग ले रहे हैं। कार्यक्रम में डॉ. हेम जोशी, डीएस जीना, कैलाश चंद्र पांडे, सवित जनौटी, नीरज जोशी, सुरेश नैनवाल, राकेश मिश्रा, डीएस बिष्ट, एएस भंडारी, डॉ. हरीश जोेशी, डॉ. पीसी पंत आदि उपस्थित थे।