रानीखेत (अल्मोड़ा)। जरूरतमंदों की मदद के लिए वैसे समय कोई निर्धारित नहीं है, यह मदद यदि पाक रमजान के महीने में रोजे के वक़्त की जाय तो इसकी कीमत और बढ़ जाती है। नगर निवासी शेख अमन ने रोजे के दौरान थैलेसीमिया बीमारी से ग्रसित बच्चों की मदद के लिए रक्तदान कर मिसाल कायम की है। गोविंद सिंह मेहरा राजकीय चिकित्सालय के ब्लड बैंक के अजय मेहरा एवं सामाजिक कार्यकर्ता विनीत चौरसिया ने उन्हें जानकारी दी कि थैलेसीमिया बीमारी से पीड़ित बच्चों को रक्त की जरूरत है। उन्हें लगभग हर 2 हफ्ते में खून की जरूरत पड़ती है और अगर उनको खून ना मिले तो उनको जान का भी खतरा हो सकता है, ब्लड बैंक में उचित मात्रा में ब्लड नहीं था। इसलिए नियमित डोनर होने के कारण अमन से संपर्क किया, रोजा होने के बावजूद, अमन ने पीड़ित बच्चों के लिए जरूरत के हिसाब से रक्तदान किया। अमन अपने आप को खुशनसीब मान रहे हैं, उनका कहना है खुदा का शुक्र है कि जरूरतमंदों के लिए उन्हें चुना, इस रमजान के पवित्र महीने में खुदा ने उन्हें इस नेक काम से नवाजा| बताया जा रहा है कि कोरोना वायरस की बीमारी की वजह से रक्तदान करने वालों में काफी गिरावट आई है। जिसकी वजह से उचित मात्रा में ब्लड बैंक में ब्लड उपलब्ध नहीं है। अमन ने लोगों से ज्यादा से ज्यादा रक्त दान करने की अपील की, साथ ही कहा कि रक्तदान करने से किसी भी तरह का खतरा नहीं होता।