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Almora : ल्वेटा गांव के 35 घरों में जोशीमठ की तरह दरारें... चार गिरे, जिलाधिकारी ने एसडीएम को दिए जांच के आदेश
Fri, 28 Feb 2025 07:07 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, अल्मोड़ा
अमर उजाला नेटवर्क, अल्मोड़ा
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Fri, 28 Feb 2025 07:07 AM IST
सार
एक महीने में चार मकान दरारों के कारण गिर गए हैं। करीब 35 मकान बेहद जर्जर हालत में हैं। अनहोनी की आशंका के चलते कई लोग टेंट लगाकर रह रहे हैं। कुछ ग्रामीणों ने रिश्तेदारों के यहां शरण ली है। 15 घरों में लोग जान जोखिम में डालकर रहने को मजबूर हैं।
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- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
अल्मोड़ा जिले के ल्वेटा गांव के मकानों में जोशीमठ (गढ़वाल) की तरह दरारें आ गई हैं। एक महीने में चार मकान दरारों के कारण गिर गए हैं। करीब 35 मकान बेहद जर्जर हालत में हैं। अनहोनी की आशंका के चलते कई लोग टेंट लगाकर रह रहे हैं। कुछ ग्रामीणों ने रिश्तेदारों के यहां शरण ली है। 15 घरों में लोग जान जोखिम में डालकर रहने को मजबूर हैं।
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भैंसियाछाना ब्लाॅक स्थित ल्वेटा के ग्रामीणों ने बृहस्पतिवार को डीएम आलोक कुमार पांडेय से मुलाकात कर गांव की स्थिति से अवगत कराया। बताया कि वर्ष 2010 में भी उनके गांव के कई मकानों में दरारें आई थीं और छह मकान पूरी तरह ध्वस्त हो गए थे। उस समय प्रशासन ने तीन प्रभावित परिवारों को 1.20-1.20 लाख रुपये मुआवजा दिया था।
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अब फिर से गांव के करीब 35 मकानों में दरारें आ गई हैं। भयावह होती स्थिति से गांव की करीब 350 की आबादी के सिर से छत छिनने का खतरा मंडरा रहा है। गांव की पानी की लाइन भी उखड़ गई है।
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ग्रामीण बोले-सुरक्षित भूमि है लेकिन घर बनाने के लिए पैसे नहीं
भाजपा अनुसूचित मोर्चा के मंडल अध्यक्ष संतोष कुमार के नेतृत्व में डीएम से मिले ग्रामीणों ने बताया कि वर्ष 2010 में आपदा प्रबंधन की टीम ने गांव का दौरा किया था। तब उन्होंने गांव के भूस्खलन की जद में होने की बात कही थी। कहा कि उनके पास अन्यत्र मकान बनाने के लिए सुरक्षित भूमि तो है लेकिन भवन निर्माण के लिए पैसा नहीं है।