अल्मोड़ा का टिकट फाइनल करने में भाजपा दुविधा में
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अल्मोड़ा विधानसभा सीट पर भाजपा को प्रत्याशी के चयन में इस बार भी दुविधा का सामना करना पड़ रहा है। पिछले बार पराजित हुए पूर्व विधायक रघुनाथ सिंह चौहान और दूसरे पूर्व विधायक कैलाश शर्मा दोनों इन दिनों दिल्ली में डेरा जमाए हुए हैं। इन दोनों को ही अल्मोड़ा से प्रबल दावेदार माना जा रहा है। बताया गया है कि दोनों में टिकट के लिए काफी जोर आजमाइश चल रही है। कुछ अन्य दावेदार भी अपने आकाओं से संपर्क साध रहे हैं। आगामी दो-तीन दिनों में नामों में अंतिम फैसला होने की संभावना है। इसे देखते हुए सभी दावेदार इन दिनों दिल्ली और देहरादून के चक्कर लगा रहे हैं।
अल्मोड़ा विधानसभा सीट से कैलाश शर्मा भाजपा प्रत्याशी के तौर पर 2002 में विधायक चुने गए थे, लेकिन 2007 में उन्हें पराजय का सामना करना पड़ा। 2012 के चुनावों में पार्टी ने पूर्व विधायक रघुनाथ सिंह चौहान को प्रत्याशी घोषित कर दिया। तब इस सीट से प्रबल दावेदार रहे कैलाश शर्मा बगावत करके निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर मैदान में उतर गए और दोनों को ही हार का मुंह देखना पड़ा। काफी दिनों तक पार्टी से बाहर रहने के बाद कैलाश शर्मा को दोबारा पार्टी में शामिल कर लिया गया और इसके बाद से वह पार्टी की गतिविधियों में सक्रिय हो गए। इस चुनाव में एक बार फिर से कैलाश शर्मा और रघुनाथ सिंह चौहान टिकट के प्रबल दावेदार हैं। हालांकि दोनों के अलावा पूर्व जिलाध्यक्ष गोविंद पिलख्वाल भी लंबे समय से विधानसभा क्षेत्र में संपर्क अभियान में जुटे रहे हैं। साथ ही जिलाध्यक्ष ललित लटवाल, भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष कुंदन लटवाल, ब्लॉक प्रमुख सूरज सिराड़ी ने भी अल्मोड़ा से दावेदारी कर रखी है।
भाजपा सूत्रों के मुताबिक इन दिनों टिकट के लिए मुख्य जोर आजमाइश कैलाश शर्मा और रघुनाथ सिंह चौहान के बीच ही चल रही है। फिलहाल दोनों दावेदार दिल्ली में डेरा डाले हुए हैं। बताया जाता है कि पार्टी इनमें से जिताऊ उम्मीदवार पर दांव लगाना
चाहती है और इसी हिसाब से इन दिनों आकलन चल रहा है। सूत्रों के मुताबिक इन दोनों में से किसी एक को टिकट मिलने की संभावना अधिक है। मतभेद ज्यादा होने पर ही पार्टी कोई अन्य विकल्प पर विचार कर सकती है। इसे देखते हुए अन्य दावेदार भी पार्टी के भीतर अपने करीबी बड़े नेताओं से संपर्क बनाए हुए हैं। इनमें से कई दावेदार लगातार दिल्ली और देहरादून के चक्कर लगा रहे हैं।