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आधार कार्ड बनाने के नाम पर ठगी!
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा।
Updated Tue, 19 Jan 2016 10:16 PM IST
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ग्रामीण क्षेत्रों में आधार कार्ड बनाने के नाम पर ठगी के मामले नहीं थम रहे हैं। ताड़ीखेत विकासखंड के सौनी सहित कई गांवों में दर्जनों लोग इसका शिकार हुए हैं। दरअसल पिछले साल इन ग्रामीणों ने शिविरों में आधार कार्ड बनवाए। एजेंसियों ने कार्ड बनाने के नाम पर 50 से 200 रुपये की धनराशि ऐंठी और ग्रामीणों को पर्ची सौंप दी, लेकिन एक साल बाद भी आधार कार्ड प्राप्त नहीं हुए हैं। इंटरनेट पर अपडेट नहीं होने की सूचना प्राप्त हो रही है। आधार कार्ड नहीं होने से ग्रामीणों के न तो राशन कार्ड बन रहे हैं और ना ही उन्हें रसोई गैस की सब्सीडी मिल रही है।
ताड़ीखेत ब्लॉक में दिव्या, चंपा देवी, कमला देवी, केवलानंद पंत, सूरज उपाध्याय, कैलाश चंद्र कई ऐसे नाम हैं, जिनके साथ आधार कार्ड बनाने के नाम पर ठगी हुई है। कैलाश चंद्र का कहना है कि पिछले साल अप्रेल में गांव में शिविर लगाया गया था, जहां सभी ने आधार कार्ड बनाए। निर्माण एजेंसी ने सभी से 50 से लेकर 200 रुपये तक की धनराशि वसूली। आज तक जब कार्ड बनकर नहीं आए तो उन्होंने इंटरनेट पर सूचना खंगाली। नंबर फीड किया तो अपडेट नहीं होने की सूचनाएं प्राप्त हो रही हैं। ग्रामीण अब दूसरे आधार कार्ड के लिए भी आवेदन नहीं कर सकते हैं। कांग्रेस के रानीखेत जिला महामंत्री अजय बबली ने कहा है कि आधार कार्ड निशुल्क बनाए जाते हैं। निर्माण एजेंसियां यदि इस तरह से ग्रामीणों के साथ छल कर रहे हैं तो प्रशासन को इस पर ध्यान देना चाहिए।
ताड़ीखेत ब्लॉक में दिव्या, चंपा देवी, कमला देवी, केवलानंद पंत, सूरज उपाध्याय, कैलाश चंद्र कई ऐसे नाम हैं, जिनके साथ आधार कार्ड बनाने के नाम पर ठगी हुई है। कैलाश चंद्र का कहना है कि पिछले साल अप्रेल में गांव में शिविर लगाया गया था, जहां सभी ने आधार कार्ड बनाए। निर्माण एजेंसी ने सभी से 50 से लेकर 200 रुपये तक की धनराशि वसूली। आज तक जब कार्ड बनकर नहीं आए तो उन्होंने इंटरनेट पर सूचना खंगाली। नंबर फीड किया तो अपडेट नहीं होने की सूचनाएं प्राप्त हो रही हैं। ग्रामीण अब दूसरे आधार कार्ड के लिए भी आवेदन नहीं कर सकते हैं। कांग्रेस के रानीखेत जिला महामंत्री अजय बबली ने कहा है कि आधार कार्ड निशुल्क बनाए जाते हैं। निर्माण एजेंसियां यदि इस तरह से ग्रामीणों के साथ छल कर रहे हैं तो प्रशासन को इस पर ध्यान देना चाहिए।
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