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Almora News: मोबाइल और पर्स छीनकर भागने के आरोपी दोष मुक्त
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अल्मोड़ा। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट दया राम की अदालत ने मोबाइल और पर्स छीनकर भागने के आरोपियों को दोष मुक्त करार दिया है। मामले के अनुसार 17 सितंबर 2023 को कोतवाली अल्मोड़ा में हेम चंद्र जोशी ने तहरीर दी थी।
बताया कि 16 सितंबर को वह अपने किराये के मकान में निचली मंजिल में सोया हुआ था। रात को लगभग 10:45 बजे एक अज्ञात व्यक्ति ने उसके कमरे का दरवाजा खटखटाया और मदद करने को कहने लगा। दरवाजा खोलने पर उसे कमरे के बाहर एक व्यक्ति खड़ा दिखाई दिया। इस दौरान वह कहने लगा कि अपना कीमती सामान चुपचाप हमें दे दो नहीं तो तुम्हारा बहुत बुरा होगा। विरोध करने पर उसका मोबाइल और पेंट के जेब से पर्स छीनकर भाग निकला। पुलिस ने तहरीर के आधार पर अज्ञात के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 392 और 457 के तहत केस दर्ज किया। पुलिस ने मामले की जांच की। पुलिस जांच में अवधेश टम्टा, अंशुल कुमार और आलोक कुमार उर्फ अक्कू के नाम सामने आए।
पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 392, 411, 457 और सपठित धारा 34 के तहत आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। तब से यह मामला न्यायालय में चल रहा था। इस पर मंगलवार को फैसला आया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट दया राम की अदालत ने सभी पक्षों, गवाहों को सुनने और साक्ष्यों का परिशीलन करने के बाद तीनों आरोपियों को दोष मुक्त करार दिया। संवाद
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बताया कि 16 सितंबर को वह अपने किराये के मकान में निचली मंजिल में सोया हुआ था। रात को लगभग 10:45 बजे एक अज्ञात व्यक्ति ने उसके कमरे का दरवाजा खटखटाया और मदद करने को कहने लगा। दरवाजा खोलने पर उसे कमरे के बाहर एक व्यक्ति खड़ा दिखाई दिया। इस दौरान वह कहने लगा कि अपना कीमती सामान चुपचाप हमें दे दो नहीं तो तुम्हारा बहुत बुरा होगा। विरोध करने पर उसका मोबाइल और पेंट के जेब से पर्स छीनकर भाग निकला। पुलिस ने तहरीर के आधार पर अज्ञात के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 392 और 457 के तहत केस दर्ज किया। पुलिस ने मामले की जांच की। पुलिस जांच में अवधेश टम्टा, अंशुल कुमार और आलोक कुमार उर्फ अक्कू के नाम सामने आए।
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पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 392, 411, 457 और सपठित धारा 34 के तहत आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। तब से यह मामला न्यायालय में चल रहा था। इस पर मंगलवार को फैसला आया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट दया राम की अदालत ने सभी पक्षों, गवाहों को सुनने और साक्ष्यों का परिशीलन करने के बाद तीनों आरोपियों को दोष मुक्त करार दिया। संवाद
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