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पांडवलीला में उमड़ रही लोगों की भीड़
ब्यूरो /अमर उजाला, चौखुटिया (अल्मोड़ा)।
Updated Mon, 07 Dec 2015 11:58 PM IST
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चौखुटिया के भनोटिया से लगे चमोली के सुदरवर्ती क्षेत्र कुनीगाड़ में पिछले पंद्रह दिनों से चल रही पांडव लीला में लोग दूर-दूर से पहुंच रहे हैं। कड़ाके की ठंड के बावजूद ग्रामीण देर रात तक लीला का आनंद ले रहे हैं। डिप्टीस्पीकर अनुसूइया प्रसाद मैखूरी ने भी मंचन स्थल पर पहुंचकर कलाकारों का उत्साह बढ़ाया।
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चौखुटिया के भनोटिया से लगे कुनीगाड़ में पिछले पंद्रह दिनों से हो रही पांडवलीला में भारी भीड़ उमड रही है। क्षेत्र के कर्णप्रयाग क्षेत्र के विधायक और डिप्टी स्पीकर अनुसूइया प्रसाद मैखूरी ने मंचन स्थल पर पहुंचकर कलाकारों का उत्साह बढ़ाया। उन्होंने काफी देर तक कार्यक्रम का आनंद लिया।
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इस मौके पर आयोजन समिति के अध्यक्ष देवसिंह रावत, ब्लाक प्रमुख सुमती बिष्ट, खीड़ा क्षेत्र के जिला पंचायत सदस्य गजेंद्र नेगी सहित तमाम जनप्रतिनिधि आदि मौजूद थे। संचालन लीलाधर जोशी ने किया। पिछले पंद्रह दिनों से चल रही पांडवलीला का समापन 9 दिसंबर को होगा। लीला के समापन पर होने वाले मेले में भी लोग भारी संख्या में पहुंचते हैं।
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कुनीगाड़ में हो रही पांडवलीला में कुल चौबीस पात्र हैं। जिनमें महिला पात्रों की भूमिका महिलाएं ही निभा रही हैं। अभिनय के प्रति महिलाओं का उत्साह और समर्पण हर किसी को मंत्रमुग्ध कर रहा है।
महाभारत के महिला पात्रों में कुंती की भूमिका राजवती देवी, द्रोपती महेश्वरी देवी, बसंता चंपा देवी, नागार्जुनी हेमा देवी, फुलारी सुमती देवी और सुनालोहरनी की भूमिका दीपा देवी निभा रही हैं। अपनी भूमिका बखूबी निभा रही ग्रामीण महिलाओं के अभिनय से हर कोई प्रभावित है।
पांडवलीला के मंचन के लिए एक विशाल मंच बनाया गया है। आयोजन में किसी तरह की पुस्तक आदि का सहारा भी नहीं लिया जा रहा है। मंच के चारों ओर विद्युत व्यवस्था की गई है। लीला प्रतिदिन करीब आठ बजे शुरू होकर देर रात बारह बजे तक हो रही है।
पांडवलीला के दौरान पांडव बने पात्र अपनी वेशभूषा में पहले से तय घर में जाकर भोजन कर आशीर्वाद देते हैं। इस दौरान नृत्य आदि भी किया जाता है। लोगों में पांडवों को भोजन कराकर आशीर्वाद लेने की भी होड़ मची रहती है।