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विकुज डेवलपर्स के अवैध कब्जे को प्रशासन ने मुक्त कराया
Almora
Updated Tue, 17 Dec 2013 05:48 AM IST
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रानीखेत। चौकुनी में विकुज डेवलपर्स द्वारा अवैध रूप से कब्जाई गई वन पंचायत की भूमि और ग्रामीणों के खेतों को जाने वाले रास्तों में की गई तारबाड़ को प्रशासन और वन विभाग के कर्मचारियों ने हटाना शुरू कर दिया है। डेवलपर्स पर आरोप है कि फ्लैट बनाने के नाम पर खरीदी गई भूमि के अलावा वह ग्रामीणों पर और जमीन बेचने का दबाव डाल रहे हैं। साथ ही नाप और बेनाप भूमि से 51 पेड़ों का अवैध कटान भी किया गया है। ग्रामीणों की शिकायत के बाद प्रशासन की नींद खुली। जांच में वन पंचायत की10 नाली भूमि पर अवैध कब्जे की पुष्टि हुई थी।
सोमवार की सुबह संयुक्त मजिस्ट्रेट रवि झा के नेतृत्व में कानूनगो अर्जुन लाल टम्टा, अन्य राजस्व कर्मी और वन कर्मी मौके पर पहुंचे। वहां डैेवलपर्स द्वारा वन पंचायत की भूमि पर घेराबंदी के लिए किए गए तारबाड़ को हटाने का काम शुरू किया। डेवलपर्स द्वारा 10 नाली भूमि पर अवैध कब्जे की पुष्टि हुई है। कानूनगो अर्जुन लाल टम्टा के दिशा निर्देशों पर राजस्व और वन कर्मियों ने ताराबाड़ हटा दी और अवैध भूमि पर फ्लैट निर्माण के लिए की गई घेराबंदी तोड़ दी। खेतों में जाने वाले रास्तों से भी तारबाड़ हटाई गई। कानूनगो ने बताया कि कई ग्रामीणों ने जमीन नहीं बेची थी, लेकिन उस पर भी घेराबंदी हुई है, उसे भी मुक्त करा दिया है। वन पंचायत की भूमि सरपंच चंदन सिंह ऐरड़ा के सुपुर्द की गई है। पेड़ों के अवैध कटान के मामले में मंगलवार को सूची वन विभाग को सौंपी जाएगी, इसके बाद ही चालान की कार्रवाई की जाएगी। संयुक्त मजिस्ट्रेट भी चौकुनी पहुंचे उन्होंने कर्मचारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
सोमवार की सुबह संयुक्त मजिस्ट्रेट रवि झा के नेतृत्व में कानूनगो अर्जुन लाल टम्टा, अन्य राजस्व कर्मी और वन कर्मी मौके पर पहुंचे। वहां डैेवलपर्स द्वारा वन पंचायत की भूमि पर घेराबंदी के लिए किए गए तारबाड़ को हटाने का काम शुरू किया। डेवलपर्स द्वारा 10 नाली भूमि पर अवैध कब्जे की पुष्टि हुई है। कानूनगो अर्जुन लाल टम्टा के दिशा निर्देशों पर राजस्व और वन कर्मियों ने ताराबाड़ हटा दी और अवैध भूमि पर फ्लैट निर्माण के लिए की गई घेराबंदी तोड़ दी। खेतों में जाने वाले रास्तों से भी तारबाड़ हटाई गई। कानूनगो ने बताया कि कई ग्रामीणों ने जमीन नहीं बेची थी, लेकिन उस पर भी घेराबंदी हुई है, उसे भी मुक्त करा दिया है। वन पंचायत की भूमि सरपंच चंदन सिंह ऐरड़ा के सुपुर्द की गई है। पेड़ों के अवैध कटान के मामले में मंगलवार को सूची वन विभाग को सौंपी जाएगी, इसके बाद ही चालान की कार्रवाई की जाएगी। संयुक्त मजिस्ट्रेट भी चौकुनी पहुंचे उन्होंने कर्मचारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
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