{"_id":"113-68690","slug":"Almora-68690-113","type":"story","status":"publish","title_hn":"घंटी चोरी का खुलासा नहीं होने से भड़के ग्रामीण ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
घंटी चोरी का खुलासा नहीं होने से भड़के ग्रामीण
Almora
Updated Mon, 16 Dec 2013 05:51 AM IST
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रानीखेत। ताड़ीखेत विकासखंड के सुदूरवर्ती चापड़ के प्रसिद्ध गोलू मंदिर में तीन सौ घंटियों की चोरी के मामला का आज तक खुलासा नहीं हो सका है। जिस कारण ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ रहा है। दूसरी तरफ ग्रामीण हिड़ाम-रिची-चापड़ मार्ग का सुधारीकरण नहीं होने से भी नाराज हैं। इसके खिलाफ एकजुट होकर संघर्ष करने का संकल्प जताया है।
सामाजिक कार्यकर्ता दीपक जोशी का कहना है कि गत माह 19 नवंबर को चापड़ गोलू मंदिर से चोरों ने तीन सौ से अधिक घंटियां चुरा ली थी। ग्रामीणों ने राजस्व पुलिस में प्राथमिकी दर्ज कराई, लेकिन इस चोरी का आज तक खुलासा नहीं हो सका है। ग्रामीणों का कहना है कि जब भगवान के मंदिर ही सुरक्षित नहीं हैं तो आम नागरिकों की क्या विसात। चोरों का पता नहीं लग पाना पुलिस प्रशासन की नाकामी को उजागर कर रहा है।
दूसरी तरफ चापड़-हिड़ाम 30 किमी मोटर मार्ग का निर्माण कार्य पूरा नहीं होने से भी ग्रामीण आक्रोशित हैं। लोगों का कहना है कि इस मार्ग से चापड़, बलियाली सहित दर्जनों गांव जुड़ते हैं, लेकिन सालों बाद डामरीकरण तो दूर सोलिंग कार्य तक नहीं किया गया है। लोनिवि इस मामले में उदासीन बना हुआ है। सड़क की चौड़ाई कम होने से आए दिन दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है।
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सामाजिक कार्यकर्ता दीपक जोशी का कहना है कि गत माह 19 नवंबर को चापड़ गोलू मंदिर से चोरों ने तीन सौ से अधिक घंटियां चुरा ली थी। ग्रामीणों ने राजस्व पुलिस में प्राथमिकी दर्ज कराई, लेकिन इस चोरी का आज तक खुलासा नहीं हो सका है। ग्रामीणों का कहना है कि जब भगवान के मंदिर ही सुरक्षित नहीं हैं तो आम नागरिकों की क्या विसात। चोरों का पता नहीं लग पाना पुलिस प्रशासन की नाकामी को उजागर कर रहा है।
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दूसरी तरफ चापड़-हिड़ाम 30 किमी मोटर मार्ग का निर्माण कार्य पूरा नहीं होने से भी ग्रामीण आक्रोशित हैं। लोगों का कहना है कि इस मार्ग से चापड़, बलियाली सहित दर्जनों गांव जुड़ते हैं, लेकिन सालों बाद डामरीकरण तो दूर सोलिंग कार्य तक नहीं किया गया है। लोनिवि इस मामले में उदासीन बना हुआ है। सड़क की चौड़ाई कम होने से आए दिन दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है।
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