{"_id":"113-68686","slug":"Almora-68686-113","type":"story","status":"publish","title_hn":"अन्ना के समर्थन में जनतंत्र मोर्चा का उपवास ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अन्ना के समर्थन में जनतंत्र मोर्चा का उपवास
Almora
Updated Mon, 16 Dec 2013 05:51 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अल्मोड़ा। प्रसिद्ध समाजसेवी अन्ना हजारे के जन लोकपाल बिल को संसद में पारित किए जाने की मांग को लेकर चल रहे अनशन के समर्थन में जनतंत्र मोर्चा शाखा इकाई के सदस्यों ने रविवार को अल्मोड़ा गांधी पार्क में उपवास और धरना दिया। कई लोगों ने आंदोलन को समर्थन जताया।
धरना स्थल पर वक्ताओं ने कहा कि केंद्र सरकार को जल्द से जल्द अन्ना हजारे द्वारा प्रस्तावित जन लोकपाल बिल पारित करना चाहिए। देश को सच्चे और व्यवहारिक लोकपाल बिल की जरुरत है। कार्यक्रम संयोजक डा. रमेश लोहुमी ने कहा कि लोकतंत्र के सुदृढ़ीकरण के लिए जन लोकपाल बिल लागू होना जरूरी है। अल्मोड़ा नगरवासियों का भी इसके लिए काफी समर्थन मिल रहा है।
डा. निर्मल कुमार पंत ने जनभावना के अनुरूप जन लोकपल बिल पारित करने की मांग उठाई। राजेंद्र भट्ट, रमेश चंद्र पांडे, विनोद कर्नाटक ने भी विचार रखे। उपवास और धरने में अजय कुमार पांडे, दिनेश चंद्र तिवारी, किसन सिंह रावत, पूर्णानद शर्मा, संजय कुमार, रमेश चंद्र मिश्र, नवीन चंद्र पाठक, पीसी तिवारी, चैतन्य, प्यारे लाल, एनबी बुधानी, दरबान सिंह नयाल, आनंद कुमार भारती, खीम सिंह नेगी, दीपक मनराल, देवेंद्र सिंह, आशीष जोशी, सुरभि जोशी, गोकुल सिंह मेहता, कुंदन सिंह कोरंगा, मदन सिंह भंडारी, जगदीश चंद्र पांडे, राजेंद्र प्रसाद पंत, भुवन चंद्र लोहनी आदि ने भाग लिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
धरना स्थल पर वक्ताओं ने कहा कि केंद्र सरकार को जल्द से जल्द अन्ना हजारे द्वारा प्रस्तावित जन लोकपाल बिल पारित करना चाहिए। देश को सच्चे और व्यवहारिक लोकपाल बिल की जरुरत है। कार्यक्रम संयोजक डा. रमेश लोहुमी ने कहा कि लोकतंत्र के सुदृढ़ीकरण के लिए जन लोकपाल बिल लागू होना जरूरी है। अल्मोड़ा नगरवासियों का भी इसके लिए काफी समर्थन मिल रहा है।
विज्ञापन
डा. निर्मल कुमार पंत ने जनभावना के अनुरूप जन लोकपल बिल पारित करने की मांग उठाई। राजेंद्र भट्ट, रमेश चंद्र पांडे, विनोद कर्नाटक ने भी विचार रखे। उपवास और धरने में अजय कुमार पांडे, दिनेश चंद्र तिवारी, किसन सिंह रावत, पूर्णानद शर्मा, संजय कुमार, रमेश चंद्र मिश्र, नवीन चंद्र पाठक, पीसी तिवारी, चैतन्य, प्यारे लाल, एनबी बुधानी, दरबान सिंह नयाल, आनंद कुमार भारती, खीम सिंह नेगी, दीपक मनराल, देवेंद्र सिंह, आशीष जोशी, सुरभि जोशी, गोकुल सिंह मेहता, कुंदन सिंह कोरंगा, मदन सिंह भंडारी, जगदीश चंद्र पांडे, राजेंद्र प्रसाद पंत, भुवन चंद्र लोहनी आदि ने भाग लिया।
विज्ञापन