{"_id":"113-68089","slug":"Almora-68089-113","type":"story","status":"publish","title_hn":"चेक बाउमस होने पर निदेशक और सीईओ को कैद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चेक बाउमस होने पर निदेशक और सीईओ को कैद
Almora
Updated Sat, 07 Dec 2013 05:47 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अल्मोड़ा। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मो. सुल्तान ने चेक बाउंस होने पर धारा 138 एनआई एक्ट में इन्फ्यूजन कालेज आफ साइंस एंड टेक्नोलाजी अमरावती कालोनी मल्ली बमोरी हल्द्वानी के निदेशक आदर्श जोशी और सीईओ आलोक जोशी को एक-एक वर्ष के साधारण कारावास और तीन-तीन लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माने की धनराशि में से पांच लाख रुपये प्रतिवादी को प्रतिकर के रूप में अदा करने के आदेश दिए हैं। दोनों आरोपी सगे भाई हैं।
अल्मोड़ा जिले के मेहला (पातलीबगड़) निवासी पार्वती जोशी पत्नी स्व. एचडी जोशी ने इन्फ्यूजन कालेज आफ साइंस एंड टेक्नोलाजी अमरावती कालोनी मल्ली बमोली हल्द्वानी के निदेशक आदर्श जोशी और सीईओ आलोक जोशी पुत्रगण केसी जोशी पर उनके साथ धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया था। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के यहां 25 अक्तूबर 2010 को दर्ज कराए अभियोग में पार्वती जोशी ने कहा था कि संस्था के दोनों पदाधिकारियों ने संस्थान में पाटर्नर बनाने के एवज में उनसे चेकों के माध्यम से 5.45 लाख रुपए लिए। पाटर्नर बनने पर प्रतिमाह 15 हजार रुपये लाभांश देने की बात कही। परंतु धनराशि लेने के बाद भी उन्हें न तो पाटर्नर बनाया और न ही तय लाभांश दिया गया। जब उन्होंने पैसे लौटाने को कहा तो टालमटोल करने लगे। 26 अगस्त 2010 को संस्थान के नैनीताल बैंक हल्द्वानी खाते का चार लाख रुपये का चेक उन्हें दिया गया, जो कि बाउंस हो गया।
पार्वती जोशी ने 25 सितंबर 2010 को दोनों को नोटिस दिया। पर उन्हें धनराशि नहीं लौटाई गई तो पार्वती जोशी ने 25 अक्तूबर 2010 को सीजेएम न्यायालय में दोनों के खिलाफ धारा 138 एनआई एक्ट (परक्राम लिखत अधिनियम) में अभियोग दर्ज कराया। अभियोगी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता हीरा बल्लभ नैनवाल और भाष्कर पांडे ने न्यायालय में तीन गवाह परीक्षित कराए। आरोपियों पर धारा 138 एनआई एक्ट में दोष सिद्ध हुआ। न्यायालय ने दोनों आरोपियों को एक-एक वर्ष का साधारण कारावास और तीन-तीन लाख जुर्माने की सजा सुनाई है। न्यायालय ने जुर्माने की धनराशि में से पांच लाख रुपये परिवादी को प्रतिकर के रूप में अदा करने के भी आदेश दिए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
अल्मोड़ा जिले के मेहला (पातलीबगड़) निवासी पार्वती जोशी पत्नी स्व. एचडी जोशी ने इन्फ्यूजन कालेज आफ साइंस एंड टेक्नोलाजी अमरावती कालोनी मल्ली बमोली हल्द्वानी के निदेशक आदर्श जोशी और सीईओ आलोक जोशी पुत्रगण केसी जोशी पर उनके साथ धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया था। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के यहां 25 अक्तूबर 2010 को दर्ज कराए अभियोग में पार्वती जोशी ने कहा था कि संस्था के दोनों पदाधिकारियों ने संस्थान में पाटर्नर बनाने के एवज में उनसे चेकों के माध्यम से 5.45 लाख रुपए लिए। पाटर्नर बनने पर प्रतिमाह 15 हजार रुपये लाभांश देने की बात कही। परंतु धनराशि लेने के बाद भी उन्हें न तो पाटर्नर बनाया और न ही तय लाभांश दिया गया। जब उन्होंने पैसे लौटाने को कहा तो टालमटोल करने लगे। 26 अगस्त 2010 को संस्थान के नैनीताल बैंक हल्द्वानी खाते का चार लाख रुपये का चेक उन्हें दिया गया, जो कि बाउंस हो गया।
विज्ञापन
पार्वती जोशी ने 25 सितंबर 2010 को दोनों को नोटिस दिया। पर उन्हें धनराशि नहीं लौटाई गई तो पार्वती जोशी ने 25 अक्तूबर 2010 को सीजेएम न्यायालय में दोनों के खिलाफ धारा 138 एनआई एक्ट (परक्राम लिखत अधिनियम) में अभियोग दर्ज कराया। अभियोगी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता हीरा बल्लभ नैनवाल और भाष्कर पांडे ने न्यायालय में तीन गवाह परीक्षित कराए। आरोपियों पर धारा 138 एनआई एक्ट में दोष सिद्ध हुआ। न्यायालय ने दोनों आरोपियों को एक-एक वर्ष का साधारण कारावास और तीन-तीन लाख जुर्माने की सजा सुनाई है। न्यायालय ने जुर्माने की धनराशि में से पांच लाख रुपये परिवादी को प्रतिकर के रूप में अदा करने के भी आदेश दिए हैं।
विज्ञापन