{"_id":"31450","slug":"Almora-31450-113","type":"story","status":"publish","title_hn":"निरंकारी मिशन के तत्वावधान में संत समागम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
निरंकारी मिशन के तत्वावधान में संत समागम
Almora
Updated Mon, 14 May 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
अल्मोड़ा। निरंकारी बाबा हरदेव सिंह महाराज ने कहा है कि सद्गुरु के बताए मार्ग पर चलकर ही मनुष्य उन्नति कर सकता है। सद्गुरु व्यक्ति को सही मार्ग पर चलने की सीख देते हैं। महापुरुषों की वाणी, संदेश व्यक्ति को अपने जीवन में उतारने चाहिए। उन्होंने कहा कि विनम्रता और प्रेम मनुष्य को महान बनाते हैं। अहंकारी मनुष्य का पतन निश्चित है। बाबा हरदेव सिंह महाराज निरंकारी मिशन के तत्वावधान में रैमजे प्रांगण में हुए संत समागम को संबोधित कर रहे थे।
महापुरुषों के संदेश मनुष्य के लिए हैं। महापुरुषों की वाणी, संदेशों को अपनाकर व्यक्ति उन्नति के पथ पर अग्रसर होता है। गलत आचरण, घृणा तथा नफरत से मनुष्य पतन के मार्ग को जाता है। धार्मिक पाखंड मनुष्य को हैवान बनाने का माध्यम बन गया है। सद्गुरु ही मनुष्य को सत्मार्ग पर चलना तथा उसके भीतर की दुर्भावना समाप्त कर आपस में प्रेम करना सिखाते हैं। सांसों का चलना ही जीवन नहीं है। अपितु सद्मार्ग पर चलने से जीवन सफल हो जाता है।
निरंकारी बाबा ने कहा कि ऊंचे कुल तथा संपन्न परिवार में जन्म लेने से व्यक्ति महान नहीं बनता अपितु इसके लिए अच्छे कर्म करना जरूरी है। विनम्रता मनुष्य को शिखर तक ले जाती है। व्यक्ति को जाति, धन संपत्ति, रुप रंग, वेशभूषा, ताकत, संपन्नता का अहंकार नहीं करना चाहिए। भगवान को भी अहंकार नहीं बल्कि विनम्रता प्रिय है। इस मौके पर मिशन से जुड़े सदस्यों ने भजन भी गाए। संत समागम में जिले के अलावा निरंकारी मिशन से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों से आए लोगों ने भाग लिया। इससे पूर्व कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने पर नगरवासियों की ओर से पालिकाध्यक्ष शोभा जोशी ने महाराज का स्वागत किया। व्यवस्था बनाने में खजान मिश्रा, राम प्रकाश निरंकारी, नीलू चावला, दलीप बत्रा, आरबी तिवारी के अलावा सेवादल के सदस्यों ने सहयोग दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
महापुरुषों के संदेश मनुष्य के लिए हैं। महापुरुषों की वाणी, संदेशों को अपनाकर व्यक्ति उन्नति के पथ पर अग्रसर होता है। गलत आचरण, घृणा तथा नफरत से मनुष्य पतन के मार्ग को जाता है। धार्मिक पाखंड मनुष्य को हैवान बनाने का माध्यम बन गया है। सद्गुरु ही मनुष्य को सत्मार्ग पर चलना तथा उसके भीतर की दुर्भावना समाप्त कर आपस में प्रेम करना सिखाते हैं। सांसों का चलना ही जीवन नहीं है। अपितु सद्मार्ग पर चलने से जीवन सफल हो जाता है।
विज्ञापन
निरंकारी बाबा ने कहा कि ऊंचे कुल तथा संपन्न परिवार में जन्म लेने से व्यक्ति महान नहीं बनता अपितु इसके लिए अच्छे कर्म करना जरूरी है। विनम्रता मनुष्य को शिखर तक ले जाती है। व्यक्ति को जाति, धन संपत्ति, रुप रंग, वेशभूषा, ताकत, संपन्नता का अहंकार नहीं करना चाहिए। भगवान को भी अहंकार नहीं बल्कि विनम्रता प्रिय है। इस मौके पर मिशन से जुड़े सदस्यों ने भजन भी गाए। संत समागम में जिले के अलावा निरंकारी मिशन से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों से आए लोगों ने भाग लिया। इससे पूर्व कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने पर नगरवासियों की ओर से पालिकाध्यक्ष शोभा जोशी ने महाराज का स्वागत किया। व्यवस्था बनाने में खजान मिश्रा, राम प्रकाश निरंकारी, नीलू चावला, दलीप बत्रा, आरबी तिवारी के अलावा सेवादल के सदस्यों ने सहयोग दिया।
विज्ञापन