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प्राकृतिक स्रोतों से पानी लाकर गुजारा कर रहे ग्रामीण
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अल्मोड़ा। गर्मी के सीजन में पेयजल संकट बढ़ता जा रहा है। ग्रामीण इलाकों में दूर दराज स्थित प्राकृतिक जलस्रोतों से पानी लाकर लोग गुजारा कर रहे हैं। प्रशासन और जल संस्थान लोगों को पर्याप्त पानी की आपूर्ति नहीं कर पा रहा है। नगर क्षेत्र के कई मोहल्लों में भी एक दिन छोड़कर पानी मिल रहा है।
डोल, सिराड़, सल्ला रौतेला, चगेठी, बल्टा, चितई, सोमेश्वर, लोधिया, धूरा तोक, भटखोला आदि गांवों में पेयजल का संकट बना हुआ है। लमगड़ा ब्लॉक की ग्राम पंचायत भटखोला में पिछले छह माह से पानी की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। ग्रामीणों ने बताया कि पीएमजीएसवाई सिंचाई खंड द्वारा टाटिक-तल्ला तोली सड़क का निर्माण किया जा रहा है। जिसके मलबे से गांव के लिए करीब 10 किमी दूर गधेरे से बनाई गई पेयजल योजना क्षतिग्रस्त हो गई है। जिसका खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है। ग्रामीण एक से डेढ़ किमी दूर स्थित स्रोतों से पानी लाकर गुजारा कर रहे हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि पेयजल योजना दुरुस्त करने की मांग पीएमजीएसवाई और जल संस्थान के उच्चाधिकारियों से कई बार की जा चुकी है, पर योजना को दुरुस्त नहीं किया जा रहा है। यदि जल्द पेयजल योजना दुरुस्त नहीं की गई तो ग्रामीण आंदोलन को बाध्य होंगे।
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डोल, सिराड़, सल्ला रौतेला, चगेठी, बल्टा, चितई, सोमेश्वर, लोधिया, धूरा तोक, भटखोला आदि गांवों में पेयजल का संकट बना हुआ है। लमगड़ा ब्लॉक की ग्राम पंचायत भटखोला में पिछले छह माह से पानी की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। ग्रामीणों ने बताया कि पीएमजीएसवाई सिंचाई खंड द्वारा टाटिक-तल्ला तोली सड़क का निर्माण किया जा रहा है। जिसके मलबे से गांव के लिए करीब 10 किमी दूर गधेरे से बनाई गई पेयजल योजना क्षतिग्रस्त हो गई है। जिसका खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है। ग्रामीण एक से डेढ़ किमी दूर स्थित स्रोतों से पानी लाकर गुजारा कर रहे हैं।
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ग्रामीणों ने बताया कि पेयजल योजना दुरुस्त करने की मांग पीएमजीएसवाई और जल संस्थान के उच्चाधिकारियों से कई बार की जा चुकी है, पर योजना को दुरुस्त नहीं किया जा रहा है। यदि जल्द पेयजल योजना दुरुस्त नहीं की गई तो ग्रामीण आंदोलन को बाध्य होंगे।
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